खोडके दंपति खुलकर दिलीप कडू के साथ
अमरावती शिक्षक मतदार संघ में बडा उलटफेर

* विमाशि के उम्मीदवार हैं दिलीप कडू
* नामांकन रैली के साथ किया संबोधन भी
अमरावती /दि.3- अमरावती संभाग शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के इसी माह होने जा रहे प्रतिष्ठापूर्ण चुनाव में इस बार नए समीकरण बनते दिखाई दे रहे हैं. राजनीतिक क्षेत्र से चौकाने वाली खबर आई. राष्ट्रवादी के विधायक और बडे नेता संजय खोडके तथा उनकी विधायक पत्नी सुलभा खोडके ने खुलकर विमाशि उम्मीदवार दिलीप कडू का सपोर्ट किया है. दिलीप कडू द्वारा आज लाव-लष्कर के साथ विभागीय आयुक्त कार्यालय जाकर पर्चा भरते समय न केवल विधायक संजय खोडके उनके साथ रहे अपितु कडू के समर्थन में आयोजित सभा में मंच पर विराजमान रहे. विधायक खोडके ने भाषण भी दिया. खोडके दंपति के इस कदम से अमरावती की सियासत में हलचल मची है. वहीं काफी लोग इसे अमरावती शिक्षक मतदार संघ में बडा उलटफेर बता रहे हैं.
* क्यों है बडी घटना
विधायक संजय खोडके, विधायक सुलभा खोडके का विमाशि उम्मीदवार दिलीप कडू के समर्थन में खुलकर सामने आना राजनीतिक जानकार महत्वपूर्ण माना जा रहा है. खोडके अमरावती की राजनीति में रुतबा रखते हैं. वे राष्ट्रवादी कांग्रेस के पश्चिम विदर्भ के महत्वपूर्ण लीडर हैं. राष्ट्रवादी कांग्रेस अजीत पवार राज्य सरकार में सहभागी है. महायुति के महत्वपूर्ण घटक राष्ट्रवादी के बडे लीडर का इस प्रकार शिक्षक विधान परिषद चुनाव में अलग भूमिका लेना बडी बात मानी जा रही है. इसे सरासर महायुति में बगावत कहा जा रहा है. जिस सभा में संजय खोडके और सुलभा खोडके मौजूद थे वहीं नागपुर के शिक्षक विधायक सुधाकर अडबाले भी उपस्थित थे. जिससे शिंदे गुट अडचन में आ गया है, ऐसा कहा जा रहा है.
* नहीं हुआ उम्मीदवार घोषित
सत्तारुढ महायुति ने अमरावती मतदार संघ का कैंडीडेट अब तक घोषित नहीं किया है. केवल इस सीट से शिवसेना शिंदे गट लडेगा, इतने ही संकेत बडे नेताओं ने अधिकृत रुप से दिए हैं. शिवसेना शिंदे की ओर से मौजूदा विधायक किरण सरनाईक सहित पूर्व विधायक प्रा. श्रीकांत देशपांडे तगडे दावेदार बताए जा रहे हैं. बीजेपी के भी कुछ नेताओं शेखर भोयर, संगीता शिंदे के नाम चर्चा में चल रहे थे. आदि अनेक कारणों से महायुति अब तक उम्मीदवार की घोषणा नहीं कर सकी है. अब नामांकन केवल दो दिन सोमवार और मंगलवार शेष हैं.
* खोडके की पैठ उपयोगी
विमाशि उम्मीदवार दिलीप कडू पिछले एक वर्ष से शिक्षक मतदार संघ की तैयारी कर रहे थे. ऐसे में उनके नामांकन के समय विधायक संजय खोडके का साथ रहना, खुलकर उनके फेवर में वोट मांगना कई लोगों को अचरज में डाल गया है. खोडके समर्थक जानते हैं कि, खुद खोडके पदवीधर का इलेक्शन लड चुके हैं. उनके अमरावती से लेकर पांचों जिलों बुलढाणा तक नेटवर्क है. कार्यकर्ता हैं. खोडके लगभग 34 हजार वोटर संख्या वाले शिक्षक मतदार संघ में भी पैठ रखते हैं. ऐसे में खोडके का जहां महायुति से इतर निर्णय करना चर्चा का विषय बना है. वहीं दिलीप कडू के वास्ते यही सबसे बडा प्लस पॉइंट हो जाने की भी चर्चा शनिवार दोपहर कडू के नामांकन के बाद से शुरु हो गई है.
प्रदेश में पांच सीटों के वास्ते इलेक्शन हो रहे हैं. महायुति में पुणे शिक्षक, नागपुर स्नातक और पुणे स्नातक सीट पर बीजेपी, अमरावती से शिवसेना एवं संभाजी नगर को राष्ट्रवादी के कोटे में दिया गया था. सहमति बन गई है. ऐसे में अमरावती में संजय खोडके का विमाशि प्रत्याशी के फेवर में जाना उलटफेर बताया जा रहा है. हालांकि चुनाव मोर्चे पर मविआ के भी ऐसे ही हाल है. अमरावती में शिवसेना यूबीटी ने प्रत्याशी देने के बावजूद कांग्रेस ने भी अपना उम्मीदवार घोषित किया है. दोनों ही प्रत्याशी प्रा. दत्तात्रय लहाने और अदिति पोहरे सोमवार को नामांकन दाखिल करने वाले हैं.





