फीस के लिए विद्यार्थियों का अपमान न करें, वरना शिवसेना से होगा सामना
गोपाल पाटील अरबट की स्कूलों व कॉन्वेंट संचालकों को चेतावनी

दर्यापुर व अंजनगांव सुर्जी के तहसीलदारों को सौंपा ज्ञापन
दर्यापुर /दि.9- सूखे जैसी स्थिति के चलते आर्थिक संकट से जूझ रहे किसानों और मजदूरों के बच्चों को शैक्षणिक फीस के लिए प्रताड़ित करने तथा सार्वजनिक रूप से अपमानित करने की शिकायतों पर शिवसेना के जिलाप्रमुख गोपाल पाटील अरबट ने नाराजगी जताई है. उन्होंने दर्यापुर और अंजनगांव सुर्जी तहसीलों के स्कूलों व कॉन्वेंट संचालकों को विद्यार्थियों पर दबाव नहीं डालने की चेतावनी देते हुए कहा कि ऐसा होने पर शिवसेना हस्तक्षेप करेगी.
पालकों की शिकायतों के अनुसार, कुछ शैक्षणिक संस्थानों में फीस बकाया होने पर विद्यार्थियों के नाम व्हाट्सऐप समूहों में सार्वजनिक किए जा रहे हैं, कक्षा में खड़ा कर अपमानित किया जा रहा है तथा पहचानपत्र नहीं देने और परीक्षा में बैठने से रोकने की धमकियां दी जा रही हैं. इससे विद्यार्थियों में भय और अभिभावकों में नाराजगी है.
गोपाल पाटील अरबट ने कहा कि अनियमित बारिश के कारण खेती प्रभावित हुई है और किसान तथा रोजंदारी करने वाले परिवार आर्थिक कठिनाइयों से गुजर रहे हैं. ऐसे में फीस समय पर जमा नहीं कर पाने के कारण विद्यार्थियों को मानसिक परेशानी देना अनुचित है. उन्होंने दर्यापुर और अंजनगांव सुर्जी के तहसीलदारों को ज्ञापन सौंपकर संबंधित शिक्षण संस्थानों को विद्यार्थियों के सम्मान और शैक्षणिक हितों का ध्यान रखने के निर्देश देने की मांग की. साथ ही जिलाधिकारी से भी अभिभावकों की शिकायतों की जांच कर उचित कार्रवाई करने का आग्रह किया.
गोपाल पाटील अरबट ने चेतावनी दी कि फीस के नाम पर विद्यार्थियों को अपमानित करने या परीक्षा से वंचित करने की धमकी देने वाले संस्थानों के खिलाफ शिवसेना आवाज उठाएगी. उन्होंने स्कूल प्रबंधन से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के प्रति संवेदनशील रुख अपनाने और विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित नहीं होने देने की अपील की. इस दौरान प्रहार के शंभू मालठाणे, पूर्व तहसील प्रमुख महिंद्र भांडे, तहसील प्रमुख नितीन चौखंडे, सुधाकरराव खारोडे, शहर प्रमुख तुषार चौधरी सहित अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित थे.





