9 को मनपा में होगी समीक्षा बैठक, 10 मुद्दों पर होगी चर्चा

विधान परिषद सदस्य धीरज लिंगाडे के पत्र पर आयुक्त डॉ. मंगेश गोंदावले ने बुलाई बैठक

* कोणार्क के सफाई ठेके से लेकर कर्मचारियों के वेतन, अतिक्रमण और आवारा कुत्तों तक पर होगी चर्चा
अमरावती/दि.3 – अमरावती महानगरपालिका से जुड़े लंबे समय से लंबित और विवादित मामलों को लेकर अब प्रशासन के स्तर पर समीक्षा बैठक होने जा रही है. विधान परिषद सदस्य धीरज लिंगाडे द्वारा उठाए गए विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों के संदर्भ में मनपा आयुक्त डॉ. मंगेश गोंदावले ने 9 सितंबर 2026 को दोपहर 12 बजे आयुक्त कक्ष से सटे बैठक सभागृह में समीक्षा बैठक आयोजित की है. बैठक में लिंगाडे द्वारा सुझाई गई विषय सूची के आधार पर मनपा प्रशासन से संबंधित अधिकारियों से जानकारी लेकर आगे की कार्रवाई पर चर्चा की जाएगी.
हालांकि, विधायक लिंगाडे ने अपने मूल पत्र में 7 सितंबर को बैठक आयोजित करने और समय उनके कार्यालय को सूचित करने का अनुरोध किया था. इसके बाद मनपा आयुक्त की ओर से जारी पत्र में 9 सितंबर को दोपहर 12 बजे बैठक निर्धारित किए जाने की जानकारी दी गई है. बैठक में कांग्रेस के पूर्व पालकमंत्री डॉ. सुनील देशमुख, मनपा में विपक्ष के नेता विलास इंगोले, नगरसेवक मिलिंद चिमोटे, बबलू शेखावत, अनिल अग्रवाल तथा कांग्रेस के सभी नगरसेवकों को आमंत्रित करने की मांग भी लिंगाडे ने की है. संबंधित विभागों के अधिकारियों और विषय से जुड़े व्यक्तियों को भी बैठक में उपस्थित रखने के निर्देश दिए गए हैं.
* कोणार्क के सफाई ठेके पर सबसे अहम चर्चा
बैठक की विषय सूची में सबसे प्रमुख मुद्दा शहर की सफाई व्यवस्था से जुड़ा कोणार्क इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी का एकल सफाई ठेका है. लिंगाडे ने आरोपों और विवादों के संदर्भ में कई सवाल उठाए हैं. उनके अनुसार, कंपनी को शहर की सफाई का ठेका देते समय करारनामे में किए गए बदलाव, सफाई व्यवस्था को लेकर गठित अध्ययन समूह की रिपोर्ट पर कार्रवाई नहीं होना, विधानमंडल को पूरी जानकारी नहीं दिए जाने के आरोप तथा आम नागरिकों को हो रही परेशानियों पर समीक्षा आवश्यक है. इसके अलावा सफाई ठेके को लेकर नगरसेवकों, मनपा प्रशासन और ठेकेदार के बीच पैदा हुए कथित संघर्ष की स्थिति तथा इसे दूर करने के लिए प्रशासन द्वारा उठाए गए कदमों पर भी बैठक में चर्चा होगी. यह मुद्दा इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि शहर की सफाई व्यवस्था को लेकर पिछले कुछ समय से लगातार शिकायतें और राजनीतिक विवाद सामने आते रहे हैं.
* 8 साल से बाजार दर पर नहीं दी गईं मनपा की दुकानें
मनपा की संपत्ति से जुड़ा एक बड़ा आर्थिक मुद्दा भी बैठक में उठाया जाएगा. विधायक लिंगाडे ने कहा है कि महानगरपालिका के स्वामित्व वाली सैकड़ों दुकानों की लीज अवधि समाप्त होने के बावजूद पिछले करीब आठ वर्षों से उन्हें बाजार दर पर नहीं दिया गया है. इससे मनपा को होने वाले संभावित आर्थिक नुकसान, दुकानों के नवीनीकरण अथवा पुनर्भाड़े की प्रक्रिया और प्रशासन की भूमिका पर चर्चा की जाएगी. मनपा की संपत्तियों से अधिकतम राजस्व प्राप्त करने के लिए क्या नीति अपनाई जा रही है, इस पर भी समीक्षा होने की संभावना है.
* 10-12 साल से काम कर रहे कर्मचारियों के स्थायीकरण का मुद्दा
मनपा के ठेका नियुक्त कर्मचारियों का प्रश्न भी बैठक के एजेंडे में प्रमुखता से शामिल है. लिंगाडे ने 10 से 12 वर्षों से महानगरपालिका में कार्यरत ठेका नियुक्त कर्मचारियों को स्थायी सेवा में शामिल करने तथा उन्हें उनके अधिकार का पूरा वेतन दिलाने का मुद्दा उठाया है. लंबे समय से सेवा दे रहे कर्मचारियों की स्थिति, उनकी सेवा शर्तें, वेतन भुगतान, ठेकेदार के माध्यम से होने वाली नियुक्तियों तथा मनपा प्रशासन की जिम्मेदारी पर चर्चा की जाएगी.
* अतिक्रमण से लेकर हॉकर्स जोन तक पर मंथन
शहर में बड़े पैमाने पर हुए अतिक्रमण को लेकर भी बैठक में चर्चा होगी. विधायक लिंगाडे ने शहर के सभी फुटपाथों को अतिक्रमणमुक्त करने तथा व्यवस्थित हॉकर्स जोन विकसित करने की आवश्यकता जताई है. फुटपाथों पर अतिक्रमण के कारण पैदल चलने वाले नागरिकों को होने वाली परेशानी, यातायात व्यवस्था पर पड़ने वाला प्रभाव तथा छोटे व्यापारियों और फेरीवालों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध कराने जैसे मुद्दे बैठक में सामने आएंगे.
* आवारा कुत्तों से नागरिकों की सुरक्षा का सवाल
शहर में बढ़ती आवारा कुत्तों की समस्या को भी बैठक के एजेंडे में शामिल किया गया है. विधायक लिंगाडे ने आवारा कुत्तोंं के कारण नागरिकों के सामने उत्पन्न हो रहे खतरे पर चर्चा की मांग की है. आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या, नसबंदी अभियान, टीकाकरण तथा नागरिकों की सुरक्षा के लिए मनपा द्वारा की जा रही कार्रवाई की जानकारी संबंधित विभाग से ली जा सकती है.
* पवित्र पोर्टल से नियुक्त शिक्षकों के वेतन का मुद्दा
मनपा में वर्ष 2022 के पवित्र पोर्टल के माध्यम से नियुक्त शिक्षकों के वेतन का विषय भी समीक्षा बैठक में रखा गया है. संबंधित शिक्षकों को नियमित रूप से वेतन मिलने में किसी प्रकार की समस्या है या नहीं तथा उनकी सेवा और वेतन संबंधी लंबित मामलों का निराकरण कैसे किया जाए, इस पर चर्चा होगी.
* सातवें वेतन आयोग की बकाया किस्त की मांग
मनपा के शिक्षकों के सातवें वेतन आयोग की बकाया किस्त का मामला भी बैठक में उठाया जाएगा. विशेष रूप से पहली बकाया किस्त के भुगतान को लेकर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की गई है. शिक्षकों का वेतन, वेतन आयोग की बकाया राशि और प्रशासन की आर्थिक स्थिति के मद्देनजर भुगतान की संभावित प्रक्रिया पर संबंधित अधिकारियों से जानकारी लिए जाने की संभावना है.
* छठे वेतन आयोग की बकाया राशि पर भी चर्चा
मनपा कर्मचारियों के छठे वेतन आयोग की कुछ बकाया किस्तों का मुद्दा भी एजेंडे में शामिल है. कुछ कर्मचारियों को अब तक बकाया राशि क्यों नहीं मिली और इसके भुगतान में क्या अड़चन है, इस पर भी समीक्षा की जाएगी.
* मेडिकल बिलों के भुगतान का मामला
मनपा कर्मचारियों के चिकित्सा खर्च से संबंधित मेडिकल बिलों के भुगतान का मुद्दा भी बैठक में उठाया गया है. कर्मचारियों द्वारा प्रस्तुत मेडिकल बिलों की वर्तमान स्थिति, लंबित बिलों की संख्या तथा उनके भुगतान के लिए उपलब्ध प्रावधानों पर चर्चा होने की उम्मीद है.
* 2005 के बाद नियुक्त कर्मचारियों के एनपीएस खाते
बैठक में मनपा के वर्ष 2005 के बाद नियुक्त कर्मचारियों के राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) खाते खोले जाने का मुद्दा भी शामिल किया गया है. संबंधित कर्मचारियों के एनपीएस खाते अब तक क्यों नहीं खुले, कितने कर्मचारी इससे प्रभावित हैं और खाते खोलने के लिए क्या कार्रवाई की जा रही है, इसकी जानकारी मांगी जाएगी.

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