कर्जमाफी की 15 दिनों में जारी करें जीआर

विधायक बच्चू कडू की अपनी ही सरकार से मांग

नागपुर/दि.6 – राज्य सरकार ने कर्जमाफी की घोषणा की है, लेकिन उससे संबंधित शासन निर्णय (जीआर) अभी तक जारी नहीं हुआ है, जिससे किसानों में भ्रम की स्थिति है. जीआर जारी नहीं होने के कारण वास्तव में कर्जमाफी लागू नहीं हुई है, ऐसी भावना जनता में बन रही है. इसलिए आने वाले दस से पंद्रह दिनों में जीआर जारी किया जाए, ऐसी अपेक्षा शिवसेना के मनोनीत विधायक बच्चू कडू ने व्यक्त की. उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि, संगठन प्रहार को कहीं विलीन नहीं किया गया है. प्रहार अपने सामाजिक उपक्रम पहले के समान जारी रखने की बात भी शिवसेना विधायक बच्चू कडू ने कही.
कडू मंगलवार को नागपुर में मीडिया से बात कर रहे थे. इस दौरान जब किसानों की कर्जमाफी के बारे में पूछा गया तो कडू ने कहा कि विधानसभा में कर्जमाफी की घोषणा हो चुकी है, इसलिए सरकार अब इससे पीछे नहीं हट सकती, ऐसा उन्होंने दृढ़ विश्वास व्यक्त किया. बकाया कर्ज के कारण किसानों को नया कर्ज मिलने में कठिनाई हो रही है. कर्जमाफी योजना के तहत घोषित 50 हजार रुपये का प्रोत्साहन अनुदान अपर्याप्त है और इसे बढ़ाने की जरूरत है, ऐसा उन्होंने कहा. अगर किसी किसान पर डेढ़ लाख रुपये का कर्ज है और वह एक लाख रुपये चुका रहा है, तो उसे अधिक प्रोत्साहन अनुदान मिलना चाहिए, ऐसा उन्होंने कहा.
सभी को कर्जमाफी देने की आवश्यकता नहीं है; लेकिन जिन किसानों को वास्तव में जरूरत है, उन्हें प्राथमिकता दी जानी चाहिए. दो लाख रुपये तक की कर्जमाफी दी जानी चाहिए. अगर किसी पर चार लाख का कर्ज है, तो कम से कम दो लाख रुपये माफ किए जाएं, ऐसा उन्होंने कहा. न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के मुद्दे को हल करने के लिए बुवाई से लेकर कटाई तक के सभी कार्यों को रोजगार गारंटी योजना में शामिल करने की आवश्यकता है, ऐसा उन्होंने बताया. साथ ही, दिव्यांगों के विभिन्न मुद्दों पर ध्यान आकर्षित करते हुए जिला और तालुका स्तर पर दिव्यांग अधिकारियों की तत्काल नियुक्ति की मांग की.
* प्रहार के सामाजिक और राजनीतिक कार्यों का विभाजन
प्रहार संगठन प्रमुख बच्चू कडू ने बताया कि कुछ सदस्य राजनीति में काम नहीं करेंगे, बल्कि सामाजिक कार्यों में सक्रिय रहेंगे. ऐसे लोगों को प्रहार संगठन के सामाजिक उपक्रमों में शामिल किया जाएगा. जो लोग राजनीति में सक्रिय रहना चाहते हैं, उन्हें शिवसेना पार्टी के माध्यम से अवसर मिलेगा. संगठन के जरिए समाज पर अधिक प्रभाव बनाने पर जोर दिया जाएगा. सामाजिक कार्यों के माध्यम से प्रहार संगठन को स्थानीय स्तर पर मजबूती मिलेगी और सदस्यों के अनुभव का उपयोग राजनीतिक उद्देश्यों को हासिल करने के लिए किया जाएगा. बच्चू कडू ने कहा, शिवसेना की ओर से कोई शर्त नहीं रखी गई है, लेकिन हमारे पास 20-25 वर्षों का अनुभव है. संगठन में काम करने वाले हर व्यक्ति को उसकी इच्छा के अनुसार काम की दिशा दी जाएगी. प्रहार संगठन की बैठक में प्रत्येक विभाग की कार्यप्रणाली, गलतियों और सुधारों पर ध्यान दिया जाएगा. साथ ही किसानों के लिए संवाद यात्रा आयोजित करने का निर्णय लिया जाएगा. इस यात्रा में किसानों की समस्याएं, दिव्यांग और मजदूरों से जुड़े मुद्दे शामिल होंगे.

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