नागपुर क्राइम पुलिस
साइबर निरीक्षक सहित 9 अधिकारी और कर्मचारी निलंबित

* मात्र 500 रुपये की शिकायत पर किया गया विमान सफर पड़ा भारी
नागपुर/दि.6 – नागपुर के साइबर पुलिस स्टेशन में मात्र 500 रुपये की शिकायत से जुड़े एक विवादास्पद मामले को लेकर बड़ी खबर सामने आई है. इस मामले की जांच के बाद कुल 9 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है. निलंबित किए गए पुलिसकर्मियों में दो पुलिस निरीक्षक, एक सहायक पुलिस निरीक्षक और छह कर्मचारी शामिल हैं. इस कार्रवाई से पुलिस विभाग सहित नागपुर शहर में हड़कंप मच गया है.
नागपुर के साइबर पुलिस स्टेशन में पिछले 16 महीनों में नागपुरवासियों से धोखाधड़ी के 120 मामले लंबित हैं, और इन मामलों में करीब 58 करोड़ रुपये फंसे हुए हैं. इसके बावजूद, साइबर पुलिस स्टेशन की एक टीम ने इन मामलों पर ध्यान न देते हुए मात्र 500 रुपये की कथित धोखाधड़ी के एक मामले में विमान से मुंबई और पुणे जाकर छापेमारी की थी. आरोप है कि इस कार्रवाई में लेन-देन हुआ और बाद में इस मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया.
500 रुपये की शिकायत पर की गई इस कार्रवाई और बाद में उसे दबा देने की जानकारी कुछ पत्रकारों तक कैसे पहुंची, इस मुद्दे को लेकर साइबर पुलिस स्टेशन में सहायक पुलिस निरीक्षक विजय राणे और पुलिस कॉन्स्टेबल प्रफुल्ल ठाकरे के बीच मारपीट हुई थी. इस दौरान सहायक पुलिस निरीक्षक विजय राणे द्वारा प्रफुल्ल ठाकरे का मोबाइल छीन लेने का भी आरोप लगा था. इस घटना के बाद प्रफुल्ल ठाकरे लगभग 36 घंटे तक लापता रहे थे. इस पर एबीपी माझा ने 25 अप्रैल को खबर दिखाई थी कि मारपीट के बाद पुलिस कर्मचारी लापता है और परिवार ने शिकायत दर्ज कराई है. खबर के बाद वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने इस मामले का संज्ञान लेते हुए जांच शुरू की थी.
जांच के बाद इस मामले में दो वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक, मारपीट के आरोपी सहायक पुलिस निरीक्षक विजय राणे, पुलिस कॉन्स्टेबल प्रफुल्ल ठाकरे समेत अन्य पांच पुलिस कर्मचारियों सहित कुल 9 लोगों को निलंबित किया गया है. साथ ही साइबर पुलिस स्टेशन का चार्ज जिन दो डीसीपी के पास था, वह भी हटाकर नए डीसीपी दीपक अग्रवाल को सौंप दिया गया है. इस घटना से पुलिस विभाग सहित नागपुर शहर में हलचल मच गई है. वहीं नागरिकों को उम्मीद है कि अब लंबित मामलों का निपटारा होगा और शिकायतकर्ताओं को राहत मिलेगी.





