फीस समान, लेकिन सिर्फ 150 छात्रों को वीआईपी सुविधा
मोटेगांवकर का वह एक्सेस, आरसीसी की प्लैटीनम बैच कैसी थी?

लातूर/दि.20 – नीट पेपरलीक मामले में आरसीसी क्लासेस के संचालक शिवराज मोटेगांवकर को 9 दिनों की सीबीआई हिरासत सुनाई गई है. मोटेगांवकर के राज्यभर में 8 शाखाओं में 25-30 हजार विद्यार्थी नीट और जेईई की तैयारी कर रहे थे. लेकिन क्या आपको पता है? हर क्लास में सिर्फ 150 विद्यार्थियों को ही शिक्षा की वीआईपी ट्रीटमेंट दी जाती थी. पैसे सभी से समान लिए जाते थे, लेकिन कुछ विद्यार्थियों की कोचिंग पर विशेष ध्यान दिया जाता था.
* प्लैटिनम या ’फोटॉन’ बैच आखिर क्या है?
मोटेगांवकर के राज्य के 8 बड़े शहरों में क्लासेस हैं. आरसीसी की ओर से एक समान परीक्षा ली जाती थी. जिसके परिणाम के आधार पर सिर्फ टॉप 150 विद्यार्थियों को इस फोटॉन बैच में प्रवेश दिया जाता था और बाकी विद्यार्थियों को नियमित बैच में प्रवेश मिलता था. फोटॉन बैच को पढ़ाने के लिए ठउउ के सबसे प्रभावी शिक्षक होते थे और उनके डाउट सॉल्व करने के लिए भी वे पूर्ण समय उपलब्ध रहते थे. कुछ विद्यार्थियों के अनुसार फोटॉन बैच के लिए किसी भी परेशानी में सीधे शिवराज मोटेगांवकर तक एक्सेस होता था. इस स्पेशल बैच में सिर्फ 150 विद्यार्थी बैठते थे. जबकि अन्य बैच के हॉल में लगभग 300 से अधिक विद्यार्थी बैठते थे. एक बैच में दोगुने विद्यार्थी होने से शिक्षकों का उन पर कितना ध्यान रहता है, यह सवाल भी कुछ पालकों द्वारा उठाया जाता था.
* फोटॉन’ बैच हर जगह चमकती थी
एक विद्यार्थी के अनुसार, फोटॉन बैच में पढ़ने वाले 150 विद्यार्थियों में से लगभग 60% विद्यार्थी एमबीबीएस के लिए पात्र हो जाते थे. जबकि अन्य जनरल बैच में 300 से अधिक विद्यार्थी होते थे, जिनमें से सिर्फ 15%-20% विद्यार्थी ही नीट पास कर मेडिकल शिक्षा के लिए पात्र हो पाते थे. रिजल्ट के बाद मोटेगांवकर का जो प्रचार किया जाता था, उसमें सबसे अधिक विद्यार्थी फोटॉन बैच के होते थे. लेकिन यह अंदर का गणित किसी को पता नहीं होने से पालकों को लगता था कि उसका बेटा एमबीबीएस बन गया, मेरा क्यों नहीं. क्योंकि एक परीक्षा लेकर पहले से ही तय किया जाता था कि रिजल्ट देने वाले विद्यार्थी कौन होंगे.
* नीट पेपर लीक मामले में कई लोग गिरफ्तार
पूरे देश को हिला देने वाले नीट पेपर लीक मामले में महाराष्ट्र के कई लोग अलग-अलग स्तर पर शामिल होने की बात सामने आई है. पेपर सेट करने वाले प्राध्यापक पी. वी. कुलकर्णी और मनीषा मांढरे ने ही पेपर लीक किया, यह सामने आने के बाद अब आरसीसी कोचिंग क्लासेस के संचालक शिवराज मोटेगांवकर को सीबीआई ने गिरफ्तार किया है. चौंकाने वाली बात यह है कि आरसीसी के 101 प्रश्नों में से अधिकांश प्रश्न नीट परीक्षा में आए थे.
* पकडे गए आरोपी
– पी.वी. कुलकर्णी – मास्टरमाइंड
सेवानिवृत्त केमिस्ट्री प्राध्यापक
’नीट’ की प्रश्नपत्रिका तैयार करने वाले पैनल में
– प्रा. मनीषा मांढरे
बायोलॉजी प्राध्यापिका, पुणे मॉर्डन कॉलेज
’नीट’ की प्रश्नपत्रिका तैयार करने वाले पैनल में
– प्रा. शिवराज मोटेगांवकर
संचालक – आरसीसी कोचिंग क्लासेस
रैकेट में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का संदेह
– शुभम खैरनार
बीएएमएस का विद्यार्थी (नाशिक)
अमीर परिवारों के कमजोर विद्यार्थियों पर नजर
अमीर पालकों से संपर्क कर लाखों के व्यवहार
– मनीषा वाघमारे
ब्यूटी पार्लर संचालक, पुणे
विद्यार्थियों को खोजकर प्रश्नपत्रिका उपलब्ध कराने वाले सूत्रधारों तक पहुंचाना
– धनंजय लोखंडे
आयुर्वेद डॉक्टर, (अहिल्यानगर) वर्तमान में पुणे
विद्यार्थियों को खोजकर प्रश्नपत्रिका उपलब्ध कराने वाले सूत्रधारों तक पहुंचाना.





