नागपुर में गोल्ड क्लस्टर, 12 हजार वर्ग फीट भूमि तय

25 करोड में उपलब्ध होगी सुविधाएं

* विदर्भ के सुवर्ण कारीगरों और व्यापारियों को लाभ
नागपुर /दि.28- एक ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक वर्ष तक स्वर्ण की खरीदी से बचने की सलाह दी है. दूसरी ओर मध्य भारत में ज्वेलरी के बढते कारोबार को देखते हुए निकट भविष्य में आभूषणों का निर्माण और निर्यात की दृष्टि से उपराजधानी नागपुर के सूर्य नगर में 12 हजार वर्ग फीट जगह खास गोल्ड क्लस्टर के लिए निर्धारित की गई है. यहां ज्वलर्स और कारीगरों को प्रशिक्षण के लिए संस्थान के साथ कॉमन फैसीलिटी सेंटर, टेस्टींग लैब, टुल रुम, डिजाइन सेंटर, पैकेजिंग आदि सुविधाए उपलब्ध कराई जाएगी. जिन पर 25 करोड की लागत आ सकती है.
* दो हजार ज्वेलर, स्वर्णकार लाभान्वित
क्लस्टर के बन जाने से विदर्भ सहित मध्य भारत के ज्वेलरी कारोबारियों को लाभ होने का दावा किया जा रहा है. ज्वेलरी के लिए मुंबई, जलगांव, अहमदाबाद, राजकोट नहीं भागना पडेगा. यहां पर उत्पादन होने से समय और धन की बचत होगी. काफी समय से नागपुर में गोल्ड क्लस्टर के लिए प्रयास किए जा रहे थे. विदर्भ के 20 ज्वेलरी व्यापारियों ने ऑरेंज सिटी गोल्ड क्लस्टर का गठन किया.
* प्रदर्शनी और निर्यात में सहायता
उत्पादों की विक्री, प्रदर्शनी के आयोजन एवं निर्यात में मदद मिलने का दावा किया जा रहा है. जेम्स एंड ज्वेलरी काउंसील के अध्यक्ष राजेश रोकडे ने बताया कि, विदर्भ से भी आभूषणों का निर्यात किया जा सकेगा. इसी उद्देश्य से क्लस्टर का निर्माण किया जा रहा है. यहां ज्वेलरी व्यवसाय संगठित होकर बढा है. अंदाजा है कि, विदर्भ में 7-8 हजार करोड का ज्वेलरी बिजनेस होता है. राजेश रोकडे बताते है कि, यूके के साथ हालही में हुए अनुबंध का नागपुर और क्षेत्र को फायदा मिलेगा. उन्होंने यह भी बताया कि, अभी 12 हजार वर्ग फीट जगह मिली है. भविष्य में इसे बढाकर 24 हजार वर्ग फीट विस्तार की योजना है. उनका दावा है कि, देश में छत्रपति संभाजी नगर सहित और भी आधा दर्जन गोल्ड क्लस्टर बनने जा रहे हैं. अब यहां आभूषण बनने से लागत और समय बडे प्रमाण में बचेंगे.

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