किसान की बेटी ने रचा इतिहास, प्राप्त किए 99.40 अंक के साथ
कक्षा दसवीं में संभाग से गोल्डन किड्स की युक्ति भोगे अव्वल

* समर्थ की अनुष्का मशीदकर, अंजनगांव की रिद्धि शर्मा का भी शानदार प्रदर्शन
* 492 अंक प्राप्त किए, बनना है एरोनॉटिकल इंजीनियर
अमरावती/दि.8 – कक्षा दसवीं के आज घोषित महाराष्ट्र बोर्ड नतीजों में पिछले अनेक वर्षों की परंपरा के अनुसार बाजी बेटियों के नाम रही. उसी प्रकार समाचार लिखे जाने तक प्राप्त जानकारी के अनुसार गोल्डन किड्स स्कूल की छात्रा युक्ति भोगे 492 अंक प्राप्त कर संभाग में संभवत: अव्वल रही है. उसी प्रकार समर्थ हाईस्कूल की छात्रा अनुष्का मशीदकर ने 491 अंक और अंजनगांव के संघई स्कूल की रिद्धि ओमप्रकाश शर्मा ने 490 अंक प्राप्त किए है. बेस्ट ऑफ फाइव विषयों के साथ विद्यार्थियों को ग्रेस अंक खेल, कला के दिए गए हैं. उक्त दोनों ही मेधावी छात्राओं युक्ति भोगे तथा अनुष्का मशीदकर को 5-5 मार्क प्राप्त हुए हैं. गोल्डन किड्स ने भी मेरीट में अव्वल स्थान प्राप्त करने की परंपरा कायम रखी है. पिछले कुछ वर्षों से गोल्डन किड्स के विद्यार्थी लगातार प्रथम, द्वितीय स्थान हासिल करते रहे हैं. पिछले वर्ष भी इसी शाला के छात्र ने पहला क्रमांक प्राप्त किया था.
* एरोनॉटिकल इंजीनियर बनेगी
युक्ति भोगे ने एरोनॉटिकल इंजीनियर बनने की इच्छा व्यक्त की. अमरावती मंडल से बातचीत में युक्ति नेे बताया कि, उनके पिता अविनाश भोगे खेती-बाडी करते हैं. माताजी वंदना भोगे गृहिणी है. वलगांव निवासी युक्ति भोगे रोज अप-डाउन करती थी. उन्होंने बताया कि, नियमित पढाई सफलता के लिए आवश्यक है. युक्ति ने बताया कि, उसने शिखर एज्युकेशन से कोचिंग प्राप्त की. युक्ति ने बताया कि वह नियमित 4-5 घंटे अभ्यास करती थी. उसे चित्रकारी में रुचि है. उसने ड्राइंग की एलिमेंटरी एक्झाम भी दी. उसे ड्राइंग के 5 ग्रेस मार्क प्राप्त हुए है. जिससे उसका स्कोर 497 आउट ऑफ 500 हो जाता है. युक्ति ने बताया कि, वह जेईई की तैयारी कर रही है. उसे एरोनॉटिकल इंजीनियर बनना है. उसकी छोटी बहन आर्या भोगे कक्षा 6 वीं की छात्रा है. दोनों ही बहनें गोल्डन किड्स में पढ रही है. इसी स्कूल की छात्रा ईशा डकरे ने भी 98 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं.
.* अखबार विक्रेता की बेटी अनुष्का संभाग में सेकंड!
बेटियां पढाई में कमाल कर रही है. सफलता के परचम लहरा रही हैं. इसी कडी में समर्थ हाईस्कूल की होनहार छात्रा अनुष्का राजेश मशीदकर ने 491 अंकों के साथ संभाग में संभवत: दूसरा स्थान हासिल किया है. अनुष्का नियमित पढाई को सफलता का राज बताती है, और यह भी कहती है कि, उसकी सफलता में माता-पिता और गुरुजनों का बडा योगदान है. उल्लेखनीय है कि अनुष्का के पिता राजेश मशीदकर समाचार पत्र विक्रेता है. जबकि माताजी सपना मशीदकर गृहिणी है. अनुष्का ने अमरावती मंडल से बातचीत में बताया कि, उसे मेरीट आने का पूरा विश्वास था. उसने विघे कोचिंग क्लासेस से कोचिंग हासिल की. अभी भी वह जेईई की तैयारी में जुट गई है. उसे इंजीनियर बनना है. ‘अमरावती मंडल’ से चर्चा दौरान अनुष्का ने कहा कि बचपन से तो वह स्पर्धा परीक्षा देकर आईएएस बनने का सपना संजोए है. अभी पहला गोल जेईई क्रैक कर इंजीनियर बनने का है. अनुष्का को वाचन और डांसींग में रुचि है. हालांकि वह अपने शास्त्रीय नृत्य के हॉबी को बहुत अधिक समय नहीं दे पाती, अभी तो कक्षा दसवीं की बोर्ड एक्झाम पर उसने कॉन्सनट्रेट किया था. अनुष्का को लढ्ढा हाईस्कूल केंद्र मिला था. जिससे विजया कॉन्व्हेंट के पास घर से उसके पिता राजेश मशीदकर उसे हर समय परचे के लिए छोडने और लेने जाते. अनुष्का ने बताया कि, परिवार में उसका छोटा भाई वरद है, जो अब कक्षा छठवीं का विद्यार्थी है. अनुष्का और संपूर्ण मशीदकर परिवार आज उसकी शानदार सफलता से प्रफुल्लित रहा. शाला में भी मुख्याध्यापक धनंजय पाठक ने उनका अभिनंदन किया. बता दें कि, समर्थ हाईस्कूल का परीक्षाफल शानदार रहा है.





