मेरे ई-बाईक शोरूम से पुलिस ने 65 लाख का सामान लूटा
महिला व्यवसायी ने तत्कालीन पुलिस निरीक्षक सहित अन्य अधिकारियों पर लगाए मिलीभगत के आरोप

पत्रवार्ता में उठाई मामले की सीआईडी जांच और दोषियों के निलंबन की मांग
अमरावती/दि.9 – जिले के वरुड़ में इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों के शोरूम से दो अलग-अलग घटनाओं में करीब 65 लाख रुपये का सामान लूटने और तोड़फोड़ करने का आरोप लगाया गया है. शोरूम संचालक जयश्री उमेश ब्राम्हणे ने तत्कालीन पुलिस निरीक्षक अर्जुन ठोसरे सहित अन्य पुलिस अधिकारियों, कर्मचारियों और जगह मालिक चित्तरंजन सोरते पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए मामले की स्वतंत्र अपराध अन्वेषण विभाग (सीआईडी) से जांच कराने की मांग की है. उनका दावा है कि इस संबंध में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को करीब एक माह पहले शिकायत देने के बावजूद अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है.
पत्रकार परिषद में जयश्री ब्राम्हणे ने बताया कि उन्होंने जनवरी 2024 में जगह मालिक चित्तरंजन सोरते से सात वर्ष के लिए टिनशेड किराये पर लेकर ‘इमेज हाईटेक ईवी मार्ट’ शुरू किया था. किराये की जगह को लेकर विवाद वरुड़ न्यायालय में विचाराधीन है. इसी विवाद के बीच 3 जुलाई और 17 जून 2026 को शोरूम में तोड़फोड़ कर सामान ले जाने की घटनाएं हुईं. उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों घटनाओं के दौरान पुलिसकर्मी मौके पर मौजूद थे, लेकिन सामान ले जाने से नहीं रोका गया.
* पहली घटना में नकदी और मशीनें ले जाने का आरोप
जयश्री ब्राम्हणे के अनुसार, 3 जुलाई 2026 को सुबह करीब 11 बजे जगह मालिक चित्तरंजन सोरते सहित 10 से 15 लोग शोरूम पहुंचे. उन्होंने जातिसूचक गाली-गलौज और मारपीट का आरोप लगाया. पुलिस को आपातकालीन नंबर 112 पर सूचना देने के बाद पुलिस वाहन मौके पर पहुंचा. हालांकि, शिकायत दर्ज कराने के लिए पुलिस स्टेशन जाने पर संबंधित पुलिस अधिकारी ने उन्हें करीब दो घंटे बैठाए रखा. उन्होंने आरोप लगाया कि बाद में घटनास्थल पर पहुंचने पर 12 से 17 लोग चेहरे पर कपड़ा बांधकर मारपीट और तोड़फोड़ कर रहे थे. इस दौरान इलेक्ट्रिक वाहनों, मोटर, ग्राइंडर, वेल्डिंग मशीन, चार्जिंग मशीन, छह वाहनों की चाबियों, दस्तावेजों और काउंटर में रखे 1.87 लाख रुपये सहित अन्य सामान ले जाने का आरोप है. उनका यह भी कहना है कि उनके एप्पल मोबाइल को तोड़ दिया गया तथा उनके चार वर्षीय बेटे और मां के साथ मारपीट की गई. जयश्री ब्राम्हणे ने दावा किया कि इस घटना में करीब 25 लाख रुपये का नुकसान हुआ, जबकि प्राथमिकी में मोबाइल के 10 हजार रुपये के नुकसान का ही उल्लेख किया गया. उन्होंने पुलिस स्टेशन और आसपास के प्रतिष्ठानों के सीसीटीवी फुटेज में घटना दर्ज होने की बात भी कही है.
* दूसरी घटना में जेसीबी से शोरूम तोड़ने का आरोप
जयश्री ब्राम्हणे के अनुसार, 17 जून 2026 को सुबह करीब 11 बजे जगह मालिक 10 से 12 अज्ञात लोगों के साथ जेसीबी लेकर शोरूम पहुंचे और निर्माण तोड़ना शुरू कर दिया. विरोध करने पर उनके, उनकी मां और भाभी के साथ मारपीट किए जाने का आरोप है. उनका कहना है कि वे शिकायत देने वरुड़ पुलिस स्टेशन गईं, लेकिन उनकी शिकायत दर्ज नहीं की गई. इसके बाद उन्होंने मोर्शी के उपविभागीय पुलिस अधिकारी कार्यालय में आवेदन दिया. उन्होंने आरोप लगाया कि इस कार्रवाई के दौरान शोरूम में रखी बच्चों की चारपहिया गाड़ियां, 10 से 12 इलेक्ट्रिक वाहन, सात लिथियम बैटरियां, जनरेटर, हवा भरने का पंप और अन्य सामान को नुकसान पहुंचा या वहां से ले जाया गया. इस घटना में करीब 40 लाख रुपये के नुकसान का दावा किया गया है. जयश्री ब्राम्हणे का आरोप है कि नगर परिषद की अनधिकृत निर्माण संबंधी कार्रवाई की आड़ में उनका व्यावसायिक सामान हटाया गया, जबकि जगह का विवाद न्यायालय में लंबित था.
* बिजली कनेक्शन काटने पर भी सवाल
शिकायत में जगह मालिक पर 7 जून 2026 को महावितरण के माध्यम से शोरूम का बिजली कनेक्शन कटवाने का आरोप भी लगाया गया है. जयश्री ब्राम्हणे का कहना है कि बिजली बिल नियमित रूप से जमा करने और कोई बकाया नहीं होने के बावजूद बिना पूर्व सूचना कनेक्शन काटा गया. उन्होंने इस मामले में संबंधित बिजली कर्मचारियों की भूमिका की जांच करने की मांग की है.
* वरिष्ठ अधिकारियों से जांच की मांग
जयश्री ब्राम्हणे ने तत्कालीन पुलिस निरीक्षक अर्जुन ठोसरे, एपीआई राहुल जाधव, पीएसआई दीपक जाधव, श्रीकांत विखे पाटिल, कराड तथा अन्य संबंधित पुलिस कर्मचारियों की भूमिका की विभागीय जांच कराने और दोषी पाए जाने पर निलंबन की कार्रवाई करने की मांग की है. उन्होंने कहा कि ग्रामीण पुलिस अधीक्षक निकेतन कदम, मोर्शी के उपविभागीय पुलिस अधिकारी उमेश पाटिल और अमरावती परिक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक महेश पाटिल को शिकायत देने के बावजूद उन्हें न्याय नहीं मिला है. अब उन्हें वरुड़ पुलिस पर भरोसा नहीं रहा और वे मामले की जांच सीआईडी अथवा अपराध शाखा से कराने की मांग कर रही हैं. पत्रकार परिषद में प्रीति किशोर ब्राम्हणे और हरिश्चंद्र ढवले भी उपस्थित थे.





