वीआईपी उद्घाटन के इंतजार में एंबुलेंस?

मेलघाट के आदिवासियों के लिए 12 वाहन

* डीपीसी फंड से हुई है उपलब्ध, स्वास्थ्य अधिकारी ने किया खुलासा
अमरावती/दि.7- अमरावती जिला परिषद के स्वास्थ्य विभाग को चौंकाने वाली लापरवाही फिर से सामने आयी है. जिला विकास समिति के 3 करोड रूपए के फंड से खरीदी गई 12 नई एंबुलेंस पिछले एक महीने से मुख्यालय में ही धूल खा रही है. एक ओर मेलघाट के दुर्गम क्षेत्रों में माताओं और बच्चों की मृत्यु का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. वहीं दूसरी ओर वीआईपी उदघाटन के इंतजार में करोडों की एंबुलेंस बेकार पडी है.
पुरानी गाडियों को कबाड बाजार का और नई एंबुलेंस को अस्पताल का इंतजार हो रहा है. जबकि अधिकारियों का कहना है आरटीओ का काम बाकी है. सूत्रों ने बताया कि अमरावती विभाग शिक्षक मतदाता संघ के चुनाव की आचार संहिता लागू होने के कारण गाडियों का वितरण नहीं किया जा सकता. हालांकि चुनाव आचार संहिता का सीधा प्रतिबंध तात्कालिक स्वास्थ्य सेवाओं पर नहीं होता. गाडियां न बंटने का असली कारण आचार संहिता नहीं बल्कि इन नई एंबुलेंस का उदघाटन का है.

* 11 मेलघाट में, 1 शिराला जाएगी
इन 12 नई एंबुलेंस में से 11 सीधे मेलघाट के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में भेजी जाएगी. जबकि शेष एक गाडी शिराला प्राथमिक स्वास्थ्यय केेंद्र को मिलेगी. मेलघाट के दुर्गम गांवों में आज भी समय पर एंबुलेंस न मिलने के कारण गर्भवती माताओं और नवजात शिशुओं को जान गंवानी पडती है. संवेदनश्ीाल स्थिति में एंबुलेंस का अमरावती के मुख्यालय में पडे रहना मेलघाट के गरीबों की जान के खिलवाड करने जैसा हे.

* आरटीओ संबंधित प्रक्रियाएं बाकी
12 नई एंबुलेंस डीपीसी फंड से ली गई है. इन वाहनों की पॉसिंग, नंबर प्लेट आदि आरटीओ से संबंधित प्रकियाएं अभी बाकी है. आनेवाले 10 से 15 दिनों में यह तकनीकी प्रक्रिया पूरी होते ही सभी एंबुलेंस तुरंत सडक पर दौडेंगी.
– डॉ. प्रवीण पारिसे,
प्रभारी जिला स्वास्थ्य अधिकारी, अमरावती.

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