जीएच रायसोनी विद्यापीठ में नए शोधार्थियों के लिए 5 दिवसीय शोध पद्धति कार्यशाला आयोजित

अमरावती/दि.7 – जी. एच. रायसोनी विश्वविद्यालय, अमरावती (जीएचआरयूए) के पीएच.डी. सेल ने शैक्षणिक वर्ष 2026-27 बैच-तखख के नव प्रवेशित पीएच.डी. शोधार्थियों के लिए हाल ही में पाँच दिवसीय शोध पद्धति कार्यशाला का सफलतापूर्वक आयोजन किया. इस कार्यक्रम में 57 शोधार्थियों ने भाग लिया. कार्यशाला का उद्देश्य शोध पद्धति में मजबूत आधार तैयार करना तथा व्यवस्थित एवं प्रभावशाली पीएच.डी. शोध के लिए आवश्यक ज्ञान, कौशल और नैतिक दृष्टिकोण विकसित करना था.
कार्यशाला का उद्घाटन मुख्य अतिथि डॉ. राहुल रालेगांवकर, प्रोफेसर, वीएनआईटी नागपुर की उपस्थिति में किया गया. इस अवसर पर जीएचआरयूए के कुलपति प्रो. डॉ. विनायक देशपांडे तथा कुलसचिव डॉ. स्नेहिल जायसवाल भी उपस्थित रहे. पाँच दिनों तक प्रतिष्ठित संस्थानों के वरिष्ठ शिक्षाविदों और विशेषज्ञों ने शोध से संबधित महत्वपूर्ण पहलुओं पर व्याख्यान दिए. इनमें शोध की मूल बातें एवं समस्या निर्माण, शोध प्रक्रिया, साहित्य समीक्षा, शोध लेखन एवं विद्वत्तापूर्ण संचार, नमूना चयन एवं अनुमान, मापन एवं आँकड़ा संग्रह, शोध नैतिकता, अकादमिक प्रकाशन, एआई उपकरणों का जिम्मेदार उपयोग, शोध समस्या की पहचान, पीएच.डी. के बौद्धिक एवं मनोवैज्ञानिक चुनौतियाँ, सीख को व्यवहार में उतारना तथा पाठ्य एवं द्वितीयक आँकड़ों पर आधारित डेटा-ड्रिवन प्रबंधन शोध के अवसर शामिल रहे.
कार्यशाला के दौरान वीएनआईटी नागपुर के डॉ. राहुल रालेगांवकर एवं डॉ. प्रांतिक बनर्जी, सी.पी. एंड बेरार ई.एस. कॉलेज, नागपुर के डॉ. आशीष लिंगे, संत गाडगे बाबा अमरावती विद्यापीठ के प्रो. डॉ. मोहम्मद अतीक, आईआईएम नागपुर के डॉ. कपिल कौशिक तथा जीएचआरयूए के कुलपति एवं प्राध्यापकों डॉ. श्रीकांत चवाटे, डॉ. सचिन पडोले, डॉ. विनायक देशपांडे, डॉ. विश्राम बापट और डॉ. स्नेहिल जायसवाल ने विविध विषयों पर शोधार्थियों का मार्गदर्शन किया. सत्रों में न केवल पद्धतिगत दक्षता बल्कि आलोचनात्मक सोच, बौद्धिक जिज्ञासा, दृढ़ता, नैतिक जिम्मेदारी, लचीलापन और ज्ञान को सार्थक योगदान में बदलने की क्षमता पर भी जोर दिया गया. शोधार्थियों ने व्यावहारिक अंतर्दृष्टियों की सराहना की, जो उन्हें अधिक स्पष्टता, आत्मविश्वास और कठोरता के साथ डॉक्टरल शोध करने में मदद करेंगी. कुलपति प्रो. डॉ. विनायक देशपांडे, कुलसचिव डॉ. स्नेहिल जायसवाल तथा छात्र कल्याण अधिष्ठाता डॉ. प्रशांत अवचट के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यशाला का आयोजन पीएच.डी. सेल इंचार्ज डॉ. श्रीकांत चवाटे ने किया. साथ ही डॉ. सचिन पडोले, डॉ. स्नेहा बोहरा तथा संपूर्ण पीएच.डी. सेल टीम के सदस्यों ने विशेष सहयोग किया.





