शिक्षकों की जिम्मेदारी आज बढ़ गई है
जनसंवाद विषय के अभ्यासक डॉ. बबन नाखले का प्रतिपादन

अमरावती/दि.8– बिगड़ती शिक्षा व्यवस्था में शिक्षण संस्थानों की स्थिति चिंताजनक हो गई है. सरकार द्वारा अपनी जिम्मेदारी से पीछे हटने के कारण आज शिक्षकों की जिम्मेदारी और अधिक बढ़ गई है. यह प्रतिपादन जनसंवाद विषय के अभ्यासक एवं लेखक डॉ. बबन नाखले ने किया.
श्री शिवाजी कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय के डॉ. पंजाबराव देशमुख सभागार में आयोजित शिक्षक दिवस कार्यक्रम में वे प्रमुख अतिथि के रूप में बोल रहे थे. पत्रकारिता एवं जनसंवाद विभाग की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रभारी प्राचार्य डॉ. जयराम गायकवाड़ ने की. इस अवसर पर अर्थशास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ. किशोर साबले, जनसंवाद विभागाध्यक्ष डॉ. कुमार बोबडे तथा राष्ट्रीय सेवा योजना की कार्यक्रम अधिकारी डॉ. नीता गिरी प्रमुख रूप से उपस्थित थीं. कार्यक्रम में डॉ. बबन नाखले ने आकाशवाणी के कार्यक्रम अधिकारी तथा जनसंवाद विषय के प्राध्यापक के रूप में अपने अनुभव साझा किए. कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे डॉ. जयराम गायकवाड़ ने शिक्षकों से विद्यार्थियों के साथ अधिक मैत्रीपूर्ण व्यवहार रखते हुए उनके प्रतिभा एवं कलागुणों को विकसित करने का आह्वान किया.
जनसंवाद विभाग की छात्राओं हिमानी ढोबले एवं भूमिका मंगवानी ने कार्यक्रम का संचालन किया. विद्यार्थियों ने उपस्थित सभी प्राध्यापकों का गुलाब का फूल देकर स्वागत किया. इस अवसर पर डॉ. बबन नाखले का शाल एवं पुष्पगुच्छ देकर सत्कार किया गया. कार्यक्रम का प्रास्ताविक डॉ. कुमार बोबडे ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन डॉ. नीता गिरी ने किया. कार्यक्रम के आयोजन के लिए प्रा. प्रतीक करंडे, प्रा. गजानन गडेकर, प्रा. रूपेश फसाटे, प्रा. मनीष भंकाळे, प्रा. सर्वेश मराठे एवं प्रा. मनीषा देशमुख के मार्गदर्शन में ईशा पछेल और हिमानी ढोबले के नेतृत्व में जनसंवाद विभाग के विद्यार्थियों ने परिश्रम किया. राष्ट्रीय सेवा योजना का कार्यक्रम को सहयोग मिला.





