संत कंवरराम जयंती पर हुआ सच्चो सतनाम नाटक का मंचन
संत, श्रध्दालू एवं दर्शक हुए भावविभोर

अमरावती/दि.21– अमर शहीद संत कंवरम साहिब के 141 वें जयंती महोत्सव के अवसर पर संत कंवरराम साहिब के गद्दिनशीन संत साई राजेशलाल साई कंवर के सानिध्य में आयोजित कार्यक्रम में नागपुर के कलाकारों द्बारा प्रस्तुत नाटक सच्चो सतनाम- सुहिंणो कंवरराम ने दर्शकों को भाव विभोर कर दिया. इस नाटक को किशोर लालवानी ने लिखा तथा तुलसी सेतिया द्बारा निर्मित एवं निर्देशित किया गया. नाटक का मंचन सिंधुडी युथ विंग नागपुर के कलाकारों द्बारा किया गया. जिसे संतो, महापुरूषो एवं दर्शकों ने मुक्तकंठ से सराहा.
गद्दीनशिन संत साई राजेशलाल कंवर तथा संत कंवरधाम ट्रस्ट के सचिव व प्रतिदिन अखबार के संस्थापक संपादक नानक आहुजा के मार्गदर्शन में प्रस्तुत इस नाटक में संत खोताराम साहिब के आशिर्वाद से संत कंवरराम साहिब के जन्म से लेकर उनके बाल्यकाल और सेवा-भक्ति के प्रसंगो को प्रभावि ढंग से दर्शाया गया. नाटक में बालक कंवर द्बारा चने बेचना, संत साई सतराम साहिब से मुलाकात, भक्ति के दौरान झोली फैलाना, असहायो, निर्धनो एंव अपाहिजो को अपने सारे पैसे देना, मृत गाय को जीवनदान देना जैसे कई मार्मिक दृष्य मंचित किए गए. जिन्हें देखकर दर्शक भावूक हो गए.
नाटक में सच्चो सतराम साहिब ने अपने परम शिष्य संत कंवरराम साहिब के जन्म से लेकर मुलाकात, भजन शक्ति, परोपकार, त्याग एवं समर्पण को सूत्रधार के रूप में एक-एक प्रसंग के माध्यम से प्रस्तुत किया. इस नाटक में संत खोताराम की भूमिका कमल मूलचंदानी, बालक कंवर की भूमिका दिशांत केवलरमानी, संत कंवरराम साहिब की अहम भूमिका परसराम चेलानी, माता तिरथ की भूमिका डॉ. मिरा जारानी, पिता ताराचंद की भूमिका तुलसी सेतिया, संत सतरामदास (सूत्रधार) की भूमिका किशोर लालवानी.
संत संतरामदास की भूमिका राजेश तरडेजा, चोर की माता की भूमिका पिंकी रामनानी, सेवादार की भूमिका नरेश डेम्बला, साई मीर साहिब की भूमिका डॉ. विजय मदनानी, भाई सीतलदास की भूमिका दिनेश केवलरामानी, मुखी की भूमिका ओमप्रकाश टहिल्यानी, साहूकार की भूमिका हरिश माईदासानी, गरीब किसान की भूमिका कमल मूलचंदानी, सेवादारी की भूमिका परमानंद कुकरेजा, सावणमल की भूमिका अजय करमचंदानी, भारती माखिजा सहित अन्य कलाकारों ने सशक्त अभिनय कर दर्शकों की खूप वाहवाही बटोरी. कार्यक्रम में मेकअप की जिम्मेदारी नकूल श्रीवास ने निभाई. वहीं लाईट इफेक्टस राकेश काररा, ग्राफीक्स विराज सेतिया (अमरावती) तथा रिकार्डिंग स्टूडियो का कार्य पवन तिवारी, डॉ. विजय मदनानी और कमल साई (नागपुर) द्बारा किया गया. नाटक के समापन पर उपस्थित संतो, श्रध्दालुओ व दर्शकों ने कलाकारों की सराहना करते हुए इसे प्रेरणादायी और भक्तिभाव से परिपूर्ण बना दिया.





