गणोजा देवी मंदिर सड़क निर्माण मामले में हाईकोर्ट की राज्य सरकार को फटकार

ठेकेदार के बयान बिल का भुगतान नहीं

नागपुर /दि.18– अमरावती जिले के भातकुली से गणोजा देवी मंदिर तक सड़क निर्माण कार्य करने वाले ठेकेदार के लंबित बिलों का भुगतान नहीं किए जाने पर मुंबई उच्च न्यायालय की नागपुर खंडपीठ ने राज्य सरकार को कड़ी फटकार लगाई है. अदालत ने सरकार को लंबित भुगतान के संबंध में तत्काल निर्णय लेने का निर्देश दिया है.
यह मामला हाई कोर्ट बार एसोसिएशन नागपुर के पूर्व सचिव अमोल जलतारे द्वारा दायर जनहित याचिका के माध्यम से न्यायालय के समक्ष आया. मामले की सुनवाई अनिल किलोर और राज वाकोडे की खंडपीठ के समक्ष हुई. याचिका के अनुसार, सड़क निर्माण के ठेकेदार नीलेश चौरसिया ने अब तक इस परियोजना पर लगभग 3 करोड़ रुपये खर्च किए हैं, जबकि सरकार की ओर से केवल 75 लाख रुपये का भुगतान किया गया है. भुगतान न मिलने के बावजूद सड़क निर्माण कार्य अंतिम चरण में पहुंच चुका है.
गौरतलब है कि गणोजा देवी मंदिर क्षेत्र का एक प्राचीन और श्रद्धा का केंद्र माना जाने वाला मंदिर है. यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं. लेकिन भातकुली से मंदिर तक जाने वाली लगभग 8 किलोमीटर लंबी सड़क लंबे समय से जर्जर स्थिति में होने के कारण भक्तों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से देवव्रत वाडे ने पक्ष रखा. अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार से लंबित बिलों के भुगतान पर शीघ्र निर्णय लेने और आवश्यक कार्रवाई करने को कहा है. हाई कोर्ट की इस टिप्पणी को सड़क निर्माण परियोजनाओं में ठेकेदारों के भुगतान संबंधी मुद्दों पर एक महत्वपूर्ण हस्तक्षेप माना जा रहा है.

Back to top button