राजस्थान रॉयल्स के कारण राष्ट्रीय पहचान बना तलेगांव शा.पंत
अमरावती जिले की सीमा पर तलेगांव में स्थित है हायपरफॉर्मन्स सेंटर

* छोटे से गांव में चल रही हैं विश्वस्तरीय शानदार क्रिकेट अकादमी
* देश विदेश के क्रिकेटर अकादमी में आकर हासिल करते है उच्चस्तरीय प्रशिक्षण
* यशस्वी जयस्वाल एवं वैभव सुर्यवंशी जैसे क्रिकेटरों की खोज का श्रेय तलेगांव की अकादमी को
* क्रिकेट के प्रति हद से ज्यादा जुनून रखनेवाले रोमी भिंडर पर है अकादमी के संचालन का जिम्मा
अमरावती/दि.25- इस समय पूरे देश में आयपीएल क्रिकेट टूर्नामेंट का खुमार छाया हुआ है और गत रोज आयपीएल 2026 टुर्नामेंट में लीग स्टेज का सबसे बडा सस्पेंस आखिरकार उस वक्त खत्म हो गया. जब मुंबई के वानखेडे स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में राजस्थान रॉयल्स ने मुंबई इंडियन्स को हराते हुए प्ले ऑफ के आखरी टिकट पर कब्जा किया. आईपीएल 2026 के प्ले ऑफ में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू ने 18 अंको और शानदार नेट रन रेट के दम पर टॉप पोजिशन हासिल की. गुजरात टाइटंस भी 18 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर रही. सनराइजर्स हैदराबाद ने पूरे सीजन में आक्रामक क्रिकेट खेलते हुए तीसरा स्थान अपने नाम किया, जबकि राजस्थान रॉयल्स चौथी टीम बनी. राजस्थान रॉयल्स की इस जीत के साथ ही अमरावती जिले की सीमा पर वर्धा जिला अंतर्गत तलेगांव श्यामजीपंत में स्थित हाय परफॉमेन्स सेंटर (एचपीसी) नामक क्रिकेट प्रशिक्षण अकादमी की चर्चा जबरदस्त ढंग से शुरू हो गई हैं.
बता दें कि तलेगांव श्यामजीपंत में क्रिकेट के प्रति हद से ज्यादा जुनून रखनेवाले क्रिकेटर रोमी भिंडर द्बारा स्थापित व संचालित क्रिकेट अकादमी को राजस्थान रॉयल्स की टीम द्बारा अपना हाय परफॉर्मन्स सेंटर बनाया गया है. जहां पर राजस्थान रॉयल्स टीम में शामिल रहनेवाले सभी खिलाडियों के लिए प्रैक्टीस व प्रशिक्षण की विश्वर स्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराई गई है. साथ ही इस क्रिकेट अकादमी में मिलनेवाले जबरदस्त प्रशिक्षण एवं यहां होनेवाली शानदार प्रैक्टिस की बदौलत ही राजस्थान रॉयल्स टीम में शामिल रहनेवाले देश विदेश के क्रिकेट खिलाडियों द्बारा आयपीएल टुर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया जाता है. यही वजह है कि अमरावती जिले की सीमा पर बसा छोटा सा गांव तलेगांव दशासर आज देशभर में क्रिकेट प्रशिक्षण के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में अपनी पहचान बना चुका है.
* प्रकृति की गोद में बसा हुआ है ‘आरआर’ का ‘एचपीसी’
उल्लेखनीय है कि तलेगांव श्यामजीपंत में राजस्थान रॉयल्स का अत्याधुनिक हाई-परफॉर्मेंस सेंटर है, जहां देश के कई उभरते क्रिकेटरों ने प्रशिक्षण लेकर अपनी प्रतिभा निखारी है. प्राकृतिक वातावरण के बीच स्थित यह हाई-परफॉर्मेंस सेंटर राजस्थान रॉयल्स फ्रेंचाइजी का प्रमुख प्रशिक्षण केंद्र माना जाता है. वर्ष 2010 में शुरू किए गए इस केंद्र में खिलाड़ियों के लिए विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं. यहां विभिन्न प्रकार की मिट्टी वाली क्रिकेट पिचें, इंडोर एवं आउटडोर नेट्स, आधुनिक जिम, स्विमिंग पूल तथा आवासीय सुविधा मौजूद है. इस केंद्र से कई युवा क्रिकेटरों का करियर संवर चुका है.
ज्ञात रहे कि भारतीय क्रिकेट टीम के युवा बल्लेबाज यशस्वी जयस्वाल तथा विकेटकीपर बल्लेबाज धु्रव जुरेल ने यहां विशेष प्रशिक्षण प्राप्त किया. दोनों खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन कर इस अकादमी का नाम रोशन किया है. राजस्थान रॉयल्स की स्काउटिंग प्रक्रिया के दौरान इसी केंद्र में प्रतिभावान खिलाड़ियों की खोज की जाती है. हाल के वर्षों में युवा क्रिकेटर वैभव सुर्यवंशी का चयन भी यहां आयोजित ट्रायल्स के माध्यम से चर्चा का विषय बना.
क्रिकेट विशेषज्ञों के अनुसार, विदर्भ क्षेत्र के ग्रामीण इलाके में इतनी आधुनिक क्रिकेट सुविधा का विकसित होना क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है. इससे स्थानीय खिलाड़ियों को भी उच्चस्तरीय प्रशिक्षण का अवसर मिल रहा है और तलेगांव श्यामजीपंत की पहचान राष्ट्रीय क्रिकेट मानचित्र पर मजबूत हुई है.
* रोमी भिंडर की समर्पित सेवा का सार्थक परिणाम
मुलत: वाशिम जिला निवासी तथा विगत कई वर्षों से अमरीका में रह रहे भारतीय मूल के व्यवसायी काल सोमानी द्बारा एक वर्ष पूर्व ही राजस्थान रॉयल्स की फ्रेंचायसी को 15,300 करोड रुपयों में खरीदा गया, वहीं राजस्थान रॉयल्स की टीम को प्रशिक्षित करने हेतु वर्ष 2010 के दौरान अमरावती जिले की सीमा पर स्थित तलेगांव श्यामजीपंत में हाई परफॉर्मन्स सेंटर की स्थापना की गई. जिसके संचालन की पूरी जिम्मेदारी क्रिकेट के प्रति हद से ज्यादा जुनून रखने वाले रोमी भिंडर द्बारा स्वीकार की गई और तब से लेकर अब तक रोमी भिंडर इस क्रिकेट ट्रेनिंग अकादमी का जबरदस्त ढंग से संचालन कर रहे हैं. विशेष उल्लेखनीय यह है कि चार माह पहले रोमी भिंडर की अचानक ही तबीयत काफी खराब हो गई थी और उन्हें सांस लेने में तकलीफ हो रही थी. जिसके चलते उन्हें इलाज के लिए नागपुर में एडमिट कराने के साथ ही वेस्ट इंडिज से डॉक्टर को बुलाते हुए एक विशेष तरह की मशीन भी बुलाई गई थी और उन्हें करीब एक माह तक अज्ञातवास व एकांतवास में भी रखा गया था. जहां से वापीस लौटते ही रोमी भिंडर एक बार फिर अकादमी को संचालित करने तथा राजस्थान रॉयल्स के क्रिकेटरों को प्रशिक्षित करने के काम में जुट गए. जिसमें उन्हें उनकी पत्नी का भी पूरा साथ मिला. * 10 वर्ष की उम्र में वैभव आए थे तलेगांव
इस समय अपनी ताबडतोब बल्लेबाजी के दमदार आयपीएल सहित क्रिकेेट जगत में तेजी के साथ लोकप्रिय हुए वैभव सुर्यवंशी जब 10 वर्ष के थे तक वे अपने पिता के साथ तलेगांव स्थित क्रिकेट अकादामी में पहुंचे थे और उन्होंने नेट प्रैक्टिस के दौरान धुआधार बल्लेबाजी करते हुए 76 छक्के मारे थे. यह देखकर ही एचपीसी के संचालक रोमी भिंडर ने वैभव सुर्यवंशी को भविष्य के लिहाज से एक बेहतर खिलाडी के तौर पर तैयार करना शुरू किया था. लगभग कुछ ऐसी ही कहानी यशस्वी जयस्वाल की भी हैं. जिनकी क्रिकेट प्रतिभा को बहुत कम उम्र में खोजते हुए उनके कौशल्य को इसी एचपीसी में तराशा गया.
* जोफ्रा आर्चन भी आ चुके तलेगांव एचपीसी में
कल मुंबई के वानखेडे स्टेडियम में मुंबई इंडियन्स के खिलाफ राजस्थान रॉयल्स की ओर से खेलते हुए विस्फोटक बल्लेबाजी व बेहद घातक गेंदबाजी करने के साथ ही जबरदस्त पारी खलनेवाले जोफ्रा आर्चर ने 32 रन जुटाए और दो कैच लपकने के साथ ही तीन विकेट भी झटके. जिसकी बदौलत कल के मैच में राजस्थान रॉयल्स की टीम विजयी रही. खास बात यह भी है कि जोफ्रा आर्चर भी तलेगांव दशासर स्थित एचपीसी में आकर नेट प्रैक्टिस कर चुके है. जिनके अकादमी संचालक रोमी भिंडर के साथ शानदार संबंध भी है.
* सनत जयसुर्या के बेटे राफेन ने भी अकादमी में लिया प्रशिक्षण
श्रीलंका की वल्डकप विजेता रही टीम के कप्तान रह चुके सनत जयसुर्या के बेटे व क्रिकेटर राफेन जयसुर्या भी तलेगांव श्यामजीपंत स्थित रोमी भिंडर की क्रिकेट अकादमी में प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं. जिसके बदौलत राफेन जयसुर्या का क्रिकेट कौशल्य सुधरा और उनका क्रिकेट में करियर भी बना.





