‘वंदे मातरम’ का अपमान अब पड़ेगा महंगा

केंद्र का बड़ा फैसला, कानून में संशोधन!

* 3 साल तक की सजा और जुर्माना
दिल्ली /दि.6- केंद्रीय मंत्रिमंडल ने ‘वंदे मातरम’ इस राष्ट्रीय गीत का अपमान करना एक दंडनीय अपराध बनाने के लिए कानून में संशोधन को मंजूरी दी है. ‘प्रिवेंशन ऑफ इंसल्ट्स टू नेशनल ऑनर एक्ट, 1971’ इस कानून में संशोधन करके उसमें ‘वंदे मातरम’ को शामिल करने को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने कल (5 मई) मंजूरी दी है.
* अपमान करने पर सजा
इस संशोधन के कारण ‘वंदे मातरम्’ गाते समय बाधा डालना या उसका अपमान करना अब दंडनीय अपराध माना जाएगा. अभी इस कानून के तहत राष्ट्रगान (जन गण मन), राष्ट्रीय ध्वज और भारतीय संविधान का अपमान करने पर 3 साल तक की सजा, जुर्माना या दोनों का प्रावधान है, वही अब राष्ट्रीय गीत पर भी लागू होगा.
* गृह मंत्रालय के निर्देश
6 फरवरी को गृह मंत्रालय (एमएचए) द्वारा दी गई सूचना के अनुसार, आधिकारिक कार्यक्रमों में वंदे मातरम् के सभी छह पद (लगभग 3 मिनट का समय) गाए या बजाए जाने चाहिए. साथ ही, जिस कार्यक्रम में राष्ट्रगान और राष्ट्रीय गीत दोनों बजाए जाने हों, वहां राष्ट्रीय गीत (वंदे मातरम्) को प्राथमिकता दी जाए, ऐसा कहा गया है. पहले गृह मंत्रालय की वंदे मातरम् संबंधी सूचना केवल सलाहकार स्वरूप की थी. अब कानून में संशोधन होने के कारण उन्हें कानूनी या वैधानिक समर्थन मिलेगा.
‘वंदे मातरम’ को बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय ने लिखा था और 1880 के दशक में उनकी ‘आनंदमठ’ उपन्यास में यह प्रसिद्ध हुआ था. 1937 में कांग्रेस ने इसके पहले दो पदों को स्वीकार किया था और बाद में भारतीय संविधान ने इसे ‘राष्ट्रीय गीत’ का दर्जा दिया.

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