अकोला में पकडी गई नकली दारु फैक्टरी
30 लाख का माल जब्त

एक्साइज का सातर गांव में छापा
अकोला /दि.25– नकली गुटखा बनाने वाले कारखाने के भंडाफोड के बाद अकोला जिले में अब नकली देशी शराब बनाने वाली फैक्टरी का पर्दाफाश एक्साइज विभाग ने किया है. अमरावती विभाग राज्य उत्पादन शुल्क उपायुक्त प्रसाद सुर्वे, उपायुक्त डॉ. पराग नवलकर के निर्देश पर अधीक्षक सीमा झावरे के मार्गदर्शन में बालापुर तहसील अंतर्गत सातर गांव में नकली देशी दारु बनाने का कारखाना उद्धवस्त किया गया.
यह जानकारी राज्य उत्पादन शुल्क निरीक्षक प्रमोद कांबले ने दी और बताया कि, 23 जुलाई को गोपनीय सूचना मिली. जिसके बाद सातर गांव में नदी-किनारे खेत में टीनशेड पर छापा मारा, तो वह टीनशेड तालाबंद पाया गया. अंदर एक बॉटलींग मशीन, तैयार नकली देशी दारु, बॉबी संत्रा व रॉकेट देशी दारु संत्रा ब्रँड की 90 मिली के 550 खोके अर्थात 55 हजार सीलबंद बोतले जब्त की गई. उसी प्रकार 400 लीटर मद्य और 200 लीटर क्षमता के चार प्लास्टिक ड्रम एवं देशी दारु तैयार करने के एसेन्स, खाली प्लास्टिक की बोतले, लेबल, कार्टन और एक हजार लीटर प्लास्टिक की टंकिया, अल्कोहोल मीटर ऐसा 30,95,110 रुपए मूल्य का माल जब्त किया गया. इस बारे में आकाश वासुदेव बर्डे ने शिकायत दी. आगे जांच स्वयं निरीक्षक प्रमोद कांबले कर रहे है.
उन्होंने बताया कि, संदिग्ध आरोपी के विरुद्ध महाराष्ट्र शराबबंदी कानून 1949 की धारा 65 ए, बी, सी, डी, इ, एफ, 78 सी, डी, 81, 83, 90 और 103 के अनुरुप अपराध दर्ज किया गया है. संबंधित खेत और टीनशेड के मालीक एवं आपूर्तिकर्ता और शराब के बक्शे ट्रांसपोर्ट करनेवालों के विरुद्ध गुनाह दाखिल किया गया है.
यह कार्रवाई उत्पादन शुल्क उडन दस्ते के निरीक्षक महेंद्र सोनार, दुय्यम निरीक्षक भरत धुरट, राजेश राठोड, जवान सर्वश्री विशाल बांबलकर, सुभाष गावंडे, योगेश सरप, आकाश बर्डे, नरेश कास्देकर, अमर इंगले, राजेश खिराले, महिला जवान वैष्णवी बोडखे ने की.
* इन नंबरों पर दें सूचना
राज्य उत्पादन शुल्क विभाग ने लोगों से आवाहन किया है कि, अवैध शराब के निर्माण, विक्री या परिवहन की सूचना तत्काल टोल फ्री नंबर 18002339999 अथवा वॉट्सएप नंबर 8422001133 या फिर फोन नंबर 022-2263881 पर संपर्क करें.
* आरोपी गायब
एक्साइज विभाग ने बडा छापा मारा किंतु कोई भी आरोपी उसके हाथ नहीं लगा. जिससे इस छापे की व्यापक चर्चा सर्वत्र हो रही है. यह सवाल पूछा जा रहा है कि, क्या अवैध शराब कारखाने के संचालकों को कार्रवाई की भनक लग गई थी क्या?