अत्याचार निवारण कानून पर जनजागरूकता कार्यशाला संपन्न

अमरावती/दि.15– डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्था (बार्टी) तथा नागरिक हक्क संरक्षण पथक, अमरावती के संयुक्त तत्वावधान में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 तथा संशोधित अधिनियम 2015 के प्रभावी क्रियान्वयन और जनजागरूकता के उद्देश्य से एक नागरिक कार्यशाला का आयोजन सामाजिक न्याय भवन, पुलिस आयुक्त कार्यालय के पीछे, अमरावती में किया गया.
कार्यशाला में पुलिस अधीक्षक, नागरिक हक्क संरक्षण, अमरावती परिक्षेत्र अनिता पाटील तथा अपर पुलिस अधीक्षक, अमरावती ग्रामीण दत्ता तोटेवाड प्रमुख मार्गदर्शक के रूप में उपस्थित रहे. इस अवसर पर प्रादेशिक आयुक्त, समाज कल्याण विभाग अमरावती माया पी. केदार, सहायक आयुक्त समाज कल्याण आर. वी. जाधवर, तक्षशिला विधि महाविद्यालय के प्राचार्य एवं विशेष लोक अभियोजक एड. डॉ. मनीष शिरसाट ने अत्याचार निवारण कानून के विभिन्न प्रावधानों, पीड़ितों को मिलने वाले अधिकारों, न्यायिक प्रक्रिया तथा समाज में जनजागरूकता के महत्व पर विस्तार से मार्गदर्शन किया.
बार्टी की जिला परियोजना अधिकारी अनिता शे. गवई ने भी उपस्थित प्रतिभागियों को संस्था की विभिन्न योजनाओं तथा सामाजिक न्याय संबंधी विषयों पर जानकारी दी. कार्यशाला में अमरावती जिले के बड़ी संख्या में पुलिस पाटिलों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया. वक्ताओं ने कहा कि नागरिक अधिकारों की रक्षा तथा सामाजिक न्याय के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाने के लिए बार्टी प्रायोजित इस प्रकार की कार्यशालाएं अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं.
कार्यक्रम का प्रास्ताविक पुलिस अधीक्षक, नागरिक हक्क संरक्षण अनिता पाटील ने किया. संचालन एपीआई प्राजक्ता नागपुरे ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन एपीआई उज्ज्वला वाकपांजर ने किया.

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