‘बालकृष्ण धाम’ के निर्माण का रास्ता साफ, भूमि रजिस्ट्री पूरी

मालू सिटी रेवसा में साकार होगा ‘इस्कॉन आरवीसीसी बालकृष्ण धाम’

* 108 फीट ऊंचा भव्य श्रीकृष्ण-रुक्मिणी रथ मंदिर मंदिर बनेगा विदर्भ की नई पहचान
अमरावती/दि.21 – अमरावती और विदर्भ के बहुप्रतीक्षित आध्यात्मिक प्रकल्प ‘इस्कॉन आरवीसीसी बालकृष्ण धाम’ को गुरुवार को महत्वपूर्ण प्रशासनिक और कानूनी मजबूती मिली. रेवसा स्थित मालू सिटी परिसर में प्रस्तावित इस भव्य परियोजना के लिए 20 अगस्त 2026 को स्टाम्प शुल्क का भुगतान कर भूमि की विधिवत रजिस्ट्री प्रक्रिया पूरी कर ली गई. इसके साथ ही मंदिर निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण चरण सफलतापूर्वक पूरा हो गया है. करीब ढाई एकड़ अर्थात लगभग एक लाख वर्गफुट भूमि पर विकसित होने वाली इस परियोजना में भगवान श्रीकृष्ण को समर्पित 108 फीट ऊंचा ‘रुक्मिणी रथ मंदिर’ तथा एक विशाल आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और सेवा केंद्र का निर्माण किया जाएगा. परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 50 करोड़ रुपये बताई गई है.
* भूमि पूजन के बाद अब रजिस्ट्री का महत्वपूर्ण पड़ाव
इस ऐतिहासिक परियोजना का भूमि पूजन 8 मई 2025 को भव्य धार्मिक समारोह में किया गया था. अब भूमि की विधिवत रजिस्ट्री पूरी होने के बाद परियोजना को कानूनी और प्रशासनिक रूप से नई मजबूती मिली है. रजिस्ट्री प्रक्रिया के दौरान इस्कॉन अमरावती की ओर से क्षेत्रीय सचिव सहायक अनंतनेष प्रभु ने हस्ताक्षर किए. इस अवसर पर मंदिर अध्यक्ष अद्वैत आचार्य प्रभु सहित अनेक श्रद्धालु और पदाधिकारी उपस्थित रहे.
* स्वर्गीय प्रवीण मालू के सपने को परिवार दे रहा आकार
इस भव्य मंदिर की संकल्पना इस्कॉन के आजीवन सदस्य स्वर्गीय प्रवीण मालू के सपने से जुड़ी हुई है. उनकी इच्छा थी कि अमरावती में ऐसा श्रीकृष्ण धाम स्थापित हो, जहां आध्यात्मिकता, भारतीय संस्कृति और संस्कारों का प्रचार-प्रसार हो सके. उनके निधन के बाद परिवार ने इस संकल्प को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया. परियोजना को आगे बढ़ाने में वरुण मालू, प्रज्वल मालू, पूर्वा मालू, प्रिया मालू और सूरज तलडा महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं. मालू परिवार ने भूमि दान के साथ-साथ मंदिर निर्माण में भी विशेष सहयोग का संकल्प लिया है.
* वर्षा ऋतु के बाद तेज होगा निर्माण कार्य
इस्कॉन प्रबंधन के अनुसार परियोजना की प्रारंभिक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. परिसर में साइट कार्यालय और कुएं का निर्माण हो चुका है. रजिस्ट्री प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब वर्षा ऋतु समाप्त होते ही मुख्य मंदिर और संपूर्ण परिसर के निर्माण कार्य को गति दी जाएगी.
* केवल मंदिर नहीं, बनेगा आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक केंद्र
‘बालकृष्ण धाम’ परिसर में मंदिर के साथ-साथ संस्कार भवन, अन्न क्षेत्र, प्रसाद वितरण केंद्र, अतिथि निवास, गोविंदा रेस्टोरेंट, गुरुकुल, गौशाला, आश्रम, आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक शिक्षा केंद्र तथा बच्चों के लिए संस्कार एवं खेल परिसर विकसित किए जाएंगे. इसके अलावा हरिनाम संकीर्तन, भगवद्गीता और श्रीमद्भागवत अध्ययन, युवा प्रशिक्षण, बाल संस्कार शिविर तथा विभिन्न सामाजिक सेवा गतिविधियों का भी नियमित आयोजन किया जाएगा.
* विदर्भ की नई आध्यात्मिक पहचान बनने की उम्मीद
परम पूज्य लोकनाथ स्वामी महाराज के मार्गदर्शन में विकसित हो रही यह परियोजना अमरावती और विदर्भ की आध्यात्मिक पहचान को नई ऊंचाई देने वाली मानी जा रही है. इस्कॉन अमरावती के पदाधिकारियों ने विश्वास व्यक्त किया है कि भूमि रजिस्ट्री पूरी होने के बाद परियोजना अब और तेजी से आगे बढ़ेगी तथा आने वाले वर्षों में 108 फीट ऊंचा रुक्मिणी रथ मंदिर विदर्भ के प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्रों में शामिल होगा.

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