कक्षा 12 वीं बोर्ड एक्झाम को अगले वर्ष से वेटेज
प्रवेश परीक्षाओं के साथ ही बोर्ड के भी अंकों पर होगा गौर

* अभियांत्रिकी प्रवेश पर सकारात्मक प्रभाव
मुंबई/दि.3 – राज्य सरकार ने राज्य माध्यमिक और उच्च माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की कक्षा 12 वीं की परीक्षा का मूल्यांकन बढाने के लिए आगामी 2027-28 के सत्र से खास कदम लागू करने की तैयारी की है. बोर्ड के अधिकारियों ने इस बाबत संकेत देते हुए बताया कि, प्रवेश परीक्षा और बोर्ड एक्झाम के अंक अभियांत्रिकी में प्रवेश के लिए समान रुप से ग्राह्य किए जाएंगे. कुछ समय पहले तत्कालीन उच्च शिक्षा मंत्री उदय सामंत ने इस प्रकार के संकेत दिए थे. उनका प्रस्ताव 50-50 प्रतिशत अंकों का रहा था.
उल्लेखनीय है कि, कुछ विद्यार्थियों के बोर्ड एक्झाम में कम नंबरों और प्रवेश परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन पर राज्यभर में जोरदार चर्चा छिडी थी. कुछ राजनेताओं, पदाधिकारियों के पाल्यों के अंकों को विपक्षी दलों ने खूब उछाला था. जिसके बाद बोर्ड एक्झाम का महत्व बढाने का निर्णय किए जाने की जानकारी है. यह निर्णय 2027 के शिक्षा सत्र से लागू करने का संकेत भी दिया गया है.
जिसके अनुसार बोर्ड परीक्षा में पीसीएम के मार्क्स पर गौर किया जाएगा. पीसीबी में 75 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करना अनिवार्य किया जाएगा. पीसीएम अर्थात भौतिक शास्त्र, रसायन शास्त्र और गणित. उसी प्रकार नीट देनेवालों के लिए पीसीबी के अंक ग्राह्य माने जाते हैं. अधिकृत सूत्रों ने दावा किया कि, एमएचटी-सीईटी अर्थात राज्य अभियांत्रिकी प्रवेश परीक्षा में कम से कम 202 विद्यार्थी ऐसे है, जिन्होंने प्रवेश परीक्षा अच्छे अंकों से उत्तीर्ण की है, किंतु बोर्ड एक्झाम में उपरोक्त विषयों भौतिक शास्त्र, रसायन शास्त्र और गणित में उनका स्कोर 40-50 प्रतिशत ही रहा. जिसके कारण काफी बहस-मुबाहिसा हुआ.





