कपास उत्पादकों को 10 हजार रुपए क्विंटल दाम की उम्मीद
अनेक वैश्विक कारणों का दिया जा रहा हवाला

* किसान नेता विजय जावंधिया भी आशावादी
* विदर्भ के कृषको का हो सकता है भला
अमरावती/दि.3 – विदर्भ के कपास उत्पादक किसान अभी तो कम बारिश के कारण चिंतित बने हुए हैं. किंतु आगामी कुछ माह में जब नए कपास की फसल मार्केट में आएगी, तो उसे अच्छे दाम मिलने की उम्मीद बताई जा रही है. इसके पीछे अनेक वैश्विक कारण होने की जानकारी कृषक नेता विजय जावंधिया ने दी. वरिष्ठ शेतकरी संगठन लीडर जावंधिया ने कहा कि, भारतीय उत्पादकों को इस बार वैश्विक मार्केट में कपास के दाम 10 हजार रुपए प्रति क्विंटल भी प्राप्त हो सकते हैं. जावंधिया ने कहा कि, वर्तमान परिस्थितियों के कायम रहने पर यह हो सकता है.
* डॉलर मजबूत, क्रूड के दाम
जावंधिया ने कहा कि, डॉलर मजबूत चल रहा है. 95 रुपए का एक डॉलर हो गया है. ऐसे में क्रूड ऑइल के दामों में चल रही घट-बढ का भी असर हो सकता है. जिसके कारण आगामी कुछ माह में कपास के रेट बढ सकते हैं. भारत में पिछले सीजन में भी किसानों ने 7500 रुपए प्रति क्विंटल दाम प्राप्त किए थे. बाद में यह रेट 8200-8700 रुपए तक जा पहुंचे थे.
* टेक्सस में सूखा भी एक वजह
अमेरीका के टेक्सस में सूखे की वजह से कपास उत्पादन कम हुआ है. इसका भी कपास के दाम बढने के पीछे मजबूत कारण बताया जा रहा है. चीन के शिनजियांग क्षेत्र के कपास और कपडा उत्पादों पर लगाए गए प्रतिबंधों की वजह से भी वैश्विक मार्केट में कॉटन के रेट बढने की पूरी संभावना बताई जा रही है. अमेरीका बांग्लादेश और मलेशिया जैसे देशों से कॉटन और कपडा आयात करने का कदम उठा रहा है. जावंधिया ने कहा कि, ऐसे में एशियाई कपडा मार्केट में भारतीय कपास के लिए अतिरिक्त संभावनाएं बढ जाती है. इन्हीं सब कारणों से उन्हें लगता है कि, इस बार विदर्भ के कपास उत्पादक किसानों को 10 हजार रुपए प्रति क्विंटल रेट प्राप्त हो सकते हैं.





