हत्या प्रकरण में आरोपी सूरज वाकोडे को मिली जमानत
अॅड. सपना जाधव की सफल पैरवी

अमरावती/दि.15– फे्रजरपुरा थाना क्षेत्र के मासोद ग्राम में 3 वर्ष पूर्व घटित चंद्रशेखर खंडारे (45) हत्याकांड में आरोपी रहे सूरज वाकोडे की उच्च न्यायालय ने जमानत मंजूर कर ली है. इस प्रकरण में आरोपी की तरफ से अॅड. सपना जाधव ने सफल पैरवी की.
जानकारी के मुताबिक मासोद ग्राम निवासी मंगला चंद्रशेखर खंडारे (30) ने 8 मई 2023 की शाम फे्रजरपुरा थाना में शिकायत दर्ज की थी कि, उसके पति चंद्रशेखर खंडारे (45) पडोस में शंकरराव खंडारे के घर के सामने रोड पर खडे थे तब गौतम पंडितराय वाव ने उनके साथ हसी-मजाक की. तब चंद्रशेखर ने भी उसके साथ मजाक की.उस समय वहा प्रतिम वाकोडे उपस्थित था. आपस में हुई मजाक में विवाद निर्माण हो गया. तब प्रितम वाकोडे चिखपुकार कर गालिगलोच करने लगा और चंद्रशेखर को ईंट फेंककर मारी. साथ ही नाबालिग बालक ने भी मारपीट की. विवाद बढने पर मंगला और जेठानी यह चंद्रशेखर खंडारे को घर लेकर आ गए. उसी समय गौतम वाकोडे चंद्रशेखर के घर के सामने पहुंचा और गालिगलोच करने लगा. तब चंद्रशेखर घर के बाहर निकला और कुछ कहता उसके पूर्व ही सूरज वाकोडे, गौतम वाकोडे, प्रितम वाकोडे, पुरूषोत्तम वाकोडे, विपीन वाकोडे, पंडितराव वाकोडे और एक नाबालिग ने चंद्रशेखर को घेरकर पकड लिया और मारपीट की. इस दौरान सूरज वाकोडे ने चाकू निकालकर चंद्रशेखर पर सपासप वार कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया. हमले में गंभीर रूप से घायल हुए चंद्रशेखर को रूपेश खंडारे के ऑटोरिशा में जिला अस्पताल लाया गया. जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित किया. फे्रजरपुरा पुलिस ने इस प्रकरण में हत्या का मामला दर्ज किया था. इस हत्याकांड में जिला न्यायालय से जमानत ना मंजूर होने के बाद आरोपी सूरज वाकोडे ने अॅड. सपना जाधव के जरिए उच्च न्यायालय में जमानत मिलने अर्जी दाखिल की. न्यायालय में अॅड. सपना जाधव ने बताया कि, यह घटना अचानक हुए विवाद के दौरान घटित हुई है. मृतक की पोस्टमार्टम रिपोर्ट का निरीक्षण करने पर पता चलता है कि, मृतक को जान से मारने का मकसद नहीं था. फिलहाल प्रकरण जिला न्यायालय में न्यायप्रविष्ठ है. केवल 2 गवाहों को परखा गया है. पिछले 6 माह से कोई भी गवाह परखे न जाने से आरोपी के मुलभूत अधिकार का हनन हो रहा है. दोनों पक्षों की दलीले सूनने के बाद मुंबई उच्च न्यायालय की नागपुर खंडपीठ ने आरोपी सूरज वाकोडे के जमानत मंजूर करते हुए उसे जेल से रिहा करने के आदेश दिए. इस प्रकरण में अॅड. सपना जाधव (राठोड) ने सफल पैरवी की.





