कोर्ट में अशोक खरात ने पहली बार खोला मुंह
जज ने प्रतिवादी वकील को लगाई फटकार

* जबरदस्त ड्रामा देखने मिला
* सहकारी बैंक में जमा कराते गया पैसे
नाशिक/दि.20 – अंधविश्वास, धोखाधड़ी और कई महिलाओं के यौन शोषण के आरोपों से घिरे विवादित ढोंगी बाबा अशोक खरात पर अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) का शिकंजा और कस गया है. मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार खरात को हाल ही में ईडी अधिकारियों ने कोर्ट में पेश किया. इस हाईवोल्टेज सुनवाई के दौरान कोर्ट में जबरदस्त ड्रामा देखने को मिला. हमेशा शांत रहने वाला खरात कोर्ट में पहली बार बोला, लेकिन उसके जवाब ने जज और वकीलों को भी चौंका दिया.
सुनवाई की शुरुआत में ईडी ने अशोक खरात की 7 दिन की हिरासत मांगी. हालांकि, ईडी के जांच अधिकारी कोर्ट के सामने मामले की गंभीरता और हिरासत की सटीक वजह स्पष्ट नहीं कर पाए. इस पर नाराजगी जताते हुए जज ने ईडी के वकीलों को फटकार लगाई, जब जांच अधिकारी ही मामला ठीक से समझा नहीं पा रहे हैं, तो मैं कैसे समझूं कि उन्हें आखिर चाहिए क्या? इसके बाद वकीलों ने तुरंत दस्तावेज हाथ में लेकर जांच अधिकारियों से हिरासत मांगने के ठोस आधार पढ़कर सुनाने को कहा.
* ईडी ने खोला काला धंधा
ईडी के वकीलों ने कोर्ट के सामने खरात के अपराधों की पूरी कुंडली पेश की. खरात ने खुद को ‘भगवान शिव का अवतार’ बताकर लोगों को कैसे ठगा, इसके चौंकाने वाले खुलासे हुए. लोगों को ब्लैक मैजिक (जादू-टोना) और जान जाने का डर दिखाकर पूजा-पाठ के नाम पर खरात ने करोड़ों रुपये ऐंठे. हर्षद पोफले और ललित पोफले से अलग-अलग कारणों से करोड़ों रुपये वसूले गए. वहीं दिनेश परब की शिकायत के अनुसार, विभिन्न पूजा-विधियों के नाम पर 5 करोड़ रुपये से ज्यादा वसूलकर खरात ने अपने लिए गाड़ियां खरीदीं और फार्महाउस बनाया. शिकायतकर्ता के क्रेडिट कार्ड का भी उसने गलत इस्तेमाल किया. खरात के नाम पर कुल 60 बैंक खाते मिले हैं, जिनमें करोड़ों के संदिग्ध लेन-देन हुए हैं. खरात ने एक खाते से 32 लाख रुपये अपनी पत्नी कल्पना खरात के खाते में ट्रांसफर किए. अब तक ईडी को खरात की कुल 70 संपत्तियां मिली हैं, जिनमें कई संपत्तियां पत्नी कल्पना के नाम पर खरीदी गई हैं.
* 6 साल में किसी ने शिकायत क्यों नहीं की?
अशोक खरात के वकीलों ने कोर्ट में दलील देते हुए कहा कि महिलाओं से गैरवर्तन और यौन शोषण के मामलों की जांच फिलहाल ‘एसआईटी’ कर रही है. ईडी केवल आर्थिक अनियमितताओं (मनी लॉन्ड्रिंग) की जांच कर रही है. 60 फर्जी बैंक खातों के आरोप पर वकीलों ने सवाल उठाया कि, ये खाते 2021 में खोले गए थे, तो पिछले 6 साल में किसी व्यक्ति ने मेरे नाम से फर्जी खाता खोलने की शिकायत क्यों नहीं की? इस पर जज ने पूछा कि, क्या इन 60 लोगों में खरात के रिश्तेदार भी हैं? इस पर वकीलों ने कहा कि इसमें रिश्तेदारों के अलावा अन्य लोग भी हैं, लेकिन किसी ने शिकायत नहीं की.
* पतसंस्था के मैनेजर पर फोड़ा ठीकरा
सुनवाई के दौरान जब जज ने खरात से पूछा, आप पर क्या आरोप हैं, क्या आपको समझ में आ रहा है? कुछ कहना है? तब खरात ने बोलना शुरू किया. खरात के जवाब से कोर्ट में मौजूद सभी लोग हैरान रह गए. खरात ने कहा, मेरे पास जो पैसे आए थे, उसके बारे में मैंने समता पतसंस्था के मैनेजर को बताया था. यह सहकारी बैंक है और वहां 9 प्रतिशत ब्याज मिलता है, ऐसा मैनेजर ने मुझे बताया और सारे पैसे अलग-अलग खातों में रखने की सलाह दी. उसी के अनुसार मैंने पैसे बैंक में जमा किए. जब कोर्ट ने उससे दूसरा तीखा सवाल पूछा कि, अगर पैसे आपके थे, तो उन सभी 60 खातों में खुद को ही ‘नॉमिनी’ बनाने और अपना ही मोबाइल नंबर जोड़ने की वजह क्या थी? इस पर खरात ने गोलमोल जवाब दिया. उसने कहा, मुझे इसके बारे में कुछ नहीं पता. जांच हुई और अब मैं और आवारे जेल में हैं, बस इतना ही मुझे पता है.
* अंततः 26 मई तक ईडी हिरासत!
अशोक खरात ने पूछताछ में सहयोग नहीं किया और करोड़ों रुपये के इस महाघोटाले के पैसों का मुख्य स्रोत पता लगाना जरूरी होने की वजह से कोर्ट ने ईडी की दलील स्वीकार कर ली. कोर्ट ने आखिरकार अशोक खरात को 26 मई तक ईडी हिरासत में भेज दिया है. इस दौरान ईडी खरात के 60 बैंक खातों में मौजूद पैसों और 70 संपत्तियों के जाल का खुलासा करेगी.





