हिंदी की पढाई कर रोजगार की गारंटी
अमरावती के संगाबा विवि में विद्यार्थियों के लिए सुनहरा अवसर

* पूरे राज्य के इसी एकमात्र विद्यापीठ में हिंदी अनुवाद का विशेष पाठ्यक्रम
अमरावती/दि.14- आज के प्रतिस्पर्धी दौर में केवल पारंपरिक डिग्री प्राप्त करना पर्याप्त नहीं रह गया है. रोजगारोन्मुखी और व्यावसायिक कौशल आधारित शिक्षा की मांग लगातार बढ़ रही है. इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए संत गाडगेबाबा अमरावती विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग द्वारा एम.ए. (हिंदी अनुवाद) का विशेष व्यावसायिक पाठ्यक्रम संचालित किया जा रहा है. विशेष बात यह है कि पूरे महाराष्ट्र में यह पाठ्यक्रम केवल अमरावती विश्वविद्यालय में ही उपलब्ध है, जिसमें कुल 30 सीटें निर्धारित हैं.
संत गाडगेबाबा अमरावती विश्वविद्यालय के अनुसार यह पाठ्यक्रम विद्यार्थियों के बहुआयामी व्यक्तित्व विकास, भाषा कौशल संवर्धन तथा रोजगार की दृष्टि से अत्यंत उपयोगी साबित हो रहा है. हिंदी, मराठी और अंग्रेजी भाषाओं के बीच अनुवाद की विशेष प्रशिक्षण व्यवस्था होने से विद्यार्थियों को विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार के अवसर प्राप्त हो रहे हैं. इस पाठ्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों, सार्वजनिक उपक्रमों और संस्थानों में राजभाषा अधिकारी, हिंदी अधिकारी तथा अनुवादक जैसे प्रतिष्ठित पदों पर नियुक्ति पाने का अवसर मिलता है. इसके अलावा पत्रकारिता, रेडियो, दूरदर्शन, फिल्म, दूरसंचार, बैंकिंग, बीमा कंपनियों तथा निजी क्षेत्र में भी रोजगार की व्यापक संभावनाएं उपलब्ध हैं.
* सेट-नेट और अध्यापन क्षेत्र में भी लाभ
पाठ्यक्रम में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के निर्देशानुसार सेट और नेट परीक्षाओं से संबंधित विषयों को भी शामिल किया गया है. इससे विद्यार्थी उच्च शिक्षा क्षेत्र में प्राध्यापक बनने के लिए भी पात्र हो सकते हैं. साथ ही स्वतंत्र अनुवादक के रूप में स्वरोजगार स्थापित करने का भी अवसर मिलता है.
* पूर्व विद्यार्थियों की उल्लेखनीय उपलब्धियां
विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग से शिक्षा प्राप्त कई विद्यार्थी आज महत्वपूर्ण पदों पर कार्यरत हैं. विभाग के पूर्व छात्र अनिकेत बोरकर वर्तमान में नाशिक स्थित हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड में राजभाषा अधिकारी के पद पर कार्य कर रहे हैं. वहीं मराठी भाषी पूर्व छात्रा सरिता नंदेश्वर भारतीय संसद की लोकसभा में सेवाएं दे रही हैं. विभाग के पूर्व विद्यार्थी डॉ. श्यामप्रकाश पांडे आर्वी के कला, वाणिज्य एवं विज्ञान महाविद्यालय में सहायक प्राध्यापक के रूप में कार्यरत हैं.
* 30 विद्यार्थियों ने प्राप्त की पीएचडी
हिंदी विभाग से अब तक लगभग 30 विद्यार्थियों ने पीएचडी (आचार्य) उपाधि प्राप्त की है, जबकि 70 से अधिक विद्यार्थियों को केंद्र सरकार के विभिन्न कार्यालयों में रोजगार मिला है. विभाग की ओर से अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, ओबीसी और एनटी वर्ग की छात्रवृत्तियों के अलावा केंद्र सरकार की हिंदीतर भाषी छात्रवृत्ति का लाभ भी विद्यार्थियों को उपलब्ध कराया जाता है. इसके साथ ही विभाग द्वारा विद्यार्थियों के लिए निःशुल्क रेमेडियल कक्षाएं, सेट-नेट परीक्षा मार्गदर्शन तथा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु विशेष प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाता है.
* सीमित सीटें, शीघ्र प्रवेश लेने की अपील
विश्वविद्यालय प्रशासन ने बताया कि पाठ्यक्रम में केवल 30 सीटें उपलब्ध हैं. इसलिए इच्छुक विद्यार्थी समय रहते अपना प्रवेश सुनिश्चित करें. अधिक जानकारी और प्रवेश संबंधी प्रक्रिया के लिए प्रभारी विभागाध्यक्ष डॉ. माधव पुटवाड से संपर्क किया जा सकता है. यह पाठ्यक्रम उन विद्यार्थियों के लिए विशेष रूप से लाभदायक माना जा रहा है जो भाषा, अनुवाद, राजभाषा कार्यान्वयन, पत्रकारिता या शिक्षण क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहते हैं.