कसबेगव्हाण जिप स्कूल में शिक्षकों और सुविधाओं का टोटा, विद्यार्थियों का भविष्य दांव पर

कक्षा 6 से 10 तक 50 विद्यार्थी, लेकिन विषय शिक्षक नहीं

ग्रामीणों ने जिप सीईओ से तत्काल व्यवस्था की मांग की
अमरावती /दि.9– कसबेगव्हाण स्थित जिला परिषद माध्यमिक विद्यालय में कक्षा 6 से 10 तक विद्यार्थियों की संख्या बढ़ने के बावजूद पर्याप्त शिक्षक और मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं होने से विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है. इस संबंध में ग्रामीणों, स्कूल प्रबंधन समिति और पालकों की ओर से जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी को निवेदन देकर तत्काल शिक्षक नियुक्त करने और स्कूल की भौतिक सुविधाओं में सुधार करने की मांग की गई है.
निवेदन में बताया गया कि शैक्षणिक वर्ष 2025-26 में स्कूल में केवल 7 विद्यार्थी थे. वर्तमान शैक्षणिक वर्ष 2026-27 में विद्यार्थियों की संख्या बढ़कर 50 हो गई है. इसके बावजूद कक्षा 6 से 10 तक पढ़ाने के लिए आवश्यक विषय शिक्षकों की व्यवस्था नहीं की गई है. स्कूल शुरू हुए करीब तीन महीने बीतने के बाद भी शिक्षकों की कमी दूर नहीं होने से विशेष रूप से कक्षा 10 के विद्यार्थियों की पढ़ाई का नुकसान हो रहा है. ग्रामीणों ने कहा कि कसबेगव्हाण में तालुका का एकमात्र जिला परिषद माध्यमिक विद्यालय संचालित है. विद्यार्थियों की संख्या बढ़ने के बावजूद यदि शिक्षकों और सुविधाओं का अभाव बना रहा तो ग्रामीण क्षेत्र के इस स्कूल पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है. इसलिए पूरे शैक्षणिक वर्ष के लिए नियमित विषय शिक्षक उपलब्ध कराने की मांग की गई है.
* पानी, शौचालय से लेकर बिजली तक सुविधाओं का अभाव
निवेदन में स्कूल की मूलभूत सुविधाओं की खराब स्थिति पर भी गंभीर सवाल उठाए गए हैं. ग्रामीणों के अनुसार स्कूल में पीने के पानी की सुविधा नहीं है. विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए पर्याप्त शौचालय उपलब्ध नहीं हैं. बिजली की फिटिंग खराब है तथा कई कमरों में आवश्यक विद्युत व्यवस्था नहीं है. नए बने कमरों से बारिश के दौरान पानी टपकने की शिकायत भी की गई है. पोषण आहार बनाने के लिए बनाया गया टिन शेड भी बारिश में टपकता है. स्कूल के आधे कंप्यूटर बंद होने, केवल एक छोटी आईटी लैब होने तथा प्रयोगात्मक गतिविधियों के लिए आवश्यक सुविधाएं नहीं होने की बात निवेदन में कही गई है.
* सीसीटीवी, आरओ और खेल सामग्री भी नहीं
ग्रामीणों ने बताया कि स्कूल में सीसीटीवी कैमरे, बायोमेट्रिक व्यवस्था और आरओ प्लांट भी उपलब्ध नहीं हैं. विद्यार्थियों के लिए पर्याप्त खेल मैदान और खेल सामग्री का भी अभाव है. खराब हालत वाले कक्षों में विद्यार्थियों के बैठने को लेकर भी चिंता जताई गई है. आवेदकों ने आरोप लगाया कि स्कूल की भौतिक सुविधाओं के लिए मिलने वाली निधि के उपयोग की जानकारी ग्राम पंचायत और ग्रामीणों को नहीं है. स्कूल प्रबंधन की ओर से बार-बार समस्याओं की जानकारी देने के बावजूद आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई गईं. ग्रामीणों ने जिला परिषद प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल विषय शिक्षकों की नियुक्ति, सुरक्षित कक्षाओं की व्यवस्था और सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है. उन्होंने चेतावनी दी कि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो विद्यार्थियों के पालक और ग्रामीण आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे. निवेदन पर संजय रूपरावजी लव्हाले, अमोल भास्करराव दामले, प्रशांत मनोज दामले, सदानंद प्रभाकर राजमंदिरे, मिलिंद सुरेश दामले, रवींद्र श्रीकृष्ण आसरे, निकिता दामले सहित स्कूल प्रबंधन समिति और ग्रामीणों के हस्ताक्षर हैं.

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