सिद्धिविनायक मंदिर में कथित दान अनियमितता की जांच

मुख्यमंत्री फडणवीस ने दिए आदेश

* राज ठाकरे के आरोपों के बाद बढ़ा विवाद, शिंदे गुट के ट्रस्ट पदाधिकारियों ने भी की शिकायत
मुंबई /दि.8- मुंबई के प्रसिद्ध श्री सिद्धिविनायक मंदिर में कथित दान अनियमितता और आर्थिक नुकसान के आरोपों की अब विस्तृत जांच होगी. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को मंदिर में पिछले पांच वर्षों के दौरान हुए दान और चढ़ावे के संग्रह की गहन जांच करने के निर्देश दिए हैं. मुख्यमंत्री ने जांच रिपोर्ट जल्द प्रस्तुत करने को भी कहा है.
मुख्यमंत्री के आदेश के बाद मंदिर में दान संग्रह से जुड़ी आर्थिक गतिविधियों और रिकॉर्ड की बारीकी से जांच की जाएगी. खास तौर पर वर्ष 2023 से 2026 के बीच दान राशि में आए कथित असामान्य उतार-चढ़ाव की पड़ताल की जाएगी. जांच के दौरान दानपेटियों से प्राप्त राशि, संबंधित आर्थिक रिकॉर्ड और संग्रह की प्रक्रिया की भी जांच किए जाने की संभावना है.
* राज ठाकरे ने लगाया था आरोप
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे ने हाल ही में मनसे विद्यार्थी सेना के स्थापना दिवस कार्यक्रम में सिद्धिविनायक मंदिर के प्रबंधन को लेकर गंभीर सवाल उठाए थे. उन्होंने दावा किया था कि मंदिर की दानपेटियों से हर साल करीब 18 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है. राज ठाकरे के इस आरोप के बाद मंदिर प्रशासन ने शुरुआत में आरोपों को खारिज किया था. हालांकि, अब मामले की सरकारी स्तर पर जांच के आदेश दिए जाने से विवाद ने नया राजनीतिक मोड़ ले लिया है.
* सदा सरवणकर और पवन त्रिपाठी ने मुख्यमंत्री से की मुलाकात
मामले में राजनीतिक हलचल भी तेज हो गई है. सिद्धिविनायक मंदिर ट्रस्ट के मौजूदा अध्यक्ष और शिंदे गुट के नेता सदा सरवणकर तथा कोषाध्यक्ष पवन त्रिपाठी ने बुधवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात कर पूरे मामले की जानकारी दी. इस मुलाकात से पहले सदा सरवणकर ने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से भी मुलाकात की थी. अब मुख्यमंत्री द्वारा जांच के आदेश दिए जाने के बाद राज ठाकरे के आरोपों और मंदिर ट्रस्ट के प्रबंधन को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और तेज होने की संभावना है. जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि दान संग्रह में वास्तव में कोई आर्थिक अनियमितता हुई है या नहीं.

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