जरांगे पाटील के सामने झुकी सरकार, मराठा आरक्षण की लडाई सफल
सरकार ने की पांच बडी घोषणाएं, विधायक प्रसाद लाड ने की जरांगे से भेंट

* हैदराबाद गजट के आधार पर कुणबी प्रमाणपत्र और मराठा कक्ष का ऐलान
* लेकिन जरांगे का अनशन नहीं टूटा, जीआर हाथ में आने तक आंदोलन जारी रखने पर अड़े जरांगे
मुंबई/अंतरवाली सराटी/दि.3 – मराठा आरक्षण के मुद्दे पर आंदोलन कर रहे मनोज जरांगे पाटील के अनशन के पांचवें दिन बुधवार को सरकार की ओर से भाजपा विधायक प्रसाद लाड ने उनसे मुलाकात की. इस मुलाकात के बाद सरकार की ओर से मराठा समाज से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णयों की घोषणा की गई. प्रसाद लाड ने दावा किया कि जरांगे पाटील की प्रमुख मांगों को सरकार ने स्वीकार कर लिया है और सरकार की ओर से पांच बड़े आश्वासन दिए गए हैं. हालांकि, इन घोषणाओं के बावजूद जरांगे पाटील ने अपना अनशन समाप्त करने से इनकार कर दिया है. उनका कहना है कि जब तक संबंधित सरकारी निर्णय (जीआर) उनके हाथ में नहीं आता, तब तक वे आंदोलन समाप्त नहीं करेंगे.
मराठा आंदोलक मनोज जरांगे से मुलाकात के दौरान भाजपा विधायक प्रसाद लाड ने सरकार की पांच प्रमुख घोषणाओं के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि, ओबीसी समाज को मिलने वाली विभिन्न सरकारी सुविधाएं मराठा समाज को भी उपलब्ध कराने की दिशा में सरकार ने सहमति जताई है. जरांगे पाटील की प्रमुख मांगों में हैदराबाद गजट के आधार पर पात्र मराठा-कुणबी परिवारों को कुणबी प्रमाणपत्र देने की मांग शामिल है. सरकार की ओर से इस मांग को स्वीकार किए जाने की जानकारी दी गई है. विधायक प्रसाद लाड ने कहा कि जिस तरह बार्टी और महाज्योति जैसी संस्थाओं के माध्यम से योजनाएं चलाई जाती हैं, उसी प्रकार सारथी को भी प्रभावी ढंग से चलाया जाएगा. इसके अलावा मराठा समाज से जुड़े मामलों और मांगों के समन्वय के लिए मंत्रालय में स्वतंत्र मराठा कक्ष के लिए कार्यालय उपलब्ध कराने की घोषणा भी की गई. साथ ही विधायक प्रसाद लाड ने राज्य में 58 लाख कुणबी प्रमाणपत्रों के वितरण की बात भी कही. इस घोषणा को मराठा आरक्षण आंदोलन की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
मुलाकात के दौरान विधायक प्रसाद लाड ने जरांगे पाटील से अनशन समाप्त करने की अपील की. उन्होंने कहा कि वे गुरुवार को मंत्रियों के साथ अंतरवाली सराटी आएंगे और सरकार की भूमिका स्पष्ट करेंगे. लेकिन जरांगे पाटील ने तत्काल अनशन खत्म करने से इनकार कर दिया. उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी जीआर हाथ में आने के बाद ही वे आंदोलन समाप्त करने पर निर्णय लेंगे. उन्होंने कहा कि पहले हैदराबाद गजट के आधार पर प्रमाणपत्र वितरण शुरू किया जाए, उसके बाद ही अनशन समाप्त करने पर विचार किया जाएगा. जरांगे पाटील ने कहा कि वे फिलहाल पानी पी रहे हैं और जरूरत पड़ने पर सलाइन भी लगाएंगे, लेकिन अनशन समाप्त नहीं करेंगे. साथ ही उन्होंने सातारा और कोल्हापुर गजट से संबंधित मांगों पर सरकार को दो दिन का समय देने की बात कही है.
ऐसे में सरकार की घोषणाओं के बाद अब सभी की नजर इस बात पर है कि क्या सरकार इन आश्वासनों को औपचारिक सरकारी निर्णय में बदलती है और क्या जीआर जारी होने के बाद जरांगे पाटील अपना आंदोलन वापस लेते हैं. फिलहाल सरकार और मराठा आंदोलन के बीच बातचीत का अगला दौर गुरुवार को होने की संभावना है.





