‘डफरीन’ अग्निकांड में मृत नवजातों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये सहायता
सीएम फडणवीस ने दिए उच्चस्तरीय जांच के आदेश, घायलों का इलाज सरकारी खर्च पर

* स्वास्थ्य मंत्री और स्वास्थ्य सचिव को तत्काल अमरावती भेजा
अमरावती/मुंबई/दि.24 – अमरावती के जिला स्त्री अस्पताल यानी डफरीन अस्पताल के नवजात शिशु अतिदक्षता विभाग (एनआयसीयू) में सोमवार तड़के लगी भीषण आग में तीन नवजात बच्चों की मौत के बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने गहरा दुःख व्यक्त करते हुए उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं. मुख्यमंत्री ने घटना को अत्यंत दुःखद और हृदयविदारक बताते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है. मुख्यमंत्री फडणवीस ने घोषणा की है कि हादसे में जान गंवाने वाले तीनों नवजात बच्चों के परिवारों को राज्य सरकार की ओर से 5-5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी. साथ ही प्रभावित परिवारों को प्रशासनिक स्तर पर आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा. साथ ही मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अमरावती के जिलाधिकारी आशीष येरेकर को निर्देश दिए हैं कि हादसे में घायल बच्चों के उपचार में किसी प्रकार की बाधा नहीं आनी चाहिए. जिन बच्चों को अन्य अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, उनके इलाज का पूरा खर्च राज्य सरकार वहन करेगी.
डफरीन अस्पताल में घटित अग्निकांड की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री फडणवीस ने अपना संदेश जारी करते हुए कहा कि, अमरावती के जिला स्त्री अस्पताल में लगी आग में तीन मासूम बच्चों की मृत्यु की घटना बेहद पीड़ादायक है और राज्य सरकार शोकाकुल परिवारों के साथ खड़ी है. उन्होंने मृत बच्चों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि इस कठिन समय में सरकार हरसंभव सहायता प्रदान करेगी. इसके साथ ही मुख्यमंत्री फडणवीस ने स्वास्थ्य प्रशासन को पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच करने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने कहा कि आग लगने के वास्तविक कारणों का पता लगाया जाएगा और यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही या सुरक्षा मानकों की अनदेखी सामने आती है तो संबंधित दोषियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाएगी. इसके अलावा मुख्यमंत्री फडणवीस ने स्वास्थ्य मंत्री और स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को तत्काल अमरावती पहुंचकर स्थिति का जायजा लेने तथा जांच प्रक्रिया की निगरानी करने के निर्देश भी दिए हैं.
* 36 बच्चों को सुरक्षित बचाया गया
मुख्यमंत्री ने राहत और बचाव कार्य में शामिल डॉक्टरों, नर्सों और अस्पताल कर्मचारियों की तत्परता की सराहना करते हुए कहा कि इस घटना में 36 नवजात बच्चों को सुरक्षित बचा लिया गया, जो राहत की बात है. उन्होंने कहा कि संकट की घड़ी में चिकित्सा कर्मियों ने तेजी से कार्रवाई कर कई मासूम जिंदगियों को बचाने का कार्य किया.





