चिखलदरा वन उद्यान में फर्जी मजदूरों के नाम पर मजदूरी निकालने का मामला उजागर
वन व्यवस्थापन समिति के कामकाज पर सवाल, जांच की मांग

बाहरी और एक ही परिवार के लोगों को रोजगार देने की शिकायत
चिखलदरा/दि. 9 – मेलघाट व्याघ्र प्रकल्प के गुस्तमल वन्यजीव विभाग के अंतर्गत अपर प्लेटो स्थित चिखलदरा वन उद्यान में कथित अनियमितताओं का मामला सामने आया है. खटकाली वन व्यवस्थापन समिति और शासकीय सचिवों के कामकाज पर सवाल उठाते हुए मई 2026 में काम किए बिना कथित तौर पर फर्जी मजदूरों के नाम पर मजदूरी निकालने की शिकायत की गई है. साथ ही स्थानीय मजदूरों को रोजगार देने के बजाय बाहरी गांवों के लोगों, यहां तक कि एक ही परिवार के रिश्तेदारों को काम पर रखने का आरोप भी लगाया गया है. मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की जा रही है.
वन उद्यान का प्रबंधन खटकाली स्थित वन व्यवस्थापन समिति के जिम्मे है. यहां आने वाले पर्यटकों से प्रति व्यक्ति 20 रुपये प्रवेश शुल्क लिया जाता है. समिति में अध्यक्ष, सचिव, उपाध्यक्ष और अन्य सदस्य शामिल हैं, जबकि वनपाल एवं वनरक्षक शासकीय सचिव के रूप में जिम्मेदारी निभाते हैं. शिकायत में उद्यान के आर्थिक व्यवहार और मजदूरों की नियुक्ति की प्रक्रिया की जांच करने की मांग की गई है.
* काम किए बिना मजदूरी निकालने की शिकायत
वरिष्ठ अधिकारियों को भेजी गई एक गुमनाम शिकायत के अनुसार, मई 2026 में समिति के एक सदस्य के बेटे सहित एक अन्य व्यक्ति को मजदूर के रूप में दर्शाया गया. शिकायत में नितीन अंभोरे और मनीष जांभेकर के नाम से मस्टर निकालने का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया गया है कि संबंधित मजदूरों ने वास्तव में काम नहीं किया था. इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी सामने नहीं आई है. शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि उद्यान में पर्यटकों से टिकट दिए बिना पैसे वसूले जाते हैं. इस आरोप की भी जांच किए जाने की मांग की गई है.
* स्थानीय मजदूरों को प्राथमिकता देने का नियम
संयुक्त वन व्यवस्थापन के नियमों के अनुसार, समिति के कार्यक्षेत्र में होने वाले मजदूरी के कामों में स्थानीय ग्रामीणों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए. शिकायत में कहा गया है कि स्थानीय मजदूरों को अवसर दिए बिना बाहरी लोगों को काम पर रखना नियमों के विपरीत हो सकता है. स्थानीय मजदूर उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में नियमानुसार आवश्यक आधार या ग्रामसभा के निर्णय की भूमिका भी जांच का विषय है. एक ही परिवार के रिश्तेदारों को काम पर दिखाकर अन्य ग्रामीणों को रोजगार से वंचित करने के आरोपों के कारण समिति के कामकाज की पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं.
* अनियमितता मिलने पर होगी कार्रवाई
चिखलदरा के वनपरिक्षेत्र अधिकारी राहुल धाईत ने कहा कि वन उद्यान में नियमानुसार काम किया जा रहा है. यदि किसी प्रकार की नियमबाह्य गतिविधि सामने आती है, तो उसकी जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि होना बाकी है. ऐसे में जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि मजदूरों की नियुक्ति, मस्टर और प्रवेश शुल्क के लेन-देन में वास्तव में कोई अनियमितता हुई है या नहीं.





