राष्ट्र ने हमें सब कुछ दिया है, अब राष्ट्र को लौटाने की हमारी बारी
तुलसीदास साधवानी ने दिया राष्ट्रसेवा और समाजसेवा का संदेश

भारतीय सिंधु सभा का दो दिवसीय अभ्यास वर्ग नागपुर में संपन्न
नागपुर/दि.30 – राष्ट्र ने हमें जीवन, संस्कृति, पहचान, सम्मान और विकास के अवसर दिए हैं. केवल राष्ट्र से लेने की मानसिकता के स्थान पर अब राष्ट्र को कुछ लौटाने की भावना प्रत्येक नागरिक के भीतर जागृत होनी चाहिए. यह उद्गार भारतीय सिंधु सभा के महाराष्ट्र प्रांत महामंत्री तुलसीदास साधवानी ने नागपुर में आयोजित भारतीय सिंधु सभा के दो दिवसीय अभ्यास वर्ग में व्यक्त किए.
महाराष्ट्र के विभिन्न जिलों से आए पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए साधवानी ने कहा कि किसी भी समाज की प्रगति केवल संसाधनों से नहीं, बल्कि उसके लोगों की सेवा, समर्पण और राष्ट्रनिष्ठा से होती है. समाज के सक्षम और जागरूक लोग जब अपना समय, प्रतिभा, श्रम और सामर्थ्य राष्ट्रहित में समर्पित करते हैं, तभी वह समाज समृद्ध, संगठित और सम्मानित बनता है. उन्होंने कहा कि राष्ट्र और समाज से प्राप्त अवसरों तथा सहयोग के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का सबसे प्रभावी माध्यम राष्ट्रसेवा और समाजसेवा है. प्रत्येक व्यक्ति को अपने सामर्थ्य के अनुसार समाज और राष्ट्र के लिए योगदान देने का संकल्प लेना चाहिए.
तुलसीदास साधवानी ने सिंधु संस्कृति की गौरवशाली विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि विश्व की प्राचीनतम संस्कृतियों में शामिल सिंधु संस्कृति ने सदैव मानवता को देने का कार्य किया है. इसी सांस्कृतिक धारा ने ज्ञान, सभ्यता और जीवन मूल्यों की समृद्ध परंपरा विकसित की. उन्होंने कहा कि इस महान विरासत के उत्तराधिकारी होने के नाते सिंधी समाज की जिम्मेदारी और अधिक बढ़ जाती है कि वह राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाता रहे. उन्होंने कहा कि सिंधी समाज की राष्ट्रभक्ति, सेवा और समर्पण की भावना को राष्ट्रीय स्तर पर भी सम्मान प्राप्त हुआ है. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत द्वारा सिंधी समाज को धर्म रक्षक योद्धा कहकर सम्मानित किया जाना समाज की गौरवशाली परंपरा का प्रतीक है. साथ ही यह नई पीढ़ी को समाज और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों का स्मरण भी कराता है.
* संगठन सशक्तीकरण और समाजसेवा पर हुआ मंथन
दो दिवसीय अभ्यास वर्ग में संगठन विस्तार, समाजसेवा, संस्कार निर्माण, राष्ट्रभावना, युवा सहभागिता तथा संगठन को अधिक प्रभावी बनाने जैसे विषयों पर विस्तृत मार्गदर्शन और प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए गए. विभिन्न क्षेत्रों से आए कार्यकर्ताओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए अपने अनुभव साझा किए.
* बड़ी संख्या में पदाधिकारी रहे उपस्थित
अभ्यास वर्ग में भारतीय सिंधु सभा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष राजेश वाधवानी, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष महेंद्र तीर्थानी, राष्ट्रीय संरक्षक घनश्यामदास कुकरेजा, दिनेश तहेलानी, प्रांत अध्यक्ष सुरेश हेमनानी, महाराष्ट्र प्रांत महामंत्री तुलसीदास साधवानी, युवा अध्यक्ष गुलशन उदासी सहित महाराष्ट्र भर से आए अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे.
* सफल आयोजन के लिए स्थानीय टीम की सराहना
नागपुर में आयोजित इस अभ्यास वर्ग का नियोजन और संचालन घनश्यामदास कुकरेजा, नगरसेविका प्रमिला मथरानी तथा स्थानीय कार्यकर्ताओं ने सुव्यवस्थित ढंग से किया. आयोजन की सफलता में योगदान देने वाले जगदीश वंजानी, मंजू कुंगवानी, किशोर लालवानी सहित सभी स्थानीय कार्यकर्ताओं के कार्यों की उपस्थित पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने सराहना की. अभ्यास वर्ग के समापन पर उपस्थित कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रसेवा, समाजसेवा और संगठन विस्तार के लिए नए उत्साह एवं संकल्प के साथ कार्य करने का संकल्प व्यक्त किया.





