सलोना, कुलंगना में चल रही गाद की लडाई

तहसीलदार ने ली सकारात्मक भूमिका

* ग्राम पंचायत के प्रस्ताव से ही जेसीबी से गाद निकालने की थी मांग
* आदिवासी बस्ती के गांव झेल रहे जलसंकट
* परतवाडा में बैठे लोग हांक रहे अपनी
चिखलदरा /दि.20- मेलघाट के गांवों में हर साल जलसंकट का सामना आदिवासी बहुल बस्तियों को करना पडता है. प्रशासन द्वारा करोडों खर्च करने के बाद भी पानी की समस्या जस की तस बनी है. ऐसे में ग्राम पंचायतों ने तालाब का गाद निकालकर उसकी संग्रहण क्षमता बढाने का निर्णय किया. प्रस्ताव पारित किए. ऐसे ही दो गांवों सलोना और कुलंगना में गाद की लडाई नाहक छेडी गई है. जबकि चिखलदरा के तहसीलदार और जलसंवर्धन अधिकारी ने सकारात्मक भूमिका अपनाते हुए ग्राम पंचायतों के प्रस्तावों को मान्य किया है. अत: कहा जा रहा है कि, परतवाडा में बैठे लोग अपनी हांक रहे हैं. नाहक आरोप कर रहे हैं.
सलोना की सरपंच आरती बेलसरे ने भीषण जलसंकट को देखते हुए ग्राम पंचायत में प्रस्ताव पारित किया. यह प्रस्ताव तहसीलदार और जलसंवर्धन अधिकारी को दिया गया. जिसमें गांव के तालाब का गाद निकाले जाने का प्रस्ताव शामिल है. कहा गया कि, पिछले 20 वर्षों से गाद नहीं निकालने के कारण तालाब की जलसंग्रहण क्षमता कम हो गई है. फलस्वरुप दो हजार की बस्तीवाले सलोना के आदिवासी समाज को जलसंकट झेलना पड रहा है. इस प्रस्ताव के अनुसार जेसीबी से गाद निकालकर ले जाना है. इसलिए शासन का कोई पैसा नहीं लगना है. पानी की स्टोरेज क्षमता बढनेवाली है. फलस्वरुप तहसीलदार सकारात्मक भूमिका ली और गांव का हित देखते हुए परमिशन दी.
यही क्रम कुलंगना खुर्द गांव में भी देखा गया. सरपंच ने प्रस्ताव देकर जेसीबी से गाद हटाने का मुद्दा रखा. वहां भी गांव के हनुमान तालाब की स्टोरेज बढाने से पानी की समस्या काफी हद तक दूर होने की संभावना है. इसके बावजूद सुदूर परतवाडा में बैठे कुछ लोग अपने स्वास्थ्य के कारण इस प्रस्ताव पर सवाल खडे कर रहे है. कुलंगना वासियों ने गाद निकालकर आनेवाली भीषण जलसमस्या दूर करने की मांग उठाई है. दूसरी ओर कहा जा रहा है कि, आरोपों के कारण अधिकारी वर्ग असमंजस में है. जबकि ग्राम पंचायत ने पारित प्रस्ताव की कॉपी सरपंच मिस्कू दहीकर ने तहसीलदार को प्रस्तुत कर दी है.
* क्या कहते हैं तहसीलदार?
पूरा कार्य सकारात्मक और पारदर्शी रुप से किया जा रहा है. जहां गलत दिखेगा, वहां कार्रवाई की जाएगी.
– जीवन मोरणकर
तहसीलदार, चिखलदरा.
* एसडीओ का कहना
उस ग्राम पंचायत ने प्रस्ताव दिया है. मजदूर उपलब्ध नहीं है. जेसीबी से गाद निकालने पर सकारात्मक दृष्टिकोन रखते हुए कार्यवाही की जा रही है.
– विजय राठोड
उपविभागीय अधिकारी, जलसंधारण, चिखलदरा.

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