18 वर्षों का टूटा रिकॉर्ड, अमरावती का पारा 40 डिग्री
अक्तूबर हीट में चंद्रपुर, ब्रह्मपुरी रह गए पीछे

प्रा. डॉ. अनिल बंड ने बताई अमरावती हॉट होने की वजहें
अमरावती/दि.7 – आखिरकार अक्तूबर हीट का 18 वर्षों का कीर्तिमान आज भंग हो गया, जब अमरावती का पारा 39.7 डिग्री तक जा पहुंचा. जिससे स्पष्ट है कि, अमरावती के लोग भीषण गर्मी झेल रहे हैं. हालांकि राहत वाला समाचार यह है कि, अगले दो दिनों में पारा घसरना शुरु हो जाएगा. तापमान अधिकतम 35-36 डिग्री रहने की संभावना जानकारों ने व्यक्त की है. उसी प्रकार मौसम विशेषज्ञ से चर्चा की तो उन्होंने बताया कि, अमरावती में कांक्रीट तेजी से गर्म हो रहा है और एंटीसायक्लोनिक हवाओं के बहने से भी गर्मी बढ गई है, ऐसा केवल राजस्थान में मोटे तौर पर होता है.
अमरावती के तापमान को लेकर मौसम विभाग ने आंकडे जारी किए हैं. रविवार को पारा 38 डिग्री हो जाने के बाद सोमवार और मंगलवार को कुछ राहत मिली ही थी कि, बुधवार को पारा उछल गया. 40 डिग्री के पास पहुंच गया. आम तौर पर यहां 40 डिग्री तापमान मार्च-अप्रैल में दर्ज होता है. वह अक्तूबर में दर्ज होने से हर कोई मारे गर्मी के त्राहि-त्राहि कर उठा हैं. बेशक अवर्षा का भी बडा कारण रहा है.
अमरावती के प्रसिद्ध मौसम तज्ञ प्रा. डॉ. अनिल बंड से अमरावती मंडल ने चर्चा की. प्रा. बंड ने स्पष्ट कहा कि, बीते 15 दिनों से लगातार तेज धूप चल रही है. वर्षा का नामोनिशान नहीं है. अमरावती में कांक्रीट की सडकें गली-गली में बना दी गई है. जिसका दुष्परिणाम है कि, अक्तूबर हीट सभी को नामोहराम कर रही है. 17-18 वर्षों का कीर्तिमान भंग हो गया है.
* पेडों का आच्छादन हुआ आधा
प्रा. डॉ. अनिल बंड ने स्पष्ट कहा कि, पेडों का कवर समस्त अमरावती में कम हुआ है. नुमाइंदे ही नगर पालिका और मनपा द्वारा खरीदी गई आधुनिक मशीनों का उपयोग कर पेडों की इस-उस कारण से बेहिसाब कटाई कर रहे हैं. संपूर्ण डालियां छांटकर केवल ठूंठ रखे जा रहे हैं. इसका भी कारण है कि, पारा उछला है. उन्होंने दावा किया कि, पूर्व विदर्भ के चंद्रपुर और ब्रह्मपुरी की तुलना में अमरावती-अकोला का पारा इन्हीं कारणों से चढा है.
* उलटी बह रही हवाएं
प्रा. डॉ. अनिल बंड ने बताया कि, राजस्थान समान एंटीसायक्लोनिक हवाएं पश्चिम विदर्भ के उपर बह रही है. यह उपर से नीचे बहती है. इसका भी गर्मी बढाने में योगदान है. सभी बातें जुड रही है. बारिश की कमी है. पेड-पौधे कांटे जा रहे है. सडकों पर कांक्रीट फैला दी गई है. जिसके कारण अमरावती और आसपास तापमान लगातार उछाल ले रहा है. सामान्य लोग गर्मी से झुलस रहे हैं.
* आनेवाले दिनों में राहत
प्रा. बंड ने अनुमान जताया कि, अगले 2-3 दिनों में पारा घसरेगा. अमरावती वासियों को भीषण गर्मी से थोडी निजात मिलेगी. उन्होंने बताया कि, 40 डिग्री से आगे पारा नहीं चढेगा. बल्कि अब दिन-ब-दिन तापमान में राहत मिलने की उम्मीद है. बता दें कि, अमरावती में शरद पूर्णिमा से गुलाबी ठंड का एहसास प्रारंभ हो जाता है. आने वाले पखवाडे भर में गर्मी से राहत और गुलाबी ठंड की आहट का यहां के सभी इंतजार कर रहे हैं.





