खेतों में बार-बार बिजली गुल, महावितरण कार्यालय में किसानों का हंगामा
12 घंटे नियमित बिजली आपूर्ति की मांग

फसल खराब होने पर महावितरण को जिम्मेदार ठहराने की चेतावनी
दर्यापुर/दि.6 – तहसील में सूखे जैसे हालात के बीच किसानों की परेशानी बढ़ गई है. खेतों में सिंचाई के लिए जरूरी बिजली की आपूर्ति बार-बार बाधित होने और पिछले कुछ दिनों से पर्याप्त बिजली नहीं मिलने के कारण किसानों का गुस्सा फूट पड़ा. सोमवार को बड़ी संख्या में किसानों ने दर्यापुर स्थित महावितरण कार्यालय पहुंचकर अधिकारियों से जवाब मांगा और नियमित 12 घंटे बिजली आपूर्ति की मांग को लेकर जमकर नाराजगी जताई.
किसानों का कहना था कि बारिश की कमी के कारण पहले ही फसलें संकट में हैं. ऐसे में खेतों में सिंचाई के लिए मिलने वाली बिजली भी नियमित नहीं रही तो किसानों के सामने फसल बचाने की बड़ी चुनौती खड़ी हो जाएगी.
* ‘फसल खराब हुई तो महावितरण जिम्मेदार’
शिंदे सेना के गोपाल अर्बत ने महावितरण अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि बिजली की अनियमित आपूर्ति के कारण किसानों की फसलें खराब होती हैं तो इसके लिए महावितरण जिम्मेदार होगा. उन्होंने किसानों को पर्याप्त बिजली नहीं मिलने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी भी दी. किसानों ने अधिकारियों से स्पष्ट कहा कि जब तक खेती के लिए 12 घंटे नियमित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने संबंधी लिखित आदेश नहीं दिया जाता, तब तक वे कार्यालय से बाहर नहीं जाएंगे. इस दौरान दर्यापुर पुलिस भी मौके पर मौजूद रही.
* किसानों को दिया गया लिखित पत्र
किसानों के आक्रोश को देखते हुए महावितरण के उपकार्यकारी अभियंता कटोले ने किसानों को लिखित पत्र दिया. इसमें दर्यापुर सिटी-1, दर्यापुर सिटी-2, येवदा, खोलापुर, ग्रामीण-1, ग्रामीण-2, कुंभारगांव, कोकरडा, खल्लार, वाठोडा सहित संबंधित वितरण केंद्रों के कृषि फीडर को निर्धारित समय के अनुसार 12 घंटे सुचारू रूप से चालू रखने के निर्देश दिए गए. पत्र में कहा गया कि सूखे जैसे हालात को देखते हुए खेती के लिए बिजली की आवश्यकता महत्वपूर्ण है. इसलिए संबंधित उपकेंद्रों से सुबह और शाम के समय कृषि फीडर के माध्यम से किसानों को 12 घंटे बिजली उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए.
* मेंटेनेंस के दौरान अतिरिक्त आपूर्ति का आश्वासन
महावितरण की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया कि यदि किसी क्षेत्र में आवश्यक मेंटेनेंस के कारण बिजली आपूर्ति बाधित होती है तो उसकी भरपाई अतिरिक्त बिजली आपूर्ति के माध्यम से करने का प्रयास किया जाएगा.
* सैकड़ों किसान रहे मौजूद
इस दौरान शिंदे सेना के गोपाल अर्बत, पार्षद रोशन कट्यारमल, कांग्रेस के नितेश वानखड़े सहित किसान अमोल दहीभाते, अमोल कटरे, कुलदीप नलकांडे, रामेश्वर वानखड़े, प्रमोद वारुलकर, सागर सदार, योगेश नवलकर, निखिल खल्लारकर, कपिल ढोके, सरचिन पंडित, राहुल भुंबर, सागर गेठे, शरद आठवले सहित तहसील के सैकड़ों किसान मौजूद थे. किसानों ने अब महावितरण द्वारा दिए गए लिखित आश्वासन के अनुसार कृषि फीडरों से नियमित 12 घंटे बिजली मिलती है या नहीं, इस पर नजर रखने की बात कही है.





