मनपा मुख्यालय के बाहर कचरा फेंककर एमआईएम का तीव्र आंदोलन
कोणार्क कंपनी को ब्लैकलिस्ट करने की मांग, आमसभा में मुद्दा नहीं उठने पर सदन के भीतर कचरा फेंकने की चेतावनी

* सफाई व्यवस्था और कचरा संकट को लेकर मनपा की आमसभा में फिर गरमाया माहौल, पुलिस बंदोबस्त के बीच हुआ प्रदर्शन
अमरावती/दि.15- शहर में लगातार बिगड़ती सफाई व्यवस्था, सड़कों पर पसरे कचरे के ढेर और नागरिकों की बढ़ती परेशानियों को लेकर मंगलवार को अमरावती महानगरपालिका मुख्यालय पर तीव्र आंदोलन देखने को मिला. ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एमआईएम) के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने मनपा मुख्यालय के बाहर कचरा लाकर फेंक दिया तथा नगर प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. पूर्व पार्षद अब्दुल नाजिम और अफजल हुसैन के नेतृत्व में बड़ी संख्या में संतप्त नागरिक और एमआईएम कार्यकर्ता मनपा मुख्यालय पहुंचे. आंदोलनकारियों ने आरोप लगाया कि शहर में सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है और कचरा संकलन का कार्य संभाल रही कोणार्क कंपनी अपनी जिम्मेदारियां निभाने में पूरी तरह विफल साबित हुई है. इसके बावजूद प्रशासन द्वारा कंपनी के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है.
* मनपा के दरवाजे पर पहुंचा जनता का गुस्सा
आंदोलन के दौरान कार्यकर्ता अपने साथ कचरा लेकर मनपा मुख्यालय पहुंचे और मुख्य प्रवेश द्वार के बाहर कचरा डालकर विरोध प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों का कहना था कि जब शहर के नागरिकों को रोजाना कचरे के ढेर, दुर्गंध और गंदगी का सामना करना पड़ रहा है, तो प्रशासन को भी वास्तविक स्थिति का अहसास कराया जाना जरूरी है. आंदोलनकारियों ने कहा कि शहर के अनेक हिस्सों में कई-कई दिनों तक कचरा नहीं उठाया जा रहा है. नालियों की सफाई नहीं हो रही है, जिसके कारण दुर्गंध और बीमारी फैलने का खतरा बढ़ गया है. बरसात के मौसम में हालात और भी गंभीर हो गए हैं.
* कोणार्क कंपनी पर फूटा आक्रोश
प्रदर्शन का मुख्य केंद्र सफाई व्यवस्था संभाल रही कोणार्क कंपनी रही. आंदोलनकारियों ने आरोप लगाया कि कंपनी द्वारा अनुबंध की शर्तों का पालन नहीं किया जा रहा है. पूर्व पार्षद अब्दुल नाजिम ने कहा कि शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है. कई वार्डों में नियमित कचरा संकलन नहीं हो रहा, जिससे नागरिकों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है. उन्होंने मांग की कि कोणार्क कंपनी को तत्काल ब्लैकलिस्ट कर उसके खिलाफ कार्रवाई की जाए. अफजल हुसैन ने भी कंपनी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद नागरिकों को मूलभूत स्वच्छता सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं. यदि प्रशासन ने शीघ्र कार्रवाई नहीं की तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा.
* नेता प्रतिपक्ष विलास इंगोले को सौंपा निवेदन
आंदोलनकारियों ने मनपा में मौजूद नेता प्रतिपक्ष विलास इंगोले को ज्ञापन सौंपते हुए मांग की कि सफाई व्यवस्था का मुद्दा तत्काल आमसभा में उठाया जाए. ज्ञापन में शहरभर की सफाई व्यवस्था की समीक्षा, कोणार्क कंपनी के कार्यों की जांच, दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई तथा कंपनी को ब्लैकलिस्ट करने की मांग प्रमुख रूप से शामिल थी. एमआईएम पदाधिकारियों ने कहा कि यह केवल राजनीतिक मुद्दा नहीं बल्कि सीधे नागरिकों के स्वास्थ्य और जीवन से जुड़ा प्रश्न है.
* आमसभा में मुद्दा नहीं उठा, तो सदन में कचरा फेंकने की चेतावनी
आंदोलन के दौरान एमआईएम नेताओं ने कड़ा रुख अपनाते हुए चेतावनी दी कि यदि सफाई व्यवस्था और कचरा संकट का मुद्दा मनपा की आमसभा में गंभीरता से नहीं उठाया गया, तो आंदोलनकारी आमसभा कक्ष के भीतर जाकर कचरा फेंकने को मजबूर होंगे. इस चेतावनी के बाद मनपा प्रशासन और पुलिस महकमे में भी हलचल बढ़ गई. अधिकारियों ने आंदोलनकारियों से संयम बरतने की अपील की, जबकि पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी.
* आमसभा में फिर गूंजा कचरे का मुद्दा
मंगलवार को आयोजित मनपा की आमसभा में भी सफाई व्यवस्था और कचरा संकलन का मुद्दा प्रमुखता से छाया रहा. कई सदस्यों ने शहर में फैली गंदगी, कचरे के ढेर और सफाई व्यवस्था की बदहाल स्थिति पर प्रशासन को घेरा. सदन में इस विषय को लेकर तीखी बहस हुई और कई बार हंगामे जैसी स्थिति भी बनी. सदस्यों ने नागरिकों से मिल रही शिकायतों का हवाला देते हुए सफाई व्यवस्था में सुधार की मांग की.
* पुलिस बंदोबस्त में हुई आमसभा
एमआईएम द्वारा आंदोलन और आमसभा में संभावित विरोध को देखते हुए मनपा मुख्यालय परिसर में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था. मुख्य प्रवेश द्वार, आमसभा कक्ष तथा मनपा भवन के संवेदनशील हिस्सों पर अतिरिक्त पुलिस कर्मियों की नियुक्ति की गई. पुलिस अधिकारियों ने पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए रखी ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो. मनपा मुख्यालय परिसर में सुबह से ही तनावपूर्ण माहौल बना रहा. हालांकि पुलिस और प्रशासन की सतर्कता के चलते स्थिति नियंत्रण में रही.
* शहर की सफाई व्यवस्था पर फिर उठे सवाल
इस आंदोलन ने एक बार फिर अमरावती शहर की सफाई व्यवस्था को लेकर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं. नागरिक संगठनों का कहना है कि नियमित कचरा संकलन, नालियों की सफाई और सार्वजनिक स्वच्छता व्यवस्था में सुधार के लिए ठोस कदम उठाए जाने की आवश्यकता है. शहर के कई हिस्सों से लगातार मिल रही शिकायतों के बीच अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि मनपा प्रशासन और जनप्रतिनिधि सफाई व्यवस्था को सुधारने के लिए क्या ठोस निर्णय लेते हैं तथा कोणार्क कंपनी के खिलाफ उठ रही कार्रवाई की मांग पर क्या रुख अपनाया जाता है. फिलहाल एमआईएम ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो आने वाले दिनों में आंदोलन और व्यापक रूप ले सकता है.
* महापौर तेजवानी व आयुक्त डॉ. गोंदावले ने सदन से बाहर आकर बात सुनी
– दोनों अतिरिक्त आयुक्तों व उपायुक्तों ने भी प्रदर्शनकारियों को समझाया
आमसभा जारी रहते समय सदन के बाहर हो रहे आंदोलन की जानकारी मिलते ही महापौर श्रीचंद तेजवानी तथा मनपा आयुक्त डॉ. मंगेश गोंदावले ने सदन की कार्रवाई को बिच में रोककर सभागृह से बाहर आते हुए एमआयएम के प्रदर्शनकारी पदाधिकारियों से मुलाकात की और मामले में आवश्यक कार्रवाई करने का भरोसा भी दिलाया. इसके साथ ही इस दौरान अतिरिक्त आयुक्त शिल्पा नाईक व महेश देशमुख तथा उपायुक्त नरेंद्र वानखडे व भाग्यश्री बोरकर सहित मनपा के स्वच्छता अधिकारी डॉ. अजय जाधव ने एमआयएम के पदाधिकारियों व प्रतिनिधियों को समझा-बुझाकर शांत करने का प्रयास किया. लेकिन पूर्व पार्षद अब्दुल नाजिम व अफजल हुसैन सहित एमआयएम के पदाधिकारी कोणार्क कंपनी को ब्लैकलिस्टेड किए जाने की मांग पर ही अडे हुए है.
* कोतवाली पुलिस ने सभी प्रदर्शनकारियों को लिया हिरासत में
मनपा की आमसभा के बाहर कचरा फेंकने के साथ ही अपने साथ लाए गए कचरे को सभागृह के भीतर ले जाकर फेंकने पर अडे रहनेवाले एमआयएम पार्टी के दोनों पूर्व पार्षदों सहित पदाधिकारियों को सिटी कोतवाली पुलिस के एपीआय रूपेश कडू की टीम ने डिटेन किया और सभी प्रदर्शनकारियों को कोतवाली पुलिस थाने ले जाया गया. जहां से सभी को आमसभा की कार्रवाई के बाद समजपत्र देकर छोड दिया गया.





