हाजियों की वतन वापसी पर्याप्त मात्रा में ‘ जमजम ’ भी मिला
हज यात्रा से वापसी: शहर में तीन उडानों से पहुंचे 429 हाजी

नागपुर/दि.19– मुबारक सफर हज – 2026 पर नागपुर एंबाकेशन प्वाइंट से रवाना हुए हाजियों में तीन उडानों से 429 हाजियों का पहला जत्था नागपुर पहुंचा अकासा एयर फ्लाइट से लौटे इन हाजियों का डॉ. बाबासाहब आंबेडकर अंतरराष्ट्रीय विमानतल पर स्वागत किया गया.
पहली फ्लाइट तडके 4.05 बजे पहुंची. इसमें 141 हाजी सवार थे. दूसरी उडान 6.35 बजे 145 यात्रियों को लेकर पहुंची और तीसरी फ्लाइट सुबह 8.05 बजे लैंड हुई. इसमें भी 145 हाजी सवार थे. अपनी जिंदगी में बेहद खास फर्ज अदा करने के बाद सकुशल अपने वतन लौटे हाजियों ने खुदा का शुक्र अदा किया था. ये वापसी खास इसलिए भी है कि हज पर रवानगी के दौरान ईरान युध्द और उडानों में अनिश्चितता बनी हुई थी. वापसी पर हाजियों को अकासा एयर की तरफ से सुबह का नाश्ता दिया गया. सभी को उनका पूरा सामान मिल गया साथ में ही पर्याप्त जमजम लेकर सभी अपने -अपने घरों के लिए लौटे. हज के सफर से वतन वापसी करनेवालों में नागपुर के तीन हाजियों के अलावा विदर्भ के अमरावती, अकोला, वाशिम तथा मध्यप्रदेश के जबलपुर, छिंदवाडा व छत्तीसगढ के कुछ शहरों के हाजी भी शामिल है. नागपुर एंबार्केशन प्वाइंट पर हाजियों की सहायक व्यवस्था संभालने वाली शबनम बहुउद्देशीय संस्था के सचिव शाहिद रंगूनवाला, नगरसेवक अहफाज ठेकेदार, तंजीम खादिमुल हुज्जाज के जावेद अख्तर ,हाजी मो. आसिफ ,वसीम कल्लन अशरफी ,हाजी तय्यब रिजवी, वकारूद्दीन सज्जु, कलीम अंसारी, फैजान आदिल, एजाज अली, इजहार पटेल, आविद अंसारी, हाजी मोहम्मद मुस्ताक ने एयरपोर्ट पर हाजियों का स्वागत किया. मंच संचालन निजामुद्दीन अंसारी ने किया.
हज में ‘ स्मार्ट ’ही नहीं रह पाई वॉच!
दो महिने पहले जब ईरान युध्द के चलते महंगाई का ग्राफ लगा था,उसी दौरान पहले से महंगी हज यात्रा में स्मार्ट वॉच के रूप मे हज यात्रियों से फिजूलखर्ची करवाई गई.ये बात हज से नागपुर लौटे हाजियों के पहले जत्थे में शामिल हाजियों ने बताई. हज यात्रियों की मर्जी के बिना ही थोपी गई ये घडियां हज के दौरान स्मार्ट ही नही रह पाई. इससे किसे कितना फायदा हुआ?ये सवाल अभी भी बना हुआ है. हज यात्रियों को पहली किश्त अदा हो जाने के बाद स्मार्ट वॉच देने का फरमान जारी किया गया. हज यात्रियों से अंतिम किश्त में घडी की किमत भी वसूल ली गई. महाराष्ट्र के हजसेवकों ने इसे लेकर विरोध भी किया था. उनके मुताबिक हज यात्रा बहाने ऐसी तिजारत पर अंकुश लगना चाहिए . सामान बेचने प्राथमिक के बजाय सेवाभाव को प्राथमिकता दी जानी चाहिए. हज लौटे पहले जत्थे में शामिल कामगार नगर निवासी हाजी मोहम्मद व उनके साथ गए 5 लोगों ने बतया कि, आते- जाते नेटवर्क के कारण स्मार्ट वॉच की बैटरी उतरती रही. वहां हर पल को इबादत के लिए लगा महत्वपूर्ण होता है. हर जगह पल-पल इस घडी को चार्ज करना संभव न था. इसलिए हमने ये घडी बंद ही पडे रहने दी. बता दे कि 10 साल पहले हज यात्रियों को हज कमेटी की ओर से एक कंपनी की बैग सौंपा गया. ये इतना घटिया था कि मामूली कपडों का वजन उठाने पर इनका हैंड टूटने के कई मामले सामने आए आखिरकार ये फैसला लेकर हज यात्रियों को बैग की रकम लौटाई गई थी. पुराना अनुभव के बाद भी आखिर कमेटी घटीया चीजे थौपने मे क्यों रूची दिखाती.





