15 दिनों में संतरा फसल बीमा राशि किसानों के खातों में जमा करें

रुपेश वालके ने कृषि विभाग और बीमा कंपनी को दी आंदोलन की चेतावनी

* बोले- किसानों के धैर्य की परीक्षा न लें
मोर्शी/दि.8- आंबिया बहार 2025-26 के तहत मौसम आधारित संतरा फसल बीमा की नुकसानभरपाई अमरावती जिले के पात्र संतरा उत्पादक किसानों के खातों में 15 दिनों के भीतर जमा करने की मांग राष्ट्रवादी युवक कांग्रेस के मोर्शी तहसील अध्यक्ष रुपेश वालके ने की है. इस संबंध में उन्होंने विभागीय कृषि सहसंचालक, कृषि मंत्री दत्तात्रय भरणे और संबंधित बीमा कंपनी को ज्ञापन सौंपा है.
रुपेश वालके ने चेतावनी दी कि यदि 15 दिनों के भीतर किसानों के पक्ष में सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो संतरा उत्पादक किसानों को साथ लेकर तीव्र आंदोलन किया जाएगा. उन्होंने कहा कि किसानों को अपने हक की राशि के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने की नौबत नहीं आनी चाहिए. विदर्भ में संतरा उत्पादन पूरी तरह मौसम पर निर्भर है. पिछले मौसम में तापमान में बढ़ोतरी, बेमौसम बारिश, अतिवृष्टि, ओलावृष्टि सहित प्रतिकूल मौसम के कारण संतरा बागों को भारी नुकसान हुआ. फलों की गिरावट, गुणवत्ता में कमी, अपेक्षित वृद्धि नहीं होना और उत्पादन घटने जैसी समस्याओं से किसानों को जूझना पड़ा. दूसरी ओर खाद, कीटनाशक, फफूंदनाशक, मजदूरी, सिंचाई और बाग प्रबंधन का खर्च लगातार बढ़ने से संतरा उत्पादकों की आर्थिक स्थिति प्रभावित हुई है.
वालके ने कहा कि किसानों ने शासन के नियमानुसार प्रीमियम भरकर अपनी संतरा फसल का बीमा कराया है. यदि प्रतिकूल मौसम के कारण बीमा योजना के मानदंडों के अनुसार नुकसान हुआ है, तो पात्र किसानों को नुकसानभरपाई मिलना उनका अधिकार है. उन्होंने सवाल उठाया कि बीमा प्रीमियम लेते समय प्रक्रिया तेजी से पूरी की जाती है, तो नुकसानभरपाई देने में इतनी देरी क्यों की जा रही है?
* किसानों के धैर्य की परीक्षा न लें
वालके ने कहा कि संतरा उत्पादक किसान पिछले कई वर्षों से मौसम परिवर्तन, प्राकृतिक आपदाओं, बढ़ती उत्पादन लागत और बाजार भाव की अनिश्चितता से संघर्ष कर रहे हैं. ऐसे में शासन और बीमा कंपनी को इस मुद्दे को केवल प्रशासनिक मामला न समझते हुए किसानों की आजीविका से जुड़ा गंभीर विषय मानना चाहिए. उन्होंने कहा, संतरा उत्पादक किसानों के हक का पैसा रोका नहीं जाना चाहिए. किसानों ने आर्थिक कठिनाइयों के बावजूद विश्वास के साथ फसल बीमा कराया है. प्राकृतिक संकट के समय उन्हें बीमा राशि की जरूरत है. अब और विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. 15 दिनों में किसानों के खातों में राशि जमा नहीं हुई तो किसान हित में आंदोलन किया जाएगा.
– रुपेश वालके, तहसील अध्यक्ष,
राष्ट्रवादी युवक कांग्रेस, मोर्शी.

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