ए-20 पेट्रोल के अनुकूल नहीं कार बेचने पर मारुति सुजुकी को फटकार
नई कार या राशि लौटाने का आदेश

नागपुर /दि.17– छत्तीसगढ़ के रायपुर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड और उसके अधिकृत डीलर के खिलाफ महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए ई-20 पेट्रोल के अनुकूल नहीं कार बेचने को सेवा में कमी और अनुचित व्यापारिक व्यवहार माना है. आयोग ने कंपनी को शिकायतकर्ता की कार वापस लेकर 45 दिनों के भीतर उसी मॉडल की नई ए-20 अनुकूल कार देने या निर्धारित राशि लौटाने का निर्देश दिया है.
शिकायतकर्ता डॉ. प्रेमराज डेप्टा ने जून 2024 में मारुति सुजुकी ग्रैंड विटारा स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड कार खरीदी थी. उनका आरोप था कि खरीद के कुछ ही महीनों बाद कार बार-बार बंद होने लगी. सर्विस सेंटर में कई बार मरम्मत और फ्यूल टैंक की सफाई के बावजूद समस्या दूर नहीं हुई. पेट्रोल की जांच में उसमें इथेनॉल की मौजूदगी पाई गई, जिसके बाद उन्होंने उपभोक्ता आयोग का दरवाजा खटखटाया. सुनवाई के दौरान कंपनी ने दावा किया कि वाहन में कोई निर्माण दोष नहीं था और खराबी ईंधन की गुणवत्ता के कारण आई. हालांकि आयोग ने पाया कि संबंधित वाहन जनवरी 2023 में निर्मित था और ए-20 पेट्रोल के अनुकूल नहीं था, लेकिन यह महत्वपूर्ण जानकारी ग्राहक को नहीं दी गई. आयोग ने इसे उपभोक्ता को गुमराह करना माना. आयोग ने आदेश दिया कि कंपनी 45 दिनों के भीतर शिकायतकर्ता की कार वापस लेकर उसी मॉडल की नई ए-20 अनुकूल कार उपलब्ध कराए. यदि ऐसा नहीं किया जाता है तो कंपनी को कार की कीमत 18.29 लाख रुपये, आरटीओ शुल्क 1.86 लाख रुपये, बीमा प्रीमियम सहित कुल 20.50 लाख रुपये, मानसिक पीड़ा के लिए 1 लाख रुपये तथा 10 हजार रुपये वाद व्यय के रूप में अदा करने होंगे.





