‘मयूर’ नमकीन में निकले जिंदा कीड़े!
एफडीए से की कड़ी कार्रवाई की मांग

* बच्चों की सेहत से खिलवाड़ पर भड़के उपभोक्ता
* 7 दिन का अल्टीमेटम, कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी
अमरावती/दि.22 – जिले के नांदगांव खंडेश्वर में खाद्य सुरक्षा को लेकर गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है. एक उपभोक्ता द्वारा खरीदे गए ‘मयूर’ ब्रांड के चिवड़ा पैकेट में जिंदा कीड़े मिलने से हड़कंप मच गया है. घटना के बाद संबंधित उपभोक्ता ने अन्न एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) में शिकायत दर्ज कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है.
प्राप्त जानकारी के अनुसार, नांदगांव खंडेश्वर निवासी राजगुरु ज्ञानेश्वर शिंदे ने 8 जून को स्थानीय एवन कन्फेक्शनरी से मयूर कंपनी का चिवड़ा पैकेट खरीदा था. घर पहुंचने के बाद जब उन्होंने अपनी बेटी को चिवड़ा खाने के लिए दिया, तो उसमें कीड़े दिखाई दिए. इसके बाद पूरे पैकेट की जांच करने पर उसमें कई जिंदा कीड़े रेंगते हुए मिले, जिससे परिवार के सदस्य स्तब्ध रह गए. राजगुरू शिंदे ने दावा किया है कि उन्होंने इस पूरे मामले के फोटो और वीडियो साक्ष्य भी सुरक्षित रखे हैं, जिन्हें एफडीए अधिकारियों को उपलब्ध कराया जाएगा. उनका कहना है कि यह केवल एक पैकेट का मामला नहीं, बल्कि उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से जुड़ा गंभीर विषय है.
* पहले भी लग चुके हैं आरोप
राजगुरु शिंदे ने आरोप लगाया कि संबंधित दुकान पर पहले भी एक्सपायरी खाद्य सामग्री बेचने की शिकायतें सामने आ चुकी हैं और कार्रवाई भी हुई थी. इसके बावजूद यदि खराब और असुरक्षित खाद्य पदार्थ खुलेआम बेचे जा रहे हैं, तो यह प्रशासनिक निगरानी पर भी सवाल खड़े करता है. उन्होंने कहा कि ऐसे उत्पाद बच्चों और आम नागरिकों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकते हैं. यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई, तो किसी बड़ी स्वास्थ्य समस्या से इंकार नहीं किया जा सकता.
* बिना बिल के बेचा गया उत्पाद, दुकान सील करने की मांग
शिकायतकर्ता राजगुरु शिंदे के अनुसार, दुकान संचालक ने खरीदारी का कोई बिल नहीं दिया. भुगतान भी डिजिटल माध्यम से नहीं किया गया, जिससे उनके पास लेन-देन का कोई दस्तावेजी प्रमाण नहीं है. हालांकि उन्होंने एफडीए से मांग की है कि 8 जून की शाम 6 से 9 बजे के बीच के सीसीटीवी फुटेज की जांच कर खरीदारी की पुष्टि की जाए. शिंदे ने एफडीए से मांग की है कि संबंधित दुकान और उत्पाद के नमूने तत्काल जब्त कर प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजे जाएं. साथ ही दोषी पाए जाने पर दुकान के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करते हुए आवश्यक होने पर उसे सील भी किया जाए.
* एफडीए को 7 दिन का अल्टीमेटम
मामले को लेकर शिकायतकर्ता ने एफडीए को 7 दिनों का अल्टीमेटम दिया है. उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित अवधि में दोषियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो वे जिला एफडीए कार्यालय के सामने तीव्र आंदोलन करेंगे. इस घटना ने एक बार फिर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और बाजार में बिक रही पैकिंग सामग्री की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. अब निगाहें एफडीए की कार्रवाई पर टिकी हैं कि वह उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से जुड़े इस मामले में कितनी तत्परता और सख्ती दिखाता है.
* विगत 4 अगस्त को ही मयूर नमकीन के कारखाने पर पडा था छापा
बता दे कि, अमरावती एमआयडीसी स्थित बजाज नमकीन नामक कारखाने द्वारा मयूर ब्रांड के नमकीन उत्पादों का उत्पादन किया जाता है. विगत 4 अगस्त को ही बजाज नमकीन सहित अयान फुड्स व बलदेव फुड्स प्रोडक्ट नामक दो कारखानों पर एफडीए का छापा पडा था. उससे पहले ‘अमरावती मंडल’ ने अमरावती में लोकल स्तर पर कुछ कारखानों व कई कुटिर उद्योगों द्वारा उत्पादित कर बेचे जानेवाले नमकीन उत्पादों की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठाते हुए एफडीए का इस ओर ध्यान दिलाया गया था. दैनिक ‘अमरावती मंडल’ की ओर से उठाए गए सवाल गत रोज पूरी तरह से सही साबित हुए. जब बच्चों द्वारा खाने के मामले में अच्छा-खासा पसंद किए जानेवाले मयूर नमकीन के चिवडा में जिंदा कीडा बरामद किया गया. इससे यह सहज अनुमान लगाया जा सकता है कि, इन उत्पादों को तैयार व पैक करते समय किस हद तक लापरवाही बरती जाती है.