रेलवे स्टेशन से मोबाइल चोरी करने वाला हिस्ट्रीशीटर 3 घंटे में पकड़ा
24 घंटे में मोबाइल मालिक को लौटाया

अकोला/दि.27- अकोला रेलवे स्टेशन परिसर से एक कामगार का मोबाइल चोरी करने वाले रिकॉर्डधारी हिस्ट्रीशीटर को जीआरपी अकोला पुलिस ने महज 3 घंटे में सीसीटीवी फुटेज की मदद से पकड़ लिया. पुलिस ने आरोपी के पास से 14 हजार रुपये कीमत का जझझज मोबाइल बरामद कर घटना के 24 घंटे के भीतर उसके वास्तविक मालिक को वापस सौंप दिया. गिरफ्तार आरोपी का नाम
हिंगोली जिले के वसमत तहसील निवासी पारंपरिक हथकरघा कामगार महेश इकलवार (25) शेगांव दर्शन के बाद अपने गांव लौटने के लिए अकोला रेलवे स्टेशन पहुंचा था. रात की ट्रेन होने के कारण वह स्टेशन परिसर से बाहर चाय पीने जा रहा था. इसी दौरान बुकिंग ऑफिस के सामने ऑटो स्टैंड के पास उसका 14 हजार रुपये कीमत का ओप्पो मोबाइल चोरी हो गया. मामले में अकोला रेलवे पुलिस स्टेशन में धारा 303(2) के तहत मामला दर्ज किया गया. घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रभारी पुलिस निरीक्षक अमोल दोंड ने डीबी टीम को जांच के निर्देश दिए. पुलिस हवलदार सतीश जवंजाळ तथा पुलिसकर्मी गवई, गौतम और इरफान ने स्टेशन परिसर के करीब तीन घंटे के सीसीटीवी फुटेज की बारीकी से जांच की. फुटेज में संदिग्ध गतिविधियां करता हुआ रिकॉर्डधारी हिस्ट्रीशीटर अकोलट फैल निवासी बाबूशहा शौकत शहा (35) दिखाई दिया. पुलिस ने तत्काल उसकी तलाश शुरू कर उसे हिरासत में ले लिया.
पुलिस रिकॉर्ड की जांच में आरोपी के खिलाफ 6 अलग-अलग मामले दर्ज होने तथा उसके द्वारा 6 महीने की सजा भुगतने की जानकारी सामने आई. आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे कारागार भेज दिया गया. पुलिस ने जांच तेजी से पूरी करते हुए चोरी किया गया मोबाइल बरामद कर 24 घंटे के भीतर मूल मालिक महेश इकलवार को सौंप दिया. मेहनत की कमाई से खरीदा मोबाइल वापस मिलने पर इकलवार ने अकोला रेलवे पुलिस का आभार व्यक्त किया. बार-बार अपराध करने वाले अथवा आपराधिक प्रवृत्ति वाले व्यक्तियों पर पुलिस विभाग द्वारा नियमानुसार निगरानी रखी जाती है. उनके निवास, काम-धंधे, आय के साधन और व्यवहार से संबंधित जानकारी नियमित रूप से जुटाई जाती है.
पुलिस के मुताबिक संबंधित हिस्ट्रीशीटर पिछले कुछ समय से बस्ती में रहकर छोटा-मोटा काम कर रहा था और उसके व्यवहार में सुधार दिखाई दे रहा था. हालांकि, उसने दोबारा अपराध की राह पकड़ ली. प्रभारी पुलिस निरीक्षक अमोल दोंड ने कहा कि पुलिस विभाग की अपेक्षा रहती है कि हिस्ट्रीशीटर और निगरानी में रहने वाले व्यक्तियों में सुधार हो और वे समाज की मुख्यधारा में लौटें. जो अपराधी सुधार की इच्छा दिखाते हैं, उन्हें समाज में पुनः स्थापित होने के लिए आवश्यक सहयोग दिया जाता है. हालांकि, कुछ लोग गलत आदतों के कारण रोजगार का वैध रास्ता अपनाने के बजाय फिर से अपराध की ओर मुड़ जाते हैं.





