विएमवि कॉलेज में 1.30 करोड़ रुपये का घोटाला

सेवार्थ सिस्टम से छेड़छाड़ कर सरकारी राशि हड़पी

अमरावती/दि.15- सरकारी विदर्भ ज्ञान एवं विज्ञान संस्थान (वीएमवी) में सेवार्थ प्रणाली से छेड़छाड़ कर करीब 1.30 करोड़ रुपये के सरकारी पैसो के गबन का मामला सामने आया है. आरोप है कि कॉलेज के लाइब्रेरी अटेंडेंट महेश मधुकर अंधाले ने वेतन और भत्तों में अवैध बढ़ोतरी दिखाकर वर्षों तक सरकारी खजाने को चूना लगाया. मामले का खुलासा होने के बाद आरोपी फरार बताया जा रहा है.
कॉलेज के निदेशक डॉ. सतीश मालोदे ने वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर 9 जुलाई को गाडगेनगर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई. प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मामले की जांच आर्थिक अपराध शाखा और साइबर पुलिस को सौंपी जा सकती है.

* वेतन और भत्तों में की हेराफेरी
आरोप है कि महेश अंधाले ने वर्ष 2017 से 2026 के बीच सेवार्थ सिस्टम की गोपनीय आईडी और पासवर्ड का दुरुपयोग कर अपने वेतन, एरियर, मकान किराया भत्ता तथा अन्य देयकों में अवैध बढ़ोतरी दर्ज की. इसके बाद बढ़ी हुई राशि हर महीने सरकारी खाते से अपने निजी बैंक खाते में स्थानांतरित कर ली.

* कोषागार की सतर्कता से खुला राज
घोटाले का खुलासा 3 जुलाई को तब हुआ, जब जिला कोषागार कार्यालय को वीएमवी कॉलेज के पांच वेतन बिल संदिग्ध लगे और उन्हें सत्यापन के लिए वापस भेज दिया गया. कॉलेज स्तर पर जांच में करोड़ों रुपये की ऑनलाइन वित्तीय अनियमितता सामने आई, जिसके बाद प्रशासन ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई.

* एफआईआर दर्ज, निलंबन की प्रक्रिया शुरू
उच्च शिक्षा विभाग के संयुक्त निदेशक अभय खंभोरकर ने बताया कि वीएमवी में लाइब्रेरी अटेंडेंट द्वारा करीब 1.30 करोड़ रुपये की ऑनलाइन वित्तीय गड़बड़ी का मामला सामने आया है. आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है तथा उसके निलंबन की अनुमति भी दे दी गई ह. मामले की विस्तृत जांच जारी है और जांच के बाद पूरी सच्चाई सामने आएगी.

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