हाईकोर्ट ने 24 जुलाई 2025 के आदेश पर अमल का दिया निर्देश

पीओपी गणेश प्रतिमाओं के प्राकृतिक जलाशयों में विसर्जन पर कोर्ट से राहत

मुंबई/दि.21 – मुंबई हाईकोर्ट से गुरूवार को प्लास्टर ऑफ पेरिस (पीओपी) की गणेश प्रतिमाओं के प्राकृतिक जलाशयों में विसर्जन को लेकर गणेश भक्तों को बडी राहत मिली है. अदालत ने 14 अगस्त को पीओपी प्रतिमाओं के प्राकृतिक जलाशयों में विसर्जन पर रोक लगाने के अपने अंतरिम आदेश में बदलाव किया है.
अदालत ने अंतिम फैसला आने तक पिछले साल 24 जुलाई 2025 के उस अंतरिम आदेश पर अमल करने का निर्देश दिया. जिसमें 6 फीट से कम उंची पीओपी की गणपति प्रतिमाओं को कृत्रिम तालाब और उससे उंची गणपति प्रतिमाओं को समुद्र समेत प्राकृतिक जलाशयों में विसर्जन की अनुमति दी गई थी.
* राज्य सरकार के आग्रह को स्वीकार कर लिया
अदालत की पीठ के समक्ष रोहित मनोहर जोशी की ओर से वकील रोनिता भट्टाचार्य की दायरा जनहित याचिका(पीआईएल) पर सुनवाई हुई. इस दौरान राज्य के महाधिवक्ता मिलींद साठे ने 14 अगस्त के पीठ के उस अंतरिम आदेश को संज्ञान में लाया जिसमें उनके अपना फैसला सुरक्षित रखते हुए 9 जून 2025 के हाई कोर्ट के फैसले पर अमल करने का निर्देश दिया था. जिसमें पीओपी की मूर्तियां बनाने और बिक्री पर प्रतिबंध नहीं था,लेकिन अदालत की अनुमति के बिना गणेश प्रतिमाओं को समुद्र समेत प्राकृतिक जलाशयों में विसर्जन पर रोक थी. उन्होंने पिछले साल 24 जुलाई के अंतरिम आदेश पर अमल का आग्रह किया. इसके बाद पीठ ने राज्य सरकार के आग्रह को स्वीकार कर लिया. पीठ का अंतिम फैसला आने तक, अंतरिम आदेश के तहत 6 फीट से छोटी पीओपी प्रतिमाओं का कृत्रिम तालाब में विसर्जन और उससे बडी पीओपी प्रतिमाओं का प्राकृतिक जलाशयों में विसर्जन की अनुमति होगी.

Back to top button