‘उस’ आरोपी युवक की जमानत याचिका खारिज
महंगा पडा अंडरवर्ल्ड डॉन के डायलॉग वाली रील बनाना

अकोला/दि.16– स्थानीय जिला न्यायालय में परिसर में बिना अनुमति वीडियो शूट कर उसे सोशल मीडिया पर वायरल करते हुए दहशत फैलाने का प्रयास करने के मामले में आरोपी शेख वसीम शेख बशीर की जमानत याचिका तीसरे जिला एवं सत्र न्यायाधीश आर.ए. शिंदे ने खारिज कर दी है. इस मामले में आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और सूचना प्रोद्योगिकी अधिनियम की धारा के तहत मामला दर्ज किया गया है.
ज्ञात हो कि बीते 6 मई को आरोपी शेख वसीम शेख बशीर ने जिला न्यायालय परिसर में बिना अनुमति मोबाइल फोन से वीडियो शूट किया था. न्यायालय परिसर में वीडियो शूटिंग पर प्रतिबंध होने के बावजूद आरोपी ने वीडियो बनाया. जांच में सामने आया कि वीडियों में जिला एवं सत्र न्यायालय की इमारत स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है. जिस पर जिला एवं सत्र न्यायालय, अकोला लिखा हुआ भी नजर आ रहा है.
विशेष बात यह है कि आरोपी ने इस वीडियों में भारत सरकार द्बारा घोषित आतंकवादी दाउद इब्राहिम से संबंधित डायलॉग जोडकर उसे इंस्टाग्राम सहित अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर प्रसारित किया था. जांच के दौरान यह भी सामने आया कि आरोपी के खिलाफ पहले से कई संगीन मामले दर्ज है. इस मामले में सरकार की ओर से अतिरिक्त सरकारी वकील आर.एस. रेलकर ने पैरवी की.
दहशत फैलाने का प्रयास
न्यायालय की ओर से दी गई शिकायत के बाद, पुलिस ने आरोपी के खिलाफ देश की संप्रभुता, एकता और अंखडता को खतरे में डालनेवाले कृत्य के आरोप में धारा 152 तथा सार्वजनिक शांति भंग होने की आशंका वाले कृत्य के आरोप में धारा 353 के तहत मामला दर्ज करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है.् इस बीच आरोपी ने अधिवक्ता के माध्यम से अदालत में जमानत के लिए याचिका दायर की थी.
न्यायालय की सख्त टिप्पणी
जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान न्यायालय ने टिप्पणी की है कि आरोपी ने न्यायालय परिसर में बिना अनुमति वीडियो शूट कर उसमें आतंकवादी का संदर्भ इस्तेमाल करते हुए समाज में भय और दहशत फैलाने का प्रयास किया. सूत्रों के अनुसार न्यायालय ने कहा कि इस प्रकार का कृत्य सामाजिक और राजकीय हित की दृष्टि से गंभीर है.





