नवयुवक विद्यार्थी संगठन की दहीहांडी के लिए भव्य तैयारियां तेज
राजकमल चौक पर 5 सितंबर को गूंजेगा ‘गोविंदा आला रे’

* दमकल की पानी की बौछार के बीच फोड़ेंगे गोविंदा टीमें दहीहांडी
* अतिथियों हेतु वनिता समाज के सामने बनेगा 6 फीट ऊंचा मंच
* महिलाओं और युवतियों के लिए विशेष कक्ष, सुरक्षा के लिए बैरिकेडिंग
* दहीहांडी के नीचे बिछेंगे घास के 100 बंडल, विजेताओं को मिलेंगे 51, 31 और 21 हजार रुपये के इनाम
* दैनिक ‘अमरावती मंडल’ है नवयुवक विद्यार्थी संगठन की दहीहांडी का मीडिया पार्टनर
अमरावती/दि.3 – भगवान श्रीकृष्ण जन्माष्टमी और गोपालकाला के अवसर पर अमरावती के ऐतिहासिक राजकमल चौक पर 5 सितंबर को दहीहांडी उत्सव का जोरदार जल्लोष देखने को मिलेगा. शहर की प्रतिष्ठित सामाजिक संस्था नवयुवक विद्यार्थी संगठन द्वारा आयोजित इस पारंपरिक दहीहांडी को लेकर तैयारियां अब अंतिम चरण में पहुंच गई हैं. आयोजन स्थल पर भव्य मंच, ध्वनि व्यवस्था, सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण तथा गोविंदा टीमों की सुरक्षा से जुड़ी तैयारियां तेजी से की जा रही हैं. इस वर्ष जिले के साथ-साथ विदर्भ के विभिन्न क्षेत्रों से गोविंदा टीमें राजकमल चौक पहुंचकर मानव पिरामिड के जरिए दहीहांडी फोड़ने का दमखम दिखाएंगी. रोमांच, उत्साह और धार्मिक आस्था से सराबोर इस आयोजन में हजारों नागरिकों के जुटने की संभावना है. विशेष बात यह है कि पश्चिम विदर्भ के अग्रणी हिंदी दैनिक ‘अमरावती मंडल’ को इस जल्लोषपूर्ण आयोजन का मीडिया पार्टनर बनाया गया है.
* 39 साल से कायम है परंपरा
नवयुवक विद्यार्थी संगठन द्वारा वर्ष 1987 से लगातार जन्माष्टमी के अवसर पर दहीहांडी उत्सव का आयोजन किया जा रहा है. करीब चार दशक से चली आ रही यह परंपरा अब अमरावती की सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी है. हर वर्ष इस आयोजन में शहर और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में नागरिक शामिल होते हैं. संगठन का कहना है कि दहीहांडी केवल मनोरंजन अथवा प्रतियोगिता नहीं है, बल्कि युवाओं में साहस, अनुशासन, टीम भावना, आपसी सहयोग और सामाजिक एकता की भावना विकसित करने वाला उत्सव है. इसी उद्देश्य से संगठन ने वर्षों से इस परंपरा को कायम रखा है.
* वनिता समाज के सामने बनेगा भव्य मंच
इस बार दहीहांडी आयोजन के लिए वनिता समाज के सामने करीब 6 फीट ऊंचा और 15 बाय 30 वर्गफीट आकार का भव्य मंच तैयार किया जा रहा है. मंच के दोनों ओर डीजे सेट लगाए जाएंगे, जिससे पूरे आयोजन स्थल पर उत्सव का माहौल बना रहेगा. मंच निर्माण और परिसर की अन्य व्यवस्थाओं का काम तेजी से जारी है. आयोजन स्थल पर दर्शकों की सुविधा और गोविंदा टीमों के प्रदर्शन को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग व्यवस्थाएं की जा रही हैं.
* दमकल वाहनों से होगी पानी की बौछार
दहीहांडी को और रोमांचक बनाने के साथ-साथ गोविंदा टीमों के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं करने की तैयारी भी की जा रही है. आयोजन समिति ने दमकल विभाग से दमकल वाहन उपलब्ध कराने के लिए आवेदन किया है. योजना के अनुसार दहीहांडी फोड़ने के दौरान गोविंदा टीमों पर दमकल वाहनों के माध्यम से पानी की बौछार की जाएगी. पानी की बौछार के बीच मानव पिरामिड बनाकर दहीहांडी तक पहुंचने का प्रयास गोविंदा टीमों के लिए चुनौतीपूर्ण और दर्शकों के लिए रोमांचक क्षण होगा. हालांकि, आयोजन समिति की ओर से सुरक्षा को प्राथमिकता देने की बात कही गई है.
* चोट से बचाने के लिए दहीहांडी के नीचे बिछेगी घास
गोविंदा टीमों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए दहीहांडी के ठीक नीचे घास के करीब 100 बंडल बिछाने की व्यवस्था की जा रही है. इन बंडलों को पॉलिथीन और तिरपाल से ढककर सुरक्षित तरीके से तैयार किया जाएगा. मानव पिरामिड बनाते समय संतुलन बिगड़ने पर गोविंदा जमीन पर गिर सकते हैं. ऐसे में नीचे बिछाई गई गद्देदार घास से गिरने की स्थिति में चोट की आशंका कम करने की व्यवस्था की गई है. आयोजन समिति का दावा है कि गोविंदा टीमों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आवश्यक सावधानियां बरती जा रही हैं.
* महिलाओं और युवतियों के लिए विशेष व्यवस्था
दहीहांडी में बड़ी संख्या में महिलाओं, युवतियों और परिवारों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए उनके लिए विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं. वनिता समाज के सामने महिलाओं एवं युवतियों के लिए विशेष कक्ष बनाया जाएगा. इसके साथ ही परिसर में बैरिकेडिंग का काम भी शुरू कर दिया गया है. महिलाओं की सुरक्षा के लिए स्वयंसेवकों की तैनाती के साथ पुलिस प्रशासन के सहयोग से भीड़ नियंत्रण और यातायात व्यवस्था संभालने की तैयारी की जा रही है. आयोजन समिति का कहना है कि परिवार के साथ आने वाले नागरिकों को किसी तरह की असुविधा न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाएगा.
* 51 हजार का पहला पुरस्कार
दहीहांडी प्रतियोगिता में इस बार गोविंदा टीमों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिलेगा. आयोजकों ने विजेता टीमों के लिए आकर्षक नकद पुरस्कारों की घोषणा की है. जिसके तहत प्रथम पुरस्कार 51 हजार रुपये, द्वितीय पुरस्कार 31 हजार रुपये तथा तृतीय पुरस्कार 21 हजार रुपये प्रदान किया जाएगा. साथ ही साथ विजेता टीमों को आकर्षक ट्रॉफी प्रदान की जाएगी.
* पुलिस आयुक्त के हाथों होगा पुरस्कार वितरण
नवयुवक विद्यार्थी संगठन की वर्षों पुरानी परंपरा के अनुसार विजेता गोविंदा टीमों को पुरस्कार पुलिस आयुक्त के हाथों प्रदान किए जाएंगे. आयोजकों के अनुसार प्रशासन और सामाजिक संस्थाओं के बीच सकारात्मक समन्वय स्थापित करने तथा युवाओं को प्रोत्साहित करने की दृष्टि से यह परंपरा महत्वपूर्ण है. आयोजकों को उम्मीद है कि पुलिस प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधि और शहर के गणमान्य नागरिक इस आयोजन में उपस्थित रहेंगे.
* राजनीति से ऊपर सामाजिक एकता का संदेश
दहीहांडी आयोजन की एक खासियत यह भी रही है कि इसे किसी एक राजनीतिक दल के कार्यक्रम के रूप में नहीं देखा जाता. इस बार भी विभिन्न राजनीतिक दलों के जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, व्यापारियों, उद्योग जगत से जुड़े लोगों और शहर के गणमान्य नागरिकों को आमंत्रित किया गया है. आयोजन समिति का कहना है कि दहीहांडी सामाजिक और सांस्कृतिक एकता का उत्सव है. इसलिए राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर सभी वर्गों की सहभागिता सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है.
* गोविंदा टीमों के पहुंचने का सिलसिला होगा शुरू
5 सितंबर को गोपालकाला के अवसर पर शहर में सुबह से ही दहीहांडी उत्सव का माहौल बनना शुरू हो जाएगा. विभिन्न क्षेत्रों से गोविंदा टीमें राजकमल चौक पहुंचेंगी. टीमों के प्रदर्शन के दौरान दर्शकों की भीड़ को नियंत्रित रखने और प्रतियोगिता को व्यवस्थित तरीके से संचालित करने के लिए स्वयंसेवकों की टीम तैनात रहेगी.
* तैयारियां अंतिम चरण में
राजकमल चौक परिसर में मंच निर्माण, बैरिकेडिंग और अन्य व्यवस्थाओं का काम युद्धस्तर पर जारी है. आयोजन समिति के पदाधिकारी और स्वयंसेवक तैयारियों पर लगातार नजर रख रहे हैं. गोविंदा टीमों के प्रदर्शन के लिए आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था के साथ दर्शकों के लिए भी पर्याप्त स्थान और प्रवेश-निकास व्यवस्था तैयार की जा रही है.

* संगठन की नई पीढी नए जोश के साथ कमान संभालने तैयार
नवयुवक विद्यार्थी संगठन में शामिल रहनेवाले कई नवयुवकों व विद्यार्थियों की टीम द्वारा दहीहांडी के आयोजन को सफल बनाने हेतु जबरदस्त प्रयास किए जा रहे है. इस टीम में अतुल टाले, किशन जाधव, मिलींद लेंघे, प्रतिक सवई, सुभाष खोरगडे, सतीश बुनगे, ऐश्वर्या देशमुख, आकाश माहुलकर, आदित्य पोवडे, सिध्देश साहू, निखिल कराले, निनाद खंडोकर, मयूर गरोले, यश कोल्हे, राधेय देशमुख, लालू रावत, लाल साहू, बाबू गजबे, राहुल विरूलकर, सागर माहुलकर, क्रिष्णा कोरडे, श्याम श्रीवास, शुभम शाह, क्रिपाल जोशी, ओम सुर्वा, राजू खैर, स्वप्निल उके, प्रवीण अग्रवाल, दिलीप मेहरे, जगदीश गवली, नंदू देशमुख, बालासाहेब देशपांडे, बी. डी. देशमुख, प्रेम कुचे, छोटू खान व भूषण परिहार आदी सहीत कई नवयुवकों व विद्यार्थियों का समावेश है.





