रतन इंडिया ऊर्जा प्रकल्प में पांच करोड़ मीट्रिक टन राख का अवैध भंडारण?
जिलाधिकारी को शिकायत, जांच के दिए आदेश

अमरावती/दि.21– यहां के पंचतारांकित एमआईडीसी स्थित रतन इंडिया ऊर्जा प्रकल्प इस कंपनी के खिलाफ बड़े पर्यावरणीय घोटाले का मामला सामने आने का दावा किया गया है तथा कंपनी द्वारा करीब पांच करोड़ मीट्रिक टन फ्लाय ऐश व पॉन्ड ऐश का अवैध भंडारण कर शासन नियमों का उल्लंघन किए जाने का गंभीर आरोप लगाया गया है. इस प्रकरण में स्थानीय ब्रिक्स उद्योजकों, ट्रांसपोर्ट व्यवसायियों व प्रकल्पग्रस्तों ने जिलाधिकारी कार्यालय में शिकायत दर्ज कर संबंधित राख भंडारण पर प्रति मीट्रिक टन एक हजार रुपये दंड लगाने की मांग की है.
शिकायत के अनुसार, कंपनी पिछले 17 वर्षों से कार्यरत होने के बावजूद राख उठाने में असफल रही है. बड़े पैमाने पर कृत्रिम पॉन्ड तैयार कर उनमें राख का भंडारण किया गया है, जिससे परिसर की कृषि भूमि व गांवों में राख उड़कर वायु प्रदूषण बढ़ने का आरोप लगाया गया है. रतन इंडिया ऊर्जा प्रकल्प में निर्माण होने वाली राख को निशुल्क देने की अधिसूचना होने के बावजूद रतन इंडिया व्यवस्थापन स्थानीय उद्योजकों, ईंटभट्ठा मालिकों, वाहतूकदारों से मनमाने दरों पर यह राख बेच रहा है. नागपुर जैसे स्थानों पर यह राख एक रुपये प्रति टन की दर से उपलब्ध है, जबकि रतन इंडिया ऊर्जा प्रकल्प की राख डेढ़ सौ रुपये प्रति टन की दर से बेची जा रही है. रतन इंडिया ऊर्जा प्रकल्प परिसर में कई स्थानों पर कृत्रिम पॉन्ड बनाकर लगभग पांच करोड़ मीट्रिक टन राख का भंडारण किया गया है, जिससे रतन इंडिया ऊर्जा प्रकल्प को करोड़ों रुपये का लाभ होने वाला है. लेकिन यह संचित राख पर्यावरणीय दृष्टि से घातक है तथा इससे भविष्य में गांववासियों पर कई दुष्परिणाम होने की संभावना भी उत्पन्न हो गई है.
इसके साथ ही स्थानीय ब्रिक्स उद्योजकों व ट्रांसपोर्ट संगठनों ने कहा कि हमारे पास 500 टीपर व बल्कर वाहन उपलब्ध हैं तथा हम फ्लाय ऐश व बॉटम ऐश निशुल्क उठाने के लिए तैयार हैं. शासन द्वारा आदेश दिए जाने पर तत्काल राख हटाने का कार्य शुरू करेंगे. पर्यावरणीय नियमों के उल्लंघन, संभावित भ्रष्टाचार और प्रदूषण के आरोपों के कारण यह मामला गंभीर बन गया है. इस दौरान निवेदन देते समय बलवीर चव्हाण, सुधीर सूर्यवंशी, राजू चिरडे, धीरज चव्हाण, अजय मोरवार, अनुप मोरे, दरभजनसिंह टांक, अनुप मोरे, विनोद डांगे, किशोर शेंदरकर, शुभम परळीकर, कुणाल इंगले, रोशन कापडे, प्रणिकेत खारकर, कलीराम देशमुख सहित बड़ी संख्या में ब्रिक्स उद्योजक, ट्रांसपोर्ट संगठन के पदाधिकारी, चालक-मालक उपस्थित थे.
* जिलाधिकारी ने दिए जांच के आदेश
इस प्रकरण में जिलाधिकारी आशिष येरेकर ने निवेदन की तत्काल दखल लेते हुए प्रदूषण विभाग को राख भंडारण प्रकरण की जांच करने के आदेश दिए. राख का भंडारण प्रदूषण की दृष्टि से अत्यंत घातक होने के कारण तत्काल जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के आदेश जिलाधिकारी ने दिए हैं.





