नागपुर में मिला नेपाली नागरिक, एक महीने बाद परिवार से हुआ भावुक मिलन
रोजगार की तलाश में भारत आया था खडका बहादुर दर्जी

* मानसिक अस्वस्थता के कारण खो गया था परिवार से संपर्क
नागपुर /दि.14- रोजगार की तलाश में भारत आया एक नेपाली नागरिक मानसिक अस्वस्थता के कारण अपने घर-परिवार से दूर नागपुर पहुंच गया. उसे न अपना ठिकाना याद था और न ही वह परिवार के बारे में ठीक से जानकारी दे पा रहा था. करीब एक महीने की कोशिशों के बाद धंतोली पुलिस और निवारागृह की पहल से उसकी पहचान सामने आई और आखिरकार उसका परिवार से भावुक मिलन हो गया.
41 वर्षीय खडका बहादुर दर्जी रोजगार की तलाश में भारत आए थे. रेल यात्रा के दौरान वे नागपुर पहुंच गए. मानसिक रूप से अस्वस्थ होने के कारण वह अपना नाम-पता और परिवार से जुड़ी जानकारी स्पष्ट रूप से नहीं बता पा रहे थे. असहाय अवस्था में मिलने के बाद धंतोली पुलिस ने उन्हें आश्रय के लिए निवारागृह में दाखिल कराया. निवारागृह में उनके उपचार और देखभाल की व्यवस्था की गई. इसी दौरान पुलिस और संबंधित लोगों ने उनकी पहचान तथा परिवार का पता लगाने के प्रयास शुरू किए. लगातार करीब एक महीने तक जानकारी जुटाने के बाद आखिरकार दर्जी के परिवार का पता चल गया. परिवार के संपर्क में आने के बाद उनके परिजनों को नागपुर बुलाया गया. लंबे समय बाद अपने प्रियजन को सामने देखकर परिवार की आंखों में खुशी के आंसू छलक पड़े. खडका बहादुर दर्जी का परिवार से यह पुनर्मिलन भावुक कर देने वाला रहा.
इस पूरे प्रयास में धंतोली पुलिस और आस्था निवारागृह की भूमिका महत्वपूर्ण रही, जिन्होंने केवल आश्रय और उपचार ही नहीं दिया, बल्कि बिछड़े व्यक्ति को उसके परिवार तक पहुंचाने का प्रयास भी जारी रखा.





