नकली साबून और विविध कंपनी के डीटर्जंट पावडर बनानेवाले दो कारखानों पर छापा

71.20 लाख रुपए का माल जब्त

* विख्यात कंपनियों के नाम पर बेच रहे थे उत्पाद
* रैकेट का हुआ पर्दाफाश, क्राईम ब्रांच की कार्रवाई
अमरावती/ दि.6- घर की गृहिनियों को कपडे धोने के लिए महत्वपूर्ण रहा डिटर्जंट पावडर और साबून के नकली कारखाने पर मंगलवार की रात क्राईम ब्रांच के दल ने छापा मारकर 71 लाख 20 हजार 250 रुपए का माल जब्त कर लिया हैं. इस कार्रवाई से व्यापारी और ग्राहकों में खलबली मच गई हैं. अमरावती शहर समेत जिले के ग्रामीण क्षेत्र में रहनेवाले ग्राहकों को भारी मात्रा में नकली रीन व वील साबून और वील व सर्फ एक्सल, रीन साबून, डीटर्जंट पहुंचता रहने की संभावना पुलिस को हैं.
अमरावती क्राईम ब्रांच के पुलिस निरीक्षक संदीप चव्हाण को गोपनीय जानकारी मिली के चांदूर बाजार रोड पर वलगांव थाना क्षेत्र के नया अकोला में अवैध रूप से नकली साबून और डीटर्जंट पावडर बनाने के दो कारखाने चल रहे हैं. इन कारखानों से भारी मात्रा में दुकानदारों तक माल पहुंचाया जाता हैं. जानकारी मिलते ही निरीक्षक संदीप चव्हाण ने जांच करने के लिए जाल बिछाया. जानकारी सही रहने का पता चलते ही उन्होंने पुलिस आयुक्त राकेश ओला को सूचित किया. परिस्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस उपायुक्त गणेश शिंदे, श्याम घुगे, रमेश धुमाल, सहायक आयुक्त शिवाजी बचाटे से समन्वय किया गया. अमरावती मनपा क्षेत्र में इतना बडा नकली साबून और डीटर्जंन पावडर बनाने का कारखाना चलता रहने की बात सभी को चौंकानेवाली थी. क्रांईम ब्रांच केे निरीक्षक संदीप चव्हाण ने सहायक निरीक्षक मनीष वाकोडे, हेड कांस्टेबल सतीश देशमुख, मंगेश लोखंडे, गजानन ढेवले, मनोज ठोसर, प्रशांत मोहोड व विशाल वाकपांजर का दल तैयार किया और दिनों तक ध्यान रख माल लेकर आनेवाले और वितरित करनेवालों की पहचान की गई. पश्चात मंगलवार 5 मई की शाम पुलिस के दल ने अचानक छापा मारा. कारखाने से नकली सर्फ एक्सल पावडर 244 बोरे, व्हील पावडर 338 बोरे, व्हील साबून के 400 बॉक्स, फेना पावडर 15 बोरे, सर्फ एक्सल का कच्चा माला 30 बोरे, व्हील पावडर का कच्चा माल 90 बोरे , डीटर्जंट पावडर पैकिंग मशिन 5 नग, साबून पॅकिंग मशीन एक नग, इलेक्ट्रिक वजन काटा 4 नग विविध साबन व डीटर्जंट पावडर की लेबल पन्नी 10 नग और सती नगर के गोदाम का कच्चा माल समेत कुल 71 लाख 20 हजार 250 रुपए का माल जब्त किया गया. कारखाने में काम करनेवाले पाकिजा कॉलोनी निवासी जुनेद खान यासीन खान (28), अकोली निवासी प्रफुल्ल विष्णुपंत डोईफोडे (48) झंडा चौक निवासी शेख भूरू शेख मुनीर (50) और लालखडी निवासी शेख कलीम शेख माजीद (40) को कब्जे में लिया गया. पुलिस की प्राथमिक जांच में नकली साबून और डीटर्जंट पावडर तैयार करनेवाले कारखाना संचालक के पास कोई अधिकृत लाईसेंस नहीं था इस कारण जब्त किया गया माल और कारखाना नकली रहने का दावा पुलिस ने किया. क्राईम ब्रांच के निरीक्षक संदीप चव्हाण ने इस कार्रवाई की जानकारी देते हुए कहा कि संबंधित चार आरोपियों को कब्जे में लेकर उनसे कडी पूछताछ की जा रही हैं. इस कारखाने में किसी कंपनी का डीटर्जंट का कच्चा माल लाया जाता था और उस माल को ब्रांडेड कंपनी की पैकिंग में डाल कर सीधे दुकानदारों को बेचे जाने का सिलसिला शुरू था, ऐसा प्राथमिक जांच में सामने आया हैं, लेकिन माल कहा से आता था और अब तक कितना माल बेचा गया अथवा कारखाने में किस व्यवसायी का निवेश हैं, इस बात की जानकारी अब तक सामने नहीं आई हैं. कब्जे में लिए गए आरोपियों में जुनेद खान यासीम खान पर इसके पूर्व नागपुरी गेट थाने में मामला दर्ज रहने की जानकारी पुलिस सूत्रों से मिली हैं. अमरावती जिले में व्यापारियों द्बारा बेचे जानेवाली विविध वस्तु ब्रांडेड कंपनी की हैं, यह सोचकर ग्राहक आखे बंद कर उसे खरीदते हैं. पैकिंग ओरिजनल ब्रांडेड कंपनी की रहने से अंदर माल नकली रह सकता हैं, ऐसा संदेह किसी को भी नहीं होता. लेकिन क्राईम ब्रांच की इस कार्रवाई से साबून और डीटर्जंट पावडर भी नकली तैयार होने की बात नागरिकों के लिए चौकानेवाली हैं.
* नकली डीटर्जंट के गंभीर परिणाम
त्वचा विकार विशेषज्ञों के मुताबिक नकली डीटर्जंट पावडर इस्तेमाल किए जाने से शरीर पर इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं. ऐसे पावडर में अनेक बार हानीकारक रसायन, सोडा ऍश का अधिक प्रमाण अथवा कांच का चूरा जैसी बातों का मिश्रण रह सकता हैं. नकली डीटर्जंट में सोडे का प्रमाण काफी अधिक रहता है, इस कारण त्वचा में जलन होना, त्वचा लाल होना, लगातार खुजली छूटना और तकलीफ होती हैं. नकली डीटर्जंट का रसायन त्वाचा का नैसर्गिक तेल निकाल लेता है, इस कारण त्वचा सुखी पडने से नुकसान हो सकता हैं. अनेक लोगों को ऐसे पावडर के रसायन के कारण ‘कॉन्टेक्ट टर्मेटायरीस’ नामक त्वचा का विकार हो सकता हैं. इसमें त्वचा पर फुंसियां आना अथवा चट्टे आने जैसे प्रकार हो सकते हैं. कपडे धोते समय इस पावडर के कन अथवा पानी आंखों में गया तो आंखों में जलन होकर जख्म हो सकते हैं.
* अन्न व औषध प्रशासन विभाग गहरी निंद में
शहर में नकली डीटर्जंट पावडर का कारखाना खुलेआम शुरू रहते यह उत्पादन ग्राहकों तक पहुंचता रहने के बावजूद जिले का अन्न व औषध प्रशासन सो रहा है क्यां? ऐसा संतप्त सवाल नागरिकों द्बारा किया गया हैं. केवल दूकानों को लाइसेंस देना और उससे पैसे कमाना, इतना ही मर्यादीत काम करनेवाले इस विभाग को नागरिकों के स्वास्थ्य की जरा भी चिंता न रहने की बात इस घटना से उजागर हुई हैं. पुलिस द्बारा नकली डीटर्जंट पावडर का कारखाना पकडने के बाद प्रशासकीय यंत्रणा की लापरवाह कार्यप्रणाली उजागर हुई हैं. शहर में इस तरह के अनेक कारखाने शुरू हैं. ऐसे गंभीर मामलों की तरफ अनदेखी करनेवाले अन्न व औषध प्रशासन विभाग की कुंभकर्णी निंद कब खुलेगी, यह सवाल खडा हुआ हैं. नागरिकों की जान से खिलावाड करनेवाले ऐसे छीपे उद्योगों पर कडी कार्रवाई करने की मांग जोर पकडने लगी हैं.
* बडे रैकेट की आशंका
क्राईम ब्रांच पुलिस अब यह जांच कर रही हैं कि इस अवैध कारोबार के पीछे और कौन लोग शामिल हैं. कच्चा माल कहा से लाया जाता था और तैयार माल किन बाजारों में बेचा जाता था. इस प्रकरण में और भी सनसनीखेज खुलासे होने की संभावना जताई जा रही हैं. पुलिस आयुक्त राकेश ओला के निर्देश पर निरीक्षक संदीप चव्हाण के नेतृत्ववाले दल ने यह साहसी कार्रवाई की.

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