समृद्धि महामार्ग पर हादसों से ज्यादा मौतों का आंकडा चिंताजनक

इस वर्ष 8 माह में 142 दुर्घटनाएं, 128 मौते

हर 10 हादसों में करीब 9 बने जानलेवा
नागपुर/दि.29 – समृद्धि महामार्ग पर दुर्घटनाओं की संख्या राज्य के अन्य प्रमुख महामार्गों की तुलना में भले ही सीमित हो, लेकिन हादसे के बाद होने वाली मौतों का अनुपात बेहद गंभीर है. सूचना के अधिकार के तहत प्राप्त आंकडों से सामने आया है कि, जनवरी से अगस्त 2026 के आठ महीनों में समृद्धि महामार्ग पर 142 दुर्घटनाएं हुई और इनमें 128 लोगों की मौत हुई. यानी दर्ज किए गए प्रत्येक 10 हादसों में लगभग 9 हादसे जानलेवा साबित हुए. समृद्धि महामार्ग पर मौतों का यह अनुपात अन्य एक्सप्रेसवे की तुलना में भी अधिक दिखाई देता है.
इसी अवधि में मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर 105 दुर्घटनाओं में 39 लोगों की मौत हुई. यानी वहां 100 दुर्घटनाओं पर करीब 38 मौतें हुई. जबकि समृद्धि महामार्ग पर यह अनुपात करीब 90 मौतों का है. हालांकि दोनों महामार्गों की लंबाई, सडक संरचना, यातायात और दुर्घटनाओं की प्रकृति अलग-अलग होने के कारण इन आंकडों की तुलना करते समय इन पहलुओं को ध्यान में रखना जरुरी है.
राष्ट्रीय और राज्य महामार्गों पर भी गंभीर स्थिति – आरटीआई से प्राप्त आंकडों के अनुसार 2025 में महाराष्ट्र के राष्ट्रीय महामार्गों पर 11,381 दुर्घटनाओं में 5,941 लोगों की मौत हुई. यानी करीब 52 प्रतिशत दुर्घटनाएं जानलेवा रही. इसी वर्ष राज्य महामार्गों पर 5,745 दुर्घटनाओं में 3,227 मौतें हुई. यहां मृत्यु का अनुपात करीब 56 प्रतिशत रहा. वर्ष 2024 में राष्ट्रीय महामार्गों पर 11,285 दुर्घटनाओं में 5,812 लोगों की मौत हुई थी, जबकि राज्य महामार्गों पर 5,814 दुर्घटनाओं में 3,169 लोगों ने जान गंवाई थी. यानी 2025 में राष्ट्रीय महामार्गों पर दुर्घटनाओं की संख्या बढी, जबकि राज्य महामार्गों पर दुर्घटनाएं कुछ कम हुई. इसके बावजूद राज्य महामार्गों पर मौतों की संख्या बढी.
समृद्धि पर एक साल में बढे हादसे और मौतें – समृद्धि महामार्ग के उपलब्ध आंकडे भी 2024 से 2025 के बीच स्थिति बिगडने का संकेत देते है. 2024 में 137 दुर्घटनाओं में 126 लोगों की मौत हुई थी. वहीं 2025 में दुर्घटनाओं की संख्या बढकर 202 और मृतकों की संख्या 173 हो गई. इससे स्पष्ट होता है कि, केवल दुर्घटनाओं की संख्या ही नहीं, बल्कि हादसों की गंभीरता और उनसे होने वाली जनहानि भी अलग चिंता का विषय है.
दुर्घटनाओं में पुरुषों की संख्या अधिक – राज्य में सडक दुर्घटनाओं में जान गंवाने वालों में पुरुषों की संख्या महिलाओं की तुलना में काफी अधिक है. 2025 में सडक हादसों में 13,991 पुरुष और 2,039 महिलाओं की मौत हुई. वहीं 18 वर्ष से कम उम्र के 409 लोगों को भी जान गंवानी पडी. जनवरी से अगस्त 2026 के दौरान 8,992 पुरुष और 1,294 महिलाओं की मौत दर्ज की गई है.

* इस साल हर माह औसतन 18 हादसे, 16 मौतें
– 2025 में पूरे वर्ष समृद्धि महामार्ग पर 202 दुर्घटनाओं में 173 लोगों की मौत हुई थी. इसके मुकाबले 2026 के शुरुआती आठ महीनों में ही पिछले पूरे साल की दुर्घटनाओं का करीब 70 प्रतिशत आंकडा सामने आ चुका है. इसी अवधि में मौतों की संख्या भी 2025 के पूरे साल के करीब 74 प्रतिशत तक पहुंच गई है.
– मासिक औसत के अनुसार, इस वर्ष समृद्धि महामार्ग पर हर महीने करीब 18 दुर्घटनाएं और 16 मौतें दर्ज हुई है. ऐसे में दुर्घटनाओं की संख्या के साथ-साथ हादसों की गंभीरता, सडक सुरक्षा उपायों और समय पर राहत एवं चिकित्सा व्यवस्था पर भी ध्यान देने की जरुरत सामने आती है.

Back to top button