नाबालिग के लैंगिक शोषण के आरोपी को 20 साल का सश्रम कारावास
10 वर्षीय लडके के साथ की थी अश्लिल हरकत

अमरावती/दि.20- 10 वर्षीय नाबालिग बच्चे को ब्रेडपकडो खाने के बहाने सुनसान स्थान पर लेजाकर उसके साथ अश्लिल कृत्य करते हुए उसका लैंगिक शोषण करने के मामले में नामजद विवेक देविदास पाचभावे (26, निंबोली, तह. धामणगांव रेलवे) नामक आरोपी को स्थानीय तृतीय जिला व सत्र न्यायाधीश यशवंत गोस्वामी की अदालत ने दोषी करार देते हुए 20 वर्ष के सश्रम कारावास तथा 25 हजार रुपए के आर्थीक जुर्माने की सजा सुनाई. जुमाना अदा नहीं करने पर आरोपी को 6 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा. इस मामले में सहायक सरकारी अभियोक्ता एड. प्रशांत देशमुख की पैरवी बेहद सफल व प्रभावी रही.
इस संदर्भ में मिली जानकारी के मुताबिक 11 अप्रैल 2024 को मंगरूल दस्तगिर थाना क्षेत्र अंतर्गत निंबोली गांव के साप्ताहिक बाजार में घुम रहे 10 वर्षीय नाबालिग बच्चे को आरोपी देविदास पाचभावे ने ब्रेडपकोडा खिलाने का लालच दिया और वह उसे गुल्हाने विद्यालय के मुत्रीघर की ओर लेकर गया. यहां पर विवेक पाचभावे ने उक्त नाबालिग के साथ अश्लिल व अनैसर्गिक कृत्य किया. इसकी जानकारी मिलते ही पीडित बच्चे के पिता ने मंगरूल दस्तगिर पुलिस थाने पहुंचकर अपनी शिकायत दर्ज कराई. जिसके आधार पर पुलिस ने बीएनएस की धारा 137 (2), पोक्सो एक्ट की धारा 3, 4, 5 व 6 तथा अॅट्रोसिटी एक्ट की धारा 3 (2) (वी) के तहत अपराधिक मामला दर्ज करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया और मामले की जांच पूरी करते हुए अदालत ने चार्जशीट पेश की.
इस मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से पीडित बच्चे सहित अन्य 10 गवाहो के बयान दर्ज किए गए तथ मामले से जुडे कुछ सबुत व तथ्य भी अदालत के सामने रखे गए. जिन्हें ग्राह्य मानते हुए अदालत ने आरोपी विवेक पाचभावे को दोषी करार देते हुए 20 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 25 हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई. जुर्माना अदा नहीं करने पर आरोपी को 6 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा. इसके साथ ही अदालत ने जिला विधि सेवा प्राधिकरण को पीडित कंपनसेशन स्कीम अंतर्गत जांच करते हुए पीडित बच्चे को अधिक से अधिक मुआवजा दिलाने का भी आदेश दिया.
इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक सरकारी अभियोक्ता एड. प्रशांत देशमुख ने सफल युक्तिवाद किया. जिन्हें जांच अधिकारी एसडीपीओ अनिल पवार एवं पैरवी अधिकारी पोहेकां रोशन दुधे ने सहयोग दिया.





