20 करोड का दवा बिजनेस ठप

जिले में 12- 15 हजार परिवारों का आधार

* सूना रहा दवा बाजार, इमरजेंसी की 30 कॉल, उपलब्ध करवाई गई सलाइन और औषधियां
अमरावती/दि.20 – राष्ट्रव्यापी दवा हडताल के कारण अमरावती में भी मोटे तौर पर 20 करोड का दवा कारोबार आज लगभग ठप रहा. आपात सेवा के लिए दिए गये नंबर्स पर समाचार लिखे जाने तक 30 से अधिक कॉल आयी थी और उसमें तसदीक कर संबंधित अस्पताल में जरूरी सलाइन और औषधियां, इंजेक्टेबल उपलब्ध करवाए जाने की जानकारी केमिस्ट असो. के पदाधिकारियों ने अमरावती मंडल को दी. उन्होंने हडताल पूरी तरह कामयाब रहने का दावा कर जिले के सभी गांवों, नगरों में भी आपात सेवा को छोडकर एक भी दवा दुकान आज शुरू नहीं रहने की जानकारी दी.
2630 सभासद हडताल में
आज की हडताल में केमिस्ट असो. अमरावती जिला के सभी 2630 सभासदों ने एक्टीव सहभाग किया. इससे मोटे तौर पर सर्जिकल, इंजेक्टेबल , टीके, दवाईयां, सलाइन सभी मिलाकर करीब 20 करोड का बिजनेस ठप होने का दावा जानकारों ने अमरावती मंडल से चर्चा दौरान किया. उल्लेखनीय है कि आज की हडताल ऑनलाइन दवा विक्री के विरोध में रखी गई थी. जो पूरी तरह सफल रही. असो. के अतिरिक्त जो दवा व्यापारी अर्थात कंपनी हैं, केवल उन्हीं के शॉप आज खुले रहे. उनमें मेडप्लस, दवा इंडिया जैसे कंपनियों का समावेश रहा है. इन कंपनियों के शॉप का आज सेल बढ गया था.
12- 15 हजार परिवार सीधे जुडे
अमरावती जिले में दवा कारोबार से 12 से 15 हजार परिवार सीधे तौर पर जुडे हैं. 2630 दवा विक्रेता केमिस्ट असो के पंजीकृत सभासद है. इसके अलावा प्रत्येक दवा दुकान में 2-4 सहयोगी होते ह््ैं. रजिस्टर्ड फार्मासिस्ट होते हैं. एजेंसी अर्थात थोक दवा विक्रेता यहां दर्जनों सहयोगी होते हैं. यह सब मिलाकर 12-15 हजार परिवार अमरावती में औषधी कारोबार से जुडे हैं. फलस्वरूप आज एक की हडताल से ही करोडों का बिजनेस जहां ठप रहा वहीं दुकानों, एजेंसियों में सहयोग करनेवाले भी कामकाज से परे रहे.
दर्जनों कॉल, लोगों ने किया परेशान
केमिस्ट असो. ने आपात स्थिति में सभी प्रकार की जीवन रक्षक दवाइयां, सलाइन, सर्जिकल की सेवा उपलब्ध करवा रखी थी. इसके लिए पदाधिकारियों के नंबर जारी किए गये थे. इन नंबरों पर सबेरे 5 बजे से ही दवा के लिए कॉल आने की जानकारी देते हुए एक पदाधिकारी ने बताया कि सचमुच आपात स्थिति की तसदीक कर हाथों हाथ दवाई और सर्जिकल वस्तुएं उपलब्ध करवाई गई. दुर्घटना और प्रसूति काल में दवाईयों की कोई कमी नहीं रखी गई. हालांकि कुछ लोगों ने प्रचलित सिर दर्द की दवाई के लिए भी उपरोक्त नंबरों पर कॉल किए. परेशान करने का प्रयत्न किया. दोपहर की कडी धूप में भी पटापट दवा स्पलाई की गई.

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