बालगृह में रह रही तीन बालिकाओं के परिजनों की तलाश
मोना, अनामिका और सोनी के परिवारों का अब तक पता नहीं चला

पुनर्वसन के लिए प्रशासन के प्रयास जारी
अमरावती/दि.9 – अमरावती के शासकीय बालिका बालगृह में रह रही तीन बालिकाओं मोना, अनामिका और सोनी अकील यादव के माता-पिता एवं परिजन अब तक उनसे मिलने नहीं पहुंचे हैं. इन बालिकाओं के पुनर्वसन के उद्देश्य से उनके परिवारों की तलाश की जा रही है. यह जानकारी बालगृह की अधीक्षिका ने दी है.
मोना को 12 अगस्त 2026 को नांदगांव पेठ पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत दामिनी पथक को नांदगांव पेठ के पास एक मंदिर में अकेले पाया गया था. इसके बाद उसे बाल कल्याण समिति के आदेश पर शासकीय बालिका बालगृह में दाखिल कराया गया. मोना की उम्र लगभग 16 से 18 वर्ष के बीच है. उसकी लंबाई 144 सेंटीमीटर, वजन 36 किलोग्राम और रंग सांवला है. उसके परिजनों का पता लगाने के प्रयास किए जा रहे हैं.
* अनामिका को विशेष देखभाल की आवश्यकता
अनामिका को 4 सितंबर 2025 को भातकुली पुलिस के माध्यम से बालगृह में दाखिल कराया गया था. उसकी उम्र लगभग 12 से 16 वर्ष के बीच बताई गई है. उसका वजन 15 किलोग्राम, लंबाई 135 सेंटीमीटर और रंग सांवला है. अनामिका को बौद्धिक विकास संबंधी समस्या है और वह केवल थोड़े-बहुत हिंदी शब्द बोल पाती है. वर्तमान में उसे मोजरी स्थित बौद्धिक दिव्यांग बच्चों के विद्यालय में भेजा गया है. उसके परिवार का पता लगाने के लिए भातकुली पुलिस थाने को सूचित किया गया है.
* सोनी के पिता की ट्रेन से गिरकर मौत, मां के छोड़कर जाने की जानकारी
सोनी अकील यादव को 14 अगस्त 2026 को अमरावती रेलवे पुलिस के माध्यम से शासकीय बालिका बालगृह में दाखिल कराया गया था. वह जबलपुर रेलवे क्षेत्र में अकेले भटकती हुई मिली थी. सोनी के अनुसार, उसके पिता की ट्रेन से गिरकर मौत हो गई थी, जबकि उसकी मां उसे छोड़कर चली गई थी. सोनी ने अपने गांव का नाम उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले में कुड़ियागांव, बस्का बाजार बताया है. साथ ही, उसने नजदीकी पुलिस थाने का नाम इटावा बताया है. जानकारी के मुताबिक 29 सितंबर 2024 को सोनी को मरियमपुर स्थानांतरित किया गया था. इसके बाद 15 सितंबर 2026 को वह अमरावती स्थित होली क्रॉस बाल शिक्षा केंद्र से बिना बताए चली गई थी. बाद में नागपुर में पुलिस को मिलने पर उसे दोबारा शासकीय बालिका बालगृह में दाखिल कराया गया.
* परिजनों से संपर्क और पुनर्वसन के प्रयास जारी
तीनों बालिकाओं के माता-पिता एवं अन्य परिजनों का अब तक पता नहीं चल पाया है. बालगृह प्रशासन संबंधित पुलिस थानों की मदद से उनके परिवारों की तलाश कर रहा है, ताकि बालिकाओं को उनके परिवार से मिलाने और उचित पुनर्वसन की व्यवस्था की जा सके.





